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रिश्वत लेते पकड़े एसपी के रीडर मामले में नया मोड़
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रिश्वत लेते पकड़ा गया एसपी का रीडर नहीं, कंप्यूटर आपरेटर था
- अदालत में विजिलेंस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में आया सामने
- आरोपी लोगों को एसपी का रीडर बताकर मिलता था, एसपी के ऑफिस में तैनाती संबंधी आदेश भी नहीं थे
- अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विजिलेंस द्वारा पांच हजार रिश्वत लेते पकड़े गए हवलदार को सोमवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया। इस दौरान विजिलेंस ने आरोपी का रिमांड लेने के लिए अदालत में कई चौंकाने वाले तर्क दिए, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया।
विजिलेंस ने अदालत में बताया कि आरोपी हवलदार से पूछताछ में पता चला है कि वह खुद लोगों को एसपी सिटी-1 का रीडर बताता था, लेकिन हकीकत में वह ऑफिस में कंप्यूटर आपरेटर लगा हुआ था। इतना ही नहीं उसकी एसपी सिटी ऑफिस में तैनाती संबंधी कोई सरकारी आदेश नहीं थे। विजिलेंस के सूत्रों का कहना है कि वह लगभग चार महीने पहले पुलिस लाइन में था। विजिलेंस अब रिमांड के दौरान इस बात का पता लगाएगी कि उसे एसपी ऑफिस में किसने तैनात किया। उसने अपनी तैनाती के दौरान किन-किन केसों की जांच की।
जिक्रयोग है कि विजिलेंस ने आरोपी हवलदार जसविंद्र सिंह को 8 फरवरी को बबीता सूरी नाम की महिला से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। महिला का आरोप था कि उसके पति के खिलाफ दर्ज केस में मदद करने के बदले हेड कांस्टेबल जसविंद्र सिंह द्वारा दस हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन मामला 5 हजार रुपये में बात तय हो गई थी। आरोपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत विजिलेंस ब्यूरो के पुलिस स्टेशन मोहाली में केस दर्ज किया गया था।
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- अदालत में विजिलेंस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में आया सामने
- आरोपी लोगों को एसपी का रीडर बताकर मिलता था, एसपी के ऑफिस में तैनाती संबंधी आदेश भी नहीं थे
- अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। विजिलेंस द्वारा पांच हजार रिश्वत लेते पकड़े गए हवलदार को सोमवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया। इस दौरान विजिलेंस ने आरोपी का रिमांड लेने के लिए अदालत में कई चौंकाने वाले तर्क दिए, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया।
विजिलेंस ने अदालत में बताया कि आरोपी हवलदार से पूछताछ में पता चला है कि वह खुद लोगों को एसपी सिटी-1 का रीडर बताता था, लेकिन हकीकत में वह ऑफिस में कंप्यूटर आपरेटर लगा हुआ था। इतना ही नहीं उसकी एसपी सिटी ऑफिस में तैनाती संबंधी कोई सरकारी आदेश नहीं थे। विजिलेंस के सूत्रों का कहना है कि वह लगभग चार महीने पहले पुलिस लाइन में था। विजिलेंस अब रिमांड के दौरान इस बात का पता लगाएगी कि उसे एसपी ऑफिस में किसने तैनात किया। उसने अपनी तैनाती के दौरान किन-किन केसों की जांच की।
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जिक्रयोग है कि विजिलेंस ने आरोपी हवलदार जसविंद्र सिंह को 8 फरवरी को बबीता सूरी नाम की महिला से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। महिला का आरोप था कि उसके पति के खिलाफ दर्ज केस में मदद करने के बदले हेड कांस्टेबल जसविंद्र सिंह द्वारा दस हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन मामला 5 हजार रुपये में बात तय हो गई थी। आरोपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत विजिलेंस ब्यूरो के पुलिस स्टेशन मोहाली में केस दर्ज किया गया था।
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