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इंसाफ के लिए नामधारी संगत ने निकाला शांति मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 15 Apr 2016 07:05 PM IST
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लुधियाना में माता चंद कोर के हत्यारों को पकड़ने के लिए निकाले गए शांतिमार्च।
- फोटो : अमर उजाला
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नामधारी समुदाय के सतगुरु स्व. जगजीत सिंह की पत्नी माता चंद कौर के हत्यारों को जल्दी गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शुक्रवार को नामधारी संगत ने शहर में शांति मार्च निकाला। यह मार्च शहीदी स्मारक से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक गया। इस दौरान देश विदेश से आई संगत लगातार नाम सिमरन कर रही थी।
मिनी सचिवालय में नामधारी संगत लुधियाना के पैटर्न सुरिंदर सिंह नामधारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीसी अजय सूद और पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कमिश्नर औलख ने भरोसा दिलाया कि हत्यारों को काबू करने तक पुलिस चैन से नहीं बैठेगी। इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए दिन रात काम किया जा रहा है।
शुक्रवार सुबह नामधारी संगत फील्ड गंज स्थित शहीदी स्मारक पर इकट्ठा हुई। यहां से शांति मार्च शुरू हुआ। यह मार्च फील्ड गंज, जगरांव पुलिस, दुर्गा माता मंदिर, भारत नगर चौक होता हुआ डीसी दफ्तर पहुंचा। मार्च में आगे एक जीप पर माता चंद कौर की बड़ी तस्वीर लगाई गई थी। नामधारी संगत ने माता चंद कौर के हत्यारों को गिरफ्तार करो नारों के बोर्ड उठा रखे थे। जहां-जहां से मार्च निकला, रूट पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। इससे आम लोगों को परेशानी भी हुई।
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नामधारी संगत लुधियाना के पैटर्न सुरिंदर सिंह नामधारी ने कहा कि हालांकि पुलिस की जांच से वे संतुष्ट हैं, लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है। इससे संगत में रोष है। इस अवसर पर लखबीर सिंह नामधारी, सूबा हरभजन सिंह, ज्ञानी जोगिंदर सिंह, सोहन सिंह, बलदेव सिंह, सतनाम सिंह और सर्बजीत सिंह मौजूद रहे।
11 दिन में पुलिस के हाथ नहीं लगा सुराग
माता चंद कौर की हत्या को 11 दिन हो चुके हैं। अब तक पुलिस हत्यारों के बारे में सुराग नहीं लगा पाई है। पंजाब सरकार ने इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए एडीजीपी क्राइम के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच टीम का भी गठन कर रखा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं आया है।
हत्यारों की सूचना देने वालों को पुलिस ने दस लाख रुपये का और नामधारी दरबार ने बीस लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा कर रखी है। नामधारी दरबार ने यह भी साफ कर रखा है कि यदि पुलिस शीघ्र ही किसी नतीजे पर नहीं पहुंची तो समुदाय सीबीआई का दरवाजा खटखटाएगा।
डीसी के नाम ज्ञापन में की गई मांगें
- माता चंद कौर के हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- जालंधर में हुए बम कांड के संदिग्ध सूत्रधार ठाकुर दलीप सिंह की सख्त जांच कर उनको गिरफ्तार किया जाए, सरकार उनका पासपोर्ट जब्त करे। विदेश जाने पर रोक लगाई जाए और पंजाब में उनके कार्यक्रम बंद किए जाएं।
- 12 अप्रैल 2011 को सतगुरु जगजीत सिंह के नजदीकी सेवक अवतार सिंह तारी की कटानी कलां चौक में हुई हत्या और 2013 में इंग्लैंड में मौजूदा सतगुरु ठाकुर उदय सिंह पर हुए कातिलाना हमले की जांच की मांग
- 4 दिसंबर 2015 में करतारपुर के नजदीक गांव दुगरी में कार बम धमाके और इस मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों के दूसरे गुट से संबंध होने का जिक्र किया गया है। सभी घटनाओं को दूसरे गुट से जोड़ कर सारे मामलों की जांच की मांग की गई है।
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मिनी सचिवालय में नामधारी संगत लुधियाना के पैटर्न सुरिंदर सिंह नामधारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीसी अजय सूद और पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कमिश्नर औलख ने भरोसा दिलाया कि हत्यारों को काबू करने तक पुलिस चैन से नहीं बैठेगी। इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए दिन रात काम किया जा रहा है।
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शुक्रवार सुबह नामधारी संगत फील्ड गंज स्थित शहीदी स्मारक पर इकट्ठा हुई। यहां से शांति मार्च शुरू हुआ। यह मार्च फील्ड गंज, जगरांव पुलिस, दुर्गा माता मंदिर, भारत नगर चौक होता हुआ डीसी दफ्तर पहुंचा। मार्च में आगे एक जीप पर माता चंद कौर की बड़ी तस्वीर लगाई गई थी। नामधारी संगत ने माता चंद कौर के हत्यारों को गिरफ्तार करो नारों के बोर्ड उठा रखे थे। जहां-जहां से मार्च निकला, रूट पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। इससे आम लोगों को परेशानी भी हुई।
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नामधारी संगत लुधियाना के पैटर्न सुरिंदर सिंह नामधारी ने कहा कि हालांकि पुलिस की जांच से वे संतुष्ट हैं, लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है। इससे संगत में रोष है। इस अवसर पर लखबीर सिंह नामधारी, सूबा हरभजन सिंह, ज्ञानी जोगिंदर सिंह, सोहन सिंह, बलदेव सिंह, सतनाम सिंह और सर्बजीत सिंह मौजूद रहे।
11 दिन में पुलिस के हाथ नहीं लगा सुराग
माता चंद कौर की हत्या को 11 दिन हो चुके हैं। अब तक पुलिस हत्यारों के बारे में सुराग नहीं लगा पाई है। पंजाब सरकार ने इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए एडीजीपी क्राइम के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच टीम का भी गठन कर रखा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं आया है।
हत्यारों की सूचना देने वालों को पुलिस ने दस लाख रुपये का और नामधारी दरबार ने बीस लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा कर रखी है। नामधारी दरबार ने यह भी साफ कर रखा है कि यदि पुलिस शीघ्र ही किसी नतीजे पर नहीं पहुंची तो समुदाय सीबीआई का दरवाजा खटखटाएगा।
डीसी के नाम ज्ञापन में की गई मांगें
- माता चंद कौर के हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- जालंधर में हुए बम कांड के संदिग्ध सूत्रधार ठाकुर दलीप सिंह की सख्त जांच कर उनको गिरफ्तार किया जाए, सरकार उनका पासपोर्ट जब्त करे। विदेश जाने पर रोक लगाई जाए और पंजाब में उनके कार्यक्रम बंद किए जाएं।
- 12 अप्रैल 2011 को सतगुरु जगजीत सिंह के नजदीकी सेवक अवतार सिंह तारी की कटानी कलां चौक में हुई हत्या और 2013 में इंग्लैंड में मौजूदा सतगुरु ठाकुर उदय सिंह पर हुए कातिलाना हमले की जांच की मांग
- 4 दिसंबर 2015 में करतारपुर के नजदीक गांव दुगरी में कार बम धमाके और इस मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों के दूसरे गुट से संबंध होने का जिक्र किया गया है। सभी घटनाओं को दूसरे गुट से जोड़ कर सारे मामलों की जांच की मांग की गई है।