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Mohali News: 12वीं का छात्र स्कूल में हुआ बेहोश, अस्पताल में मौत हार्ट अटैक से मौत की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

Mon, 23 Sep 2024 07:06 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2024 07:06 PM IST
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12th class student fainted in school, died in hospital
प्राथमिक जांच के बाद सेक्टर 32 में किया गया रेफर, डाक्टरों ने किया मृत घोषित
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परिवार में शोक की लहर, दादा बोलते रहे कब आएगा मेरा परम
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। निजी स्कूल के 12वीं कक्षा के 18 वर्षीय छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। स्कूल प्रशासन के मुताबिक छात्र को चक्कर आया और वह जमीन पर गिर गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार आशंका जताई है कि छात्र की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। इस बात की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

जानकारी के अनुसार चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित निजी स्कूल जीएस मेमोरियल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बारहवीं कक्षा का छात्र परमदीप सिंह (18) पुत्र गुरपाल सिंह निवासी गांव रामगढ़ भूड्डा को प्रिंसिपल ऑफिस के सामने चक्कर आ गया। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। इसकी सूचना तुरंत परमदीप के परिवार को दी गई, जो परमदीप को एक निजी क्लिनिक ले गए, जहां से उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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वहां हालत नाजुक होने के कारण डाक्टरों ने जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। वहां डाॅक्टरों ने उसे ब्रॉड डेड घोषित कर दिया। परमदीप की मौत के बारे में जब स्कूल स्टाफ को पता चला तो स्कूल और परिजनों में शोक की लहर फैल गई।
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अब किसे राखी बांधुंगी
परम के परिवार को जैसे ही घटना की जानकारी मिली तो शोक की लहर फैल गई। परम परिवार का इकलौता लड़का था। वह अपनी बहन और माता पिता से बेहद प्यार करता था। उसकी बड़ी बहन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, वह बस यही बोलती जा रहीं थी कि अब मैं किसे राखी बांधूंगी।


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

18 वर्षीय परमदीप की मौत के बाद परिवार में शोक की लहर है और माता-पिता, बहन व दादा के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बहन विलाप कर रही है कि अब वह किसको राखी बांधेगी। परमदीप के दादा करम सिंह ने विलाप करते हुए कहा कि मेरा परम अभी तक घर नहीं पहुंचा है, आज वह सफेद कपड़े पहन कर घर से निकला था। मुझे नहीं पता था कि पोता कभी घर वापस नहीं आएगा। बार-बार उसके दादाजी गेट पर खड़े होकर पूछ रहे थे कि मेरा परम अभी तक घर नहीं पहुंचा, कब आएगा मेरा परम। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।


कोट्स

दूर से आने वाले छात्रों को फोन लाने की इजाजत है। उन्होंने कहा कि छात्रों के फोन सुबह कार्यालय में जमा कर लिए जाते हैं और छुट्टी के बाद वापस कर दिए जाते हैं। जिस वक्त परमदीप बेहोश हुआ तो वह ऑफिस से अपना फोन लेने के लिए ही आया था और फोन पकड़ते ही वह जमीन पर गिर गया। जिसकी सूचना परिवार को दी, जिसके बाद इलाज के लिए अस्पताल ले गए।

मीनाक्षी भल्ला, प्रिंसिपल जीएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल, जीरकपुर


कोट्स

हमने स्कूल प्रबंधन से सीसीटीवी कैमरे दिखाने की मांग की थी, जब सीसीटीवी की फुटेज देखी तो दिखाई दिया के यह एक प्राकृतिक हादसा है। जिसमें स्कूल का फाॅल्ट नहीं है और स्कूल प्रबंधक साथ दे रहे हैं।


गुरप्रीत सिंह, मृतक के ताया का बेटा


कोट
जैसे ही छात्र बेहोश हुआ तो हमने जानकारी परिवार को दी और उनकी सलाह के अनुसार ही फैमिली डॉक्टर के पास भी ले गए। लेकिन डॉक्टर ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल ले जाने के लिए कहा, फिर हम उसे निजी अस्पताल में ले गए। लेकिन परमदीप की हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे सेक्टर 32 अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां डॉक्टरों ने परमदीप को ब्रॉड डेड घोषित कर दिया था। परमदीप सिंह 12वीं कक्षा में आर्ट्स का मेहनती छात्र था। हमने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।

जगतार सिंह सोढ़ी, मालिक जीएस मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जीरकपुर
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