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बाढ़ से इंडस्ट्री को नुकसान: लुधियाना में ठप पड़े साइकिल-होजरी उद्योग, खाली बैठी लेबर, बिजली कटों से बढ़ा संकट

Mon, 17 Jul 2023 12:15 PM IST
निवेदिता वर्मा विजय मौर्या, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
विजय मौर्या, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 17 Jul 2023 12:15 PM IST
सार

ताजपुर में डाइंग यूनिटों में एक हफ्ते से धागे की रंगाई का काम बंद पड़ा है। लुधियाना में करीब 200 यूनिट हैं। बुड्ढा नाले में सतलुज का पानी व बारिश का पानी अधिक आ गया था। नाले के पास ही डाइंग यूनिट्स हैं। इस वजह से प्रशासन ने डाइंग उद्योग बंद करा दिए हैं, क्योंकि डाइंग में धागे की रंगाई का काम होता है, जिसमें पानी की खपत ज्यादा होती है।

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Ludhiana industry suffered losses worth crores of rupees due to floods and rains in North India
डेमो - फोटो : demo pic

विस्तार

पंजाब समेत उत्तर भारत के राज्यों में बाढ़ और बारिश की वजह से लुधियाना की साइकिल इंडस्ट्री, होजरी उद्योग, ऑटो पार्ट्स व डाइंग इंडस्ट्री को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इंडस्ट्री में उत्पादन लगभग ठप हो गया है। लुधियाना में लग रहे अघोषित बिजली कटों ने मुसीबत और बढ़ा दी है। इस वजह से इंडस्ट्री के साथ जुड़े अन्य व्यवसाय ट्रांसपोर्ट और टैक्सी के काम पर भी विपरीत असर पड़ा है। 
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अकेले होजरी का ही देश में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार है। इसमें दस हजार करोड़ रुपये का विदेश में एक्सपोर्ट होता है। साइकिल उद्योग भी दस हजार करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट करता है। करीब पांच हजार करोड़ रुपये का ऑटो पार्ट्स का कारोबार है। फिर से बारिश के अलर्ट के बाद उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है।
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साइकिल का चक्का थमा
महानगर में लुधियाना साइकिल इंडस्ट्री बड़ी इंडस्ट्री है। करीब छोटी बड़ी 60 हजार यूनिट हैं। करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार को मिलता है। हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। फिलहाल पंजाब व अन्य राज्यों में बाढ़ से इस उद्योग को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। बारिश की वजह से जहां साइकिल बनाने के लिए उपयोग में लाया जाता कच्चा माल इंडस्ट्री में समय से नहीं मिल पा रहा है। यह महंगा भी हो गया है। देरी से पहुंचने की वजह से साइकिल निर्माण करने में भी देरी हो रही है। जो सामान तैयार कर भेजा गया है, वह भी दूसरे राज्यों के व्यापारियों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते साइकिल उद्योगों के कारोबारियों को पेमेंट टाइम से नहीं मिल रही है। बिजली गुल होने से एक तरफ जहां लेबर छह से सात घंटे फ्री रह रही है, लेकिन उद्यमियों को लेबर कॉस्ट पड़ रही है। लेबर को कई बार एडवांस भी देना पड़ रहा है।

होजरी भी डगमगाई
होजरी उद्योग की भी हालत खराब हो रही है। ट्रांसपोर्ट से भेजा गया सामान वहां व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा है। बाढ़ की वजह से हिमाचल, जम्मू व उत्तराखंड में दुकानें बंद है। माल रास्ते में भी अटक गया है। उद्यमियों की पेमेंट रुक गई है। सर्दियों का सीजन आने वाला है। तो होजरी माल बनाने में जुट गई है, लेकिन राज्यों से लुधियाना में माल की बुकिंग के लिए आने वाले व्यापारी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में उद्यमी डरे हुए हैं।

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डाइंग यूनिट बंद
ताजपुर में डाइंग यूनिटों में एक हफ्ते से धागे की रंगाई का काम बंद पड़ा है। लुधियाना में करीब 200 यूनिट हैं। बुड्ढा नाले में सतलुज का पानी व बारिश का पानी अधिक आ गया था। नाले के पास ही डाइंग यूनिट्स हैं। इस वजह से प्रशासन ने डाइंग उद्योग बंद करा दिए हैं, क्योंकि डाइंग में धागे की रंगाई का काम होता है, जिसमें पानी की खपत ज्यादा होती है। डांइग का अधिकांश पानी बुड्ढा नाले में ही गिरता है। पानी की वजह से नाले में ओवरफ्लो ना हो जाए इस अंदेशे से प्रशासन ने पिछले एक हफ्ते से इंडस्ट्री को बंद करने का आदेश दिए हुए हैं। डाइंग के बंद होने से होजरी उद्योग का कामकाज बंद है, क्योंकि होजरी के धागे को रंगने के लिए डाइंग में भेजा जाता है। जब तक डाइंग उद्योग नहीं चलेगा, तब तक होजरी उद्योग नहीं चल पाएगा। ट्रांसपोर्ट मालिक परेशान है। उन्हें माल ढुलाई के लिए काम नहीं मिल रहा। ड्राइवर व लेबर को भी काम नहीं मिल रहा।

साइकिल उद्योग पहले ही मंदी की हालत में, बिजली स्पलाई तो पूरी दें: चावला
यूनाइटिड साइकिल पार्ट्स मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस चावला ने बताया कि बारिश की वजह से साइकिल इंडस्ट्री का बुरा हाल है। कामकाज ठप है। ट्रेन व ट्रांसपोर्ट के चक्के जाम हो गए हैं। इससे न ऑर्डर की डिलीवरी हो पा रही है न पेंमेंट आ रही है। बारिश की वजह से बिजली कटों ने मुसीबत खड़ी कर दी है। सरकार कम से कम बिजली पूरी तरह से दे। साइकिल उद्योग डगमगाया तो पंजाब पर असर पडे़गा। इस लिए सरकार को मदद के लिए आगे आना चाहिए।

होजरी उद्योग की हालत हुई पतली: थापर
निटवियर क्लब के अध्यक्ष विनोद थापर ने बताया कि पंजाब सहित उत्तर भारत के राज्यों आई बाढ़ ने लुधियाना होजरी उद्योगों की हालत पतली कर दी है। पहाड़ी राज्यों में बारिश से होजरी का सामान न पहुंच पा रहा। न ऑर्डर आ रहा न ही कारोबारी यहां माल बुक कराने आ रहे हैं। इस लिए लुधियाना में होने वाली होजरी बायर मीट रद हो गई है। सर्दी के सीजन में ज्यादा समय नहीं है। फैक्टरियों में काम बंद है। ट्रांसपोर्ट सिस्टम की गति कुंद हो गई है। इसलिए एक्सपोर्ट भी नहीं हो पा रहा है। कारोबार ठप पड़ जाने से पैसा रुक गया है।
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