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Ludhiana News: सतलुज में रेत खनन का आरोप, किसानों का धरना शुरू
Sun, 20 Sep 2026 05:58 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sun, 20 Sep 2026 05:58 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। सिधवां बेट क्षेत्र में सतलुज नदी से कथित तौर पर रेत निकालने का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन (खैरा बेट) समेत किसान संगठनों ने डीसिल्टिंग की आड़ में अवैध खनन का आरोप लगाया है। किसानों ने रेत वाहनों की आवाजाही के लिए बांध बनाकर नदी का प्राकृतिक बहाव मोड़ने का दावा किया है। इसके विरोध में महितपुर-जगरांव रोड पर सतलुज पुल के पास किसानों ने धरना शुरू कर दिया है।
धरने का नेतृत्व बीकेयू (खैरा) के अध्यक्ष केवल सिंह खैरा मुश्तरका ने किया। ब्लॉक प्रधान बलजिंदर सिंह ने विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए। किसानों का कहना है कि नदी के बहाव से छेड़छाड़ भविष्य में खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने एक निजी कंपनी पर डीसिल्टिंग की अनुमति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। किसान संगठनों ने प्रशासन से मौके पर जांच करने की मांग की है। उन्होंने डीसिल्टिंग की अनुमति की मात्रा और वास्तविक कार्य की स्पष्टता मांगी। प्रदर्शनकारियों ने नियमों के उल्लंघन या अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि ठोस कार्रवाई न होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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जगरांव। सिधवां बेट क्षेत्र में सतलुज नदी से कथित तौर पर रेत निकालने का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन (खैरा बेट) समेत किसान संगठनों ने डीसिल्टिंग की आड़ में अवैध खनन का आरोप लगाया है। किसानों ने रेत वाहनों की आवाजाही के लिए बांध बनाकर नदी का प्राकृतिक बहाव मोड़ने का दावा किया है। इसके विरोध में महितपुर-जगरांव रोड पर सतलुज पुल के पास किसानों ने धरना शुरू कर दिया है।
धरने का नेतृत्व बीकेयू (खैरा) के अध्यक्ष केवल सिंह खैरा मुश्तरका ने किया। ब्लॉक प्रधान बलजिंदर सिंह ने विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए। किसानों का कहना है कि नदी के बहाव से छेड़छाड़ भविष्य में खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने एक निजी कंपनी पर डीसिल्टिंग की अनुमति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। किसान संगठनों ने प्रशासन से मौके पर जांच करने की मांग की है। उन्होंने डीसिल्टिंग की अनुमति की मात्रा और वास्तविक कार्य की स्पष्टता मांगी। प्रदर्शनकारियों ने नियमों के उल्लंघन या अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि ठोस कार्रवाई न होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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