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‘दास्तान-ए-लुधियाना’ में समेटा शहर का इतिहास

Sat, 13 Mar 2021 04:40 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 04:40 PM IST
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Naib Shahi Imam's book 'Dastan-e-Ludhiana' released, Ludhiana
संवाद न्यूज एजेंसी
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लुधियाना। नायब शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी की दास्तान-ए-लुधियाना पुस्तक का विमोचन शनिवार को पंजाब कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु और शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने किया। लुधियाना के इतिहास पर लिखी गई इस पुस्तक का विमोचन समारोह एससीडी गर्वमेंट कॉलेज के साहिर आडिटोरियम में हुई। अतिथि के तौर पर शहीद भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू, मेयर बलकार सिंह संधू, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह ने हिस्सा लिया।
नायब मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने बताया कि इस किताब को लिखने का उद्देश्य लुधियाना के उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को उजागर करना है, जिनकी वजह से देश को अंग्रेजों से आजादी मिली। उन्होंने बताया कि इस किताब में 1857 ई. से लेकर 1947 ई. तक के सभी लुधियानवी स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र किया गया है। लुधियाना के महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी प्रथम, शहीद करतार सिंह सराभा, सतगुरु राम सिंह जी, शहीद सुखदेव थापर के नाम सुनहरे अक्षरों में लिखे जाते हैं।
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इसके अलावा लुधियाना की बहुत जानकारियां भी इस किताब में हैं। शहर की स्थापना का किस्सा, लोधी किले का निर्माण, रेलवे स्टेशन का निर्माण, पहली बार बिजली कब आई, पुलिस की स्थापना कब हुई, लुधियाना में तारकोल की सड़कर कब बनी, शहर में म्यूनिसपल कमेटी कब बनी, शहर में पहला टेलीफोन कब आया, शहर में स्कूल कब बना, जैसी अनेकों जानकारियां किताब में दी गई है।
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कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे शहर लुधियाना का इतिहास गौरवशाली है, देश की आजादी में लुधियानवियों की कुर्बानियां हमेशा याद की जाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उस्मान देश के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य है, जिन्होंने हमेशा ही देश के लिए कुर्बानियां दी हैं। आशु ने कहा कि मैं समझ सकता हूं कि इस ऐतिहासिक किताब में जो इतिहास दर्ज किया गया है इसको एक जगह एकत्रित करना कोई आसान काम नहीं है।
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