Sidhu Moosewala: मूसेवाला हत्याकांड में NIA का बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी हामिद ने भिजवाई हथियारों की खेप
Sidhu Moose Wala Murder case update : पिछले साल 29 मई को सिद्धू मूसेवाला की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ली थी। इस पूरे मामले की जांच एनआईए कर रही थी।
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल हथियारों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में सामने आया है कि दुबई में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के हथियार तस्कर हामिद ने ही शूटरों को हथियार मुहैया करवाए थे। इनमें असॉल्ट राइफल और अन्य हथियार शामिल हैं। एनआईए हर तथ्य की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि मामले के आरोपियों को काबू किया जा सके।
एनआईए बीते साल अगस्त से गैंगस्टरों, खालिस्तान समर्थकों और पंजाबी गायकों के रिश्तों को लेकर जांच कर रही है। उत्तर भारत में एजेंसी ने सात बार दबिश दी है। एनआईए ने दिसंबर में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी अंसारी को गिरफ्तार किया था। अंसारी ने पूछताछ में बताया था कि वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का करीबी है। वह कई बार दुबई गया, जहां वह गोल्डी बराड़ के संपर्क में आया। उसने यह भी बताया कि वह पहले पाकिस्तानी नागरिक फैजी खान के संपर्क में था।
वह दुबई में हवाला ऑपरेटर के रूप में काम करता है। फैजी खान ने उसे हामिद से मिलवाया था, जो एक पाकिस्तानी नागरिक और हथियार तस्कर भी है। इसके बाद हामिद ने उसे भारत के ग्राहकों के बारे में बताया। उसने यह भी खुलासा किया कि शुभदीप सिंह उर्फ सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को असॉल्ट राइफल व अन्य हथियार की आपूर्ति करने जा रहे हैं।
अंसारी ने कहा कि हामिद ने बताया था कि वह गोल्डी बराड़ के संपर्क में है और उसे कई बार हथियार मुहैया कराए हैं। हामिद ने अंसारी को अपना फोन दिखाया, जिसमें गोल्डी बराड़ को हथियारों की आपूर्ति से संबंधित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग थी। हामिद और फैजी खान के साथ-साथ अंसारी के साथ उनके हथियार आपूर्ति नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे हुई थी मूसेवाला की हत्या
मूसेवाला की हत्या की सारी योजना छह अलग-अलग जेलों में बंद गैगस्टरों ने बनाई थी। हत्या के समय लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया तिहाड़ जेल, मनप्रीत उर्फ मन्ना (फिरोजपुर), सारज सिंह उर्फ मिंटू स्पेशल जेल (बठिंडा), मनमोहन सिंह उर्फ मोहना (मानसा) जेल में थे। ये सभी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के संपर्क में थे। इन्होंने जेल के सहयोगियों के साथ चर्चा करने के बाद आखिरकार शूटरों को मूसेवाला को मारने का काम सौंपा। उन्हें पता चला कि सिद्धू की सुरक्षा कम कर दी गई। इसके बाद उन्होंने 29 मई 2022 को हत्या कर दी।