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पराली जलाने पर पहुंची टीम का किया घेराव
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सुनाम के गांव सतौज में अधिकारियों का घेराव करते किसान यूनियन के सदस्य।
- फोटो : SANGOOR
पराली को आग लगाने वाले किसानों पर कार्रवाई करना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। पराली जलाने की सूचना पर पावरकाम के एसडीओ बहादुर सिंह अपनी टीम के साथ गांव सतौज में कार्रवाई करने पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के सदस्यों ने टीम को घेर कर सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। किसानों के रोष को देखते हुए अधिकारी बगैर कार्रवाई किएलौटने को विवश हो गए।
शुक्रवार को दोपहर बाद एसडीओ बहादुर सिंह, पटवारी गुरदर्शन सिंह व सुरिंदर सिंह की टीम को जानकारी मिली की गांव सतौज में किसानों ने पराली को आग लगाई है। इस पर टीम कार्रवाई करने के लिए मौके पर पहुंची। भाकियू ने टीम को घेर लिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल, सुखपाल सिंह, गुरभगत सिंह, गुरमेल सिंह, नाजर सिंह व राज सिंह आदि ने करीब पौना घंटा तक अधिकारियों को वहां से हिलने तक नहीं दिया।
हालात को देखते हुए अधिकारियों ने किसानों को कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिलाया और इसके बाद किसानों ने उन्हें घेराव से मुक्त किया। जसवंत तोलावाल ने आरोप लगाया कि किसान पहले से ही कर्ज में डूबे हैं और किसान इतने सक्षम नहीं हैं कि मंहगा डीजल फूंककर पराली को जमीन में समायोजित कर सकें।
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शुक्रवार को दोपहर बाद एसडीओ बहादुर सिंह, पटवारी गुरदर्शन सिंह व सुरिंदर सिंह की टीम को जानकारी मिली की गांव सतौज में किसानों ने पराली को आग लगाई है। इस पर टीम कार्रवाई करने के लिए मौके पर पहुंची। भाकियू ने टीम को घेर लिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल, सुखपाल सिंह, गुरभगत सिंह, गुरमेल सिंह, नाजर सिंह व राज सिंह आदि ने करीब पौना घंटा तक अधिकारियों को वहां से हिलने तक नहीं दिया।
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हालात को देखते हुए अधिकारियों ने किसानों को कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिलाया और इसके बाद किसानों ने उन्हें घेराव से मुक्त किया। जसवंत तोलावाल ने आरोप लगाया कि किसान पहले से ही कर्ज में डूबे हैं और किसान इतने सक्षम नहीं हैं कि मंहगा डीजल फूंककर पराली को जमीन में समायोजित कर सकें।
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