सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरविंदर सिंह का नामांकन पत्र रद्द होने से सुनाम की सियासत में जबरदस्त उबाल आ गया है। आप नेता व विधायक अमन अरोड़ा के नेतृत्व में शुक्रवार को दिए धरने में नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा, बुढलाडा (मानसा) से विधायक प्रिंसिपल बुद्ध राम और लहरागागा हलका प्रभारी जसवीर सिंह कुदनी शामिल हुए। धरने को संबोधित करते नेता विपक्ष चीमा, विधायक अरोड़ा व विधायक बुद्ध राम ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के इशारे पर लोकतंत्र प्रणाली की तमाम सीमाएं लांघी जा रही हैं। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सुनाम में उन्हीं की पार्टी के प्रत्याशी पवन बाबा को कचहरी परिसर से अगवा कर लिया गया था। इसके बाद पार्टी ने पवन बाबा के कवरिंग कैंडिडेट हरविंदर सिंह का नामांकन पत्र दाखिल करवाया। लेकिन प्रशासन ने हरविंदर सिंह के नामांकन को भी रद्द कर दिया। उन्होंने मांग की कि पवन बाबा को अगवा करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। प्रत्याशी हरविंदर सिंह का नामांकन पत्र बहाल किए जाए। राज्य सरकार यदि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव करवाना चाहती है तो एसडीएम का तुरंत तबादला करे। जब तक सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी तो समूची आम आदमी पार्टी बडे़ स्तर पर आंदोलन करेगी। इसके लिए चुनाव आयोग और हाईकोर्ट तक जाएंगे। एसडीएम मनजीत कौर ने सत्तापक्ष के इशारे पर जिस आधार पर नामांकन पत्र रद्द किए हैं, वो अनुचित है। ऐसी खामियां तो हर प्रत्याशी में होंगी।
एसडीएम मनजीत कौर ने पक्षपात के आरोपों को सिरे से नकारते कहा कि कानून के तहत ही प्रत्याशी के नामांकन रद्द किया गया हैं। इसकी बाकायदा शिकायत प्राप्त हुई है। उन्हें 153 एतराज मिले थे, जिनमें से केवल तीन को रद्द किया गया है। जिनके पुख्ता व सॉलिड प्रमाण थे। उन्होंने अपनी ड्यूटी को इमानदारी से निभाया है। मीडिया के जरिये विधायक अमन अरोड़ा द्वारा गलत भाषा का प्रयोग करने की सूचना मिल रही है। अभी तक उन्होंने खुद यह सुना या देखा नहीं है। इसे देखकर ही वह अगला कदम उठाएंगी।