लुधियाना में 15 साल में सबसे कम वोटिंग: पांच साल में ढाई लाख मतदाता बढ़े, लेकिन मतदान के लिए नहीं निकले
2007 में लुधियाना में 75.02 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2012 में 76 प्रतिशत और 2017 में यह आंकड़ा 74.02 प्रतिशत तक पहुंच गया था लेकिन इस बार यह आकंड़ा 65.68 फीसदी पर ही सिमट गया।
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लुधियाना में 2017 के मुकाबले ढाई लाख के करीब मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। मगर प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद मतदान में कमी दर्ज की गई है। पिछले 15 सालों में सबसे कम वोटिंग इस बार के विधानसभा चुनाव में हुई है। वर्ष 2007, 2012 और 2017 की बात करें तो 70 प्रतिशत से ऊपर मतदान हुआ था। इस बार 65.68 प्रतिशत ही मतदान हुआ है।
प्रशासन का दावा था कि इस बार बंपर वोटिंग होगी और पिछले सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन ने वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए सारा अमला लगा दिया पर कमी कहां रह गई। इस बार प्रशासन ने मतदान को लेकर खूब जागरुकता अभियान भी चलाया था।
जिला प्रशासन ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्योहार में लोगों की हिस्सेदारी बढ़ाने और मतदान के लिए लोगों को जागरुक किया। 2017 में 24 लाख 47 हजार से अधिक मतदाता थे। इस बार 26 लाख 93 हजार के करीब कुल मतदाता हैं। मगर मतदान पिछली बार की अपेक्षा कम हुआ।
2007 में 75 प्रतिशत तो 12 में 76 और 2017 में 74 प्रतिशत मतदान
पिछले 15 सालों में शहर में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। मतदान प्रतिशत भी ठीक रहा है। इस बार प्रशासन को भरोसा था कि मतदाता बढ़े हैं तो मतदान भी बढ़ेगा। मगर परिणाम उलट आए हैं। 2007 की बात करें तो लुधियाना में 75.02 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2012 में 76 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2017 में यह आंकड़ा 74.02 प्रतिशत तक पहुंच गया था लेकिन इस बार यह आकंड़ा 65.68 फीसदी पर ही सिमट गया।
कोरोना की पाबंदियां भी हो सकती हैं वजह
चुनाव आयोग ने पंजाब समेत पांचों राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान किया तो कोरोना अपने उच्च स्तर पर था। उस समय पहले यह आदेश जारी किया कि वोट डालने वाले हर व्यक्ति को वैक्सीन लगी होनी चाहिए। पंजाब में ऐसे कई लोग है जिन्होंने अभी तक अपनी पहली डोज नहीं लगवाई। उसके बाद आदेश जारी हुआ कि दस्ताने और मास्क पहनना जरूरी है। जैसे-जैसे कोरोना कम होता गया तो चुनाव आयोग ने भी ढील देना शुरू कर दिया। अंतिम समय में प्रशासन ने कहा कि लोग वोट डालने अवश्य आएं। उनसे किसी तरह की कोई पूछताछ नहीं होगी कि वैक्सीन लगी है या नहीं। प्रशासन ने पोलिंग बूथों पर दस्ताने, मास्क और सैनिटाइजर का इंतजाम कर रखा था।
| विधानसभा क्षेत्र | 2017 में पड़े वोट ( प्रतिशत में) | 2022 में पड़े वोट |
| खन्ना | 78.4 | 74.41 |
| समराला | 80.0 | 75.49 |
| साहनेवाल | 75.5 | 67.43 |
| लुधियाना पूर्वी | 70.9 | 66.23 |
| लुधियाना साऊथ | 67.4 | 59.04 |
| आत्म नगर | 67.4 | 61.25 |
| लुधियाना सेंट्रल | 69.0 | 61.77 |
| लुधियाना वेस्ट | 68.6 | 63.73 |
| लुधियाना नार्थ | 67.7 | 61.26 |
| गिल | 75.1 | 67.07 |
| पायल | 81.9 | 76.12 |
| दाखा | 80.9 | 75.63 |
| रायकोट | 77.8 | 72.33 |
| जगरांव | 76.6 | 67.54 |