{"_id":"6876b73c1fd8af2ad2057e37","slug":"court-stays-search-of-majithias-house-directs-vigilance-to-do-only-valuation-mohali-news-c-71-1-spkl1025-131246-2025-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: मजीठिया के घर की गई सर्च पर अदालत ने लगाई रोक , विजिलेंस को केवल वैल्यूएशन के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: मजीठिया के घर की गई सर्च पर अदालत ने लगाई रोक , विजिलेंस को केवल वैल्यूएशन के निर्देश
विज्ञापन
मोहाली। विजिलेंस ने मंगलवार को अकाली नेता विक्रमजीत सिंह मजीठिया के अमृतसर, मजीठा और दिल्ली स्थित घरों का सर्च किया। इसी दौरान मजीठिया के वकील अर्शदीप कलेर ने कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की। वकील ने अदालत को बताया कि विजिलेंस जिन तीन घरों का सर्च कर रही है, वहां वह पहले ही सर्च कर चुकी है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि अदालत ने विजिलेंस के जी इन्वेस्टिगेशन अफसर को सर्च के निर्देश दिए थे। वह उन तीनों जगह पर सर्च के दौरान मौजूद नहीं थे।
इस कारण उन्होंने कानून के निर्देशों का उल्लंघन किया है। अदालत ने दलील सुनने के बाद इस सर्च पर तुरंत रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि विजिलेंस को केवल वैल्यूएशन की इजाजत दी गई है इसके अलावा वह सर्च नहीं कर सकती। इस दौरान अदालत ने निर्देश दिए कि विजिलेंस मजीठिया के वकील अर्शदीप कलेर को एक दिन पहले वैल्यूएशन करने वाली जगह की जानकारी देगी। इसके अलावा वकील अर्शदीप कलेर की मौजूदगी में ही वैल्यूएशन होगी।
पंजाब में आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अब जमानत पर जेल से बाहर आने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उनके वकीलों ने मोहाली कोर्ट में नियमित जमानत के लिए एप्लिकेशन दायर की है। कोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 22 जुलाई को होगी। मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। इस समय में वह न्यू नाभा जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
पहले बैरक बदलने की दायर की याचिका
इस समय मजीठिया नाभा जेल में न्यायिक रिमांड पर हैं। 19 जुलाई को उनका रिमांड खत्म हो रहा है। इससे पहले ही उनके वकीलों की तरफ से एक याचिका दायर की गई थी। इसमें जेल में उनकी बैरक बदलने की मांग की गई है। वकीलों ने याचिका में दलील दी है कि वह विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार ऑरेंज कैटेगरी की सुविधाएं दी जाएं और उन्हें अन्य सजायाफ्ता या अंडर ट्रायल कैदियों से अलग रखा जाए।
साथ ही, उन्होंने गिरफ्तारी के आधार (ग्राउंड ऑफ अरेस्ट) और जेल मैनुअल की कॉपी भी कोर्ट से मांगी है। हालांकि, उनके वकीलों का कहना है कि वह जेल में ठीक हैं। इस मामले में सरकार को नोटिस हुआ था लेकिन सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया है। अब मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी। वहीं, जेल में पत्नी ने मुलाकात की है।
इस महीने केस में होगी चार बार सुनवाई
मजीठिया केस में इस महीने अब चार बार सुनवाई होनी है। इनमें से तीन सुनवाई मोहाली जिला अदालत में होगी, जबकि एक सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। एक सुनवाई मजीठिया की बैरक बदलने की याचिका पर 17 जुलाई को होगी जबकि 19 तारीख को मजीठिया का न्यायिक रिमांड खत्म हो रहा है। वहीं, 22 जुलाई को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। इसके अलावा, रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका जो उनकी तरफ से लगाई गई थी, उस पर 28 जुलाई को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
विज्ञापन
इस कारण उन्होंने कानून के निर्देशों का उल्लंघन किया है। अदालत ने दलील सुनने के बाद इस सर्च पर तुरंत रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि विजिलेंस को केवल वैल्यूएशन की इजाजत दी गई है इसके अलावा वह सर्च नहीं कर सकती। इस दौरान अदालत ने निर्देश दिए कि विजिलेंस मजीठिया के वकील अर्शदीप कलेर को एक दिन पहले वैल्यूएशन करने वाली जगह की जानकारी देगी। इसके अलावा वकील अर्शदीप कलेर की मौजूदगी में ही वैल्यूएशन होगी।
विज्ञापन
पंजाब में आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अब जमानत पर जेल से बाहर आने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उनके वकीलों ने मोहाली कोर्ट में नियमित जमानत के लिए एप्लिकेशन दायर की है। कोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 22 जुलाई को होगी। मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। इस समय में वह न्यू नाभा जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
पहले बैरक बदलने की दायर की याचिका
इस समय मजीठिया नाभा जेल में न्यायिक रिमांड पर हैं। 19 जुलाई को उनका रिमांड खत्म हो रहा है। इससे पहले ही उनके वकीलों की तरफ से एक याचिका दायर की गई थी। इसमें जेल में उनकी बैरक बदलने की मांग की गई है। वकीलों ने याचिका में दलील दी है कि वह विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार ऑरेंज कैटेगरी की सुविधाएं दी जाएं और उन्हें अन्य सजायाफ्ता या अंडर ट्रायल कैदियों से अलग रखा जाए।
साथ ही, उन्होंने गिरफ्तारी के आधार (ग्राउंड ऑफ अरेस्ट) और जेल मैनुअल की कॉपी भी कोर्ट से मांगी है। हालांकि, उनके वकीलों का कहना है कि वह जेल में ठीक हैं। इस मामले में सरकार को नोटिस हुआ था लेकिन सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया है। अब मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी। वहीं, जेल में पत्नी ने मुलाकात की है।
इस महीने केस में होगी चार बार सुनवाई
मजीठिया केस में इस महीने अब चार बार सुनवाई होनी है। इनमें से तीन सुनवाई मोहाली जिला अदालत में होगी, जबकि एक सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। एक सुनवाई मजीठिया की बैरक बदलने की याचिका पर 17 जुलाई को होगी जबकि 19 तारीख को मजीठिया का न्यायिक रिमांड खत्म हो रहा है। वहीं, 22 जुलाई को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। इसके अलावा, रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका जो उनकी तरफ से लगाई गई थी, उस पर 28 जुलाई को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।