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पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर वन राज्य बनाएंगे - मान
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लुधियाना में स्कूल प्रिंसिपलों की बैठक को संबोधित करते मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : LUDHIANA
लुधियाना। लुधियाना स्कूली शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यहां एक निजी रिजॉर्ट में सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों से विशेष बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर वन राज्य बनाएंगे। साथ ही उन्नत शिक्षण पद्धतियों को लागू करने के लिए विदेशों में ट्रेनिंग के लिए पंजाब के शिक्षकों को भेजा जाएगा। दिल्ली स्कूल शिक्षा के माडल की तर्ज पर पंजाब का स्कूली ढांचा तैयार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूल प्रिंसिपल पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मान ने स्कूली शिक्षा के स्तर को बढ़ाने और सुधार लाने के विचार सुनें। इस बीच मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके जरिये शिक्षक ऑनलाइन विचार भेज सकेंगे। ताकि शिक्षा प्रणाली को कागज रहित, डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए शिक्षा की पारंपरिक प्रणाली में बदलाव किया जा सके और माता पिता के साथ शिक्षक बैठक (पीटीएम) आदि की शुरुआत भी कर सकेंगे।
इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोगों का वर्तमान सरकारी शिक्षा प्रणाली से विश्वास उठ गया है। सरकारी शिक्षकों की विशाल क्षमता और क्षमता में कोई संदेह नहीं है। लेकिन सरकारी शिक्षा प्रणाली में लोगों के विश्वास को फिर से बनाना समय की मांग है। जिसे लोगों की पूरी भागीदारी और समर्थन से ही हासिल किया जा सकता है। उनकी सरकार शिक्षकों को वर्तमान शिक्षा प्रणाली को व्यावहारिक रूप से बेहतर बनाने के अलावा दैनिक जीवन में अधिक प्रासंगिक और लाभकारी बनाने के लिए पूर्ण सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में उद्योगों को वापस लाकर विकास बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे जहां हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान किया जाएगा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में केजरीवाल सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि चार लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से हर साल 450 छात्रों को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश मिलता है और दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में 10000 कमरे बनाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को अगले स्तर तक ले जाने के लिए शिक्षकों को दिल्ली के स्कूलों और यहां तक कि विदेशों में सिंगापुर, स्विटजरलैंड, फिनलैंड जैसे देशों, हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थानों में शिक्षा प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। वह भी सरकारी खर्च पर। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के विचारों के जानने के बाद शिक्षा नीति बनाई जाएगी। इसके अलावा पंजाब में शिक्षा का दिल्ली मॉडल लागू किया जाएगा। भगवंत मान ने कहा कि एनआरआई सरकारी स्कूलों को गोद लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके पैसे का उपयोग छात्रों को उन्नत शैक्षिक तकनीक प्रदान करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि केवल कमरे बनाने के लिए।
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भगवंत मान ने सर्वश्रेष्ठ सरकारी स्कूल के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए वार्षिक पुरस्कारों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर साल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 शिक्षकों और प्राचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने पुस्तक भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेयर ने आश्वासन दिया कि सभी शिक्षकों के विचारों और सुझावों का स्वागत किया जाता है और हर इनपुट पर सावधानीपूर्वक चर्चा की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में नंबर एक बनाने के सभी सार्थक विचारों को सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में ईमानदारी और कड़ी मेहनत के गुणों का विधिवत सम्मान किया जाएगा और बेईमानी के लिए कोई जगह नहीं है।
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इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोगों का वर्तमान सरकारी शिक्षा प्रणाली से विश्वास उठ गया है। सरकारी शिक्षकों की विशाल क्षमता और क्षमता में कोई संदेह नहीं है। लेकिन सरकारी शिक्षा प्रणाली में लोगों के विश्वास को फिर से बनाना समय की मांग है। जिसे लोगों की पूरी भागीदारी और समर्थन से ही हासिल किया जा सकता है। उनकी सरकार शिक्षकों को वर्तमान शिक्षा प्रणाली को व्यावहारिक रूप से बेहतर बनाने के अलावा दैनिक जीवन में अधिक प्रासंगिक और लाभकारी बनाने के लिए पूर्ण सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में उद्योगों को वापस लाकर विकास बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे जहां हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान किया जाएगा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में केजरीवाल सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि चार लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से हर साल 450 छात्रों को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश मिलता है और दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में 10000 कमरे बनाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को अगले स्तर तक ले जाने के लिए शिक्षकों को दिल्ली के स्कूलों और यहां तक कि विदेशों में सिंगापुर, स्विटजरलैंड, फिनलैंड जैसे देशों, हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थानों में शिक्षा प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। वह भी सरकारी खर्च पर। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के विचारों के जानने के बाद शिक्षा नीति बनाई जाएगी। इसके अलावा पंजाब में शिक्षा का दिल्ली मॉडल लागू किया जाएगा। भगवंत मान ने कहा कि एनआरआई सरकारी स्कूलों को गोद लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके पैसे का उपयोग छात्रों को उन्नत शैक्षिक तकनीक प्रदान करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि केवल कमरे बनाने के लिए।
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भगवंत मान ने सर्वश्रेष्ठ सरकारी स्कूल के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए वार्षिक पुरस्कारों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर साल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 शिक्षकों और प्राचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने पुस्तक भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेयर ने आश्वासन दिया कि सभी शिक्षकों के विचारों और सुझावों का स्वागत किया जाता है और हर इनपुट पर सावधानीपूर्वक चर्चा की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में नंबर एक बनाने के सभी सार्थक विचारों को सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में ईमानदारी और कड़ी मेहनत के गुणों का विधिवत सम्मान किया जाएगा और बेईमानी के लिए कोई जगह नहीं है।