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डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट से तय होंगे नवजात बच्चों के पेरेंटस
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डीएनए की रिपोर्ट से तय होंगे नवजात बच्चों के पेरेंट्स
सरकारी अस्पताल में वीरवार को हुई थी दो महिलाओं की डिलिवरी
एक ने लड़के और दूसरी महिला ने लड़की को दिया था जन्म, बाद में बच्चा बदलने का आरोप लगने पर हुआ था हंगामा
शुक्रवार को पुलिस ने बच्चों व उनके पेरेंट्स के डीएनए के सैंपल लिए
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। सरकारी अस्पताल खरड़ में पैदा हुए नवजात लड़के व लड़की के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट से तय होगा कि इनके असली पेरेंट्स कौन हैं। अस्पताल के सीनीयर मेडिकल अफसर डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टरों की मदद से नवजात बच्चों के मां-बाप के डीएनए सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा कि इनके असली मां-बाप कौन हैं। मामले की जांच कर रहे अधिकारी लखवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने उक्त सैंपल सील बंद करके भेज दिए हैं। अभी तक बच्चे परिजनों के पास ही हैं।
जिक्रयोग है कि सरकारी अस्पताल खरड़ में वीरवार को 17 मिनट के भीतर दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। एक महिला ने लड़के को जन्म दिया था जबकि दूसरी ने लड़की को। अस्पताल परिसर में उस समय हंगामा हो गया था जब दोनों ही परिवार इस बात पर अड़ गए थे कि उनका बेटा हुआ है। आरोप लगाया गया कि अस्पताल के स्टाफ ने बच्चा बदल दिया है। लगभग चार घंटे बाद तक भी फैसला नहीं हुआ तो सीनीयर मेडिकल अफसर डॉ. सुरिंदर सिंह ने निर्णय लिया कि दोनों बच्चों का शुक्रवार को डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा और आरोपी दाई के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल में दाखिल दो महिलाओं का मेजर सिजेरियन आपरेशन दो महिला डॉक्टरों ने किया था। पहला आपरेशन दोपहर 3:17 बजे गांव रूड़की की निवासी गोल्डी रानी का हुआ जिसे डॉ. कमलदीप कौर ने आपरेट किया। गोल्डी रानी ने लड़की को जन्म दिया। दूसरा आपरेशन 3:34 बजे गांव मानपुर निवासी संदीप कौर का हुआ। डा. सोनिया गुलाटी ने फाइल पर लिखा कि संदीप कौर ने लड़के को जन्म दिया है। इसके बाद आपरेशन थियेटर में काम करने वाली ट्रेंड दाई सुरिंदर कौर ने संदीप कौर के घरवालों को गोल्डी रानी द्वारा जन्मी लड़की थमा दी। दोनों ही परिवारों से बच्चों के कपड़े मंगवा कर कपड़े भी पहना दिए। संदीप कौर को दाई ने कहा कि उनके बेटी हुई है जबकि गोल्डी को बेटा सौंप दिया। दोनों परिवार बच्चे की खुशियां मना रहे थे। संदीप कौर के पति गुरमीत ने पत्नी की फाइल देखी जिस पर लिखा हुआ था कि उन्हें बेटा हुआ है जबकि उसकी पत्नी की गोद में बेटी थी। जब गुरमीत सिंह डॉक्टर के पास पहुंचा तो डॉक्टर ने स्पष्ट कहा कि उसकी पत्नी ने लड़के को जन्म दिया है। डॉक्टरों ने जांच की तो पाया कि दोनों परिवारों के बच्चे बदल गए हैं। इसके बाद दोनों परिवारों ने ही डॉक्टरों को कसूरवार ठहराना शुरू कर दिया।
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सरकारी अस्पताल में वीरवार को हुई थी दो महिलाओं की डिलिवरी
एक ने लड़के और दूसरी महिला ने लड़की को दिया था जन्म, बाद में बच्चा बदलने का आरोप लगने पर हुआ था हंगामा
शुक्रवार को पुलिस ने बच्चों व उनके पेरेंट्स के डीएनए के सैंपल लिए
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। सरकारी अस्पताल खरड़ में पैदा हुए नवजात लड़के व लड़की के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट से तय होगा कि इनके असली पेरेंट्स कौन हैं। अस्पताल के सीनीयर मेडिकल अफसर डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टरों की मदद से नवजात बच्चों के मां-बाप के डीएनए सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा कि इनके असली मां-बाप कौन हैं। मामले की जांच कर रहे अधिकारी लखवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने उक्त सैंपल सील बंद करके भेज दिए हैं। अभी तक बच्चे परिजनों के पास ही हैं।
जिक्रयोग है कि सरकारी अस्पताल खरड़ में वीरवार को 17 मिनट के भीतर दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। एक महिला ने लड़के को जन्म दिया था जबकि दूसरी ने लड़की को। अस्पताल परिसर में उस समय हंगामा हो गया था जब दोनों ही परिवार इस बात पर अड़ गए थे कि उनका बेटा हुआ है। आरोप लगाया गया कि अस्पताल के स्टाफ ने बच्चा बदल दिया है। लगभग चार घंटे बाद तक भी फैसला नहीं हुआ तो सीनीयर मेडिकल अफसर डॉ. सुरिंदर सिंह ने निर्णय लिया कि दोनों बच्चों का शुक्रवार को डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा और आरोपी दाई के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल में दाखिल दो महिलाओं का मेजर सिजेरियन आपरेशन दो महिला डॉक्टरों ने किया था। पहला आपरेशन दोपहर 3:17 बजे गांव रूड़की की निवासी गोल्डी रानी का हुआ जिसे डॉ. कमलदीप कौर ने आपरेट किया। गोल्डी रानी ने लड़की को जन्म दिया। दूसरा आपरेशन 3:34 बजे गांव मानपुर निवासी संदीप कौर का हुआ। डा. सोनिया गुलाटी ने फाइल पर लिखा कि संदीप कौर ने लड़के को जन्म दिया है। इसके बाद आपरेशन थियेटर में काम करने वाली ट्रेंड दाई सुरिंदर कौर ने संदीप कौर के घरवालों को गोल्डी रानी द्वारा जन्मी लड़की थमा दी। दोनों ही परिवारों से बच्चों के कपड़े मंगवा कर कपड़े भी पहना दिए। संदीप कौर को दाई ने कहा कि उनके बेटी हुई है जबकि गोल्डी को बेटा सौंप दिया। दोनों परिवार बच्चे की खुशियां मना रहे थे। संदीप कौर के पति गुरमीत ने पत्नी की फाइल देखी जिस पर लिखा हुआ था कि उन्हें बेटा हुआ है जबकि उसकी पत्नी की गोद में बेटी थी। जब गुरमीत सिंह डॉक्टर के पास पहुंचा तो डॉक्टर ने स्पष्ट कहा कि उसकी पत्नी ने लड़के को जन्म दिया है। डॉक्टरों ने जांच की तो पाया कि दोनों परिवारों के बच्चे बदल गए हैं। इसके बाद दोनों परिवारों ने ही डॉक्टरों को कसूरवार ठहराना शुरू कर दिया।
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