लर्निंग लाइसेंस के लिए देना होगा कंप्यूटर टेस्ट

अमर उजाला, लुधियाना। Updated Fri, 31 Jan 2014 07:55 AM IST
learning licence
अब शहर वासियों को लर्निंग लाइसेंस लेने के लिए कंप्यूटर टेस्ट देना होगा। यदि आवेदनकर्ता टेस्ट में पास  होता है तो उसे ही लर्निंग लाइसेंस दिया जाएगा।

जो इस टेस्ट में फेल होगा उसे एक सप्ताह के बाद दोबारा टेस्ट देना पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद उस व्यक्ति को ही लाइसेंस जारी हो सकेगा, जो नियमों के बारे में जानकारी रखता होगा।

यह बात बुधवार को परिवहन मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने चिल्ड्रेन पार्क में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने के बाद कही।

उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित आवाजाही माहौल देने के लिए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। यह प्रोजेक्ट पंजाब का दूसरा प्रोजेक्ट है।

इससे पहले अजीतगड़ से इसकी शुरुआत हो चुकी है। जबकि बाद में अन्य जिलों में भी यह प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। पहले लर्निंग लाइसेंस देने से पहले अधिकारियों की ओर से एक मौखिक टेस्ट लिया जाता था। समय की कमी और अन्य कार्यों की वजह से अनजान व्यक्ति को भी लाइसेंस जारी हो जाता था। लेकिन अब इस तरह नहीं होगा।

टेस्ट के दौरान आवेदनकर्ता से कुछ सवाल पूछे जाएंगे 60 प्रतिशत से ज्यादा नंबर प्राप्त करने वाले को ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। सरकार की ओर से यह कदम उठाने के लिए सड़क हादसों में कमी आएगी। वहीं सारा रिकार्ड भी कंप्यूटराइजड हो जाएगा।

इसके अलावा पक्का लाइसेंस जारी करने से पहले भी आवेदनकर्ता का एक टेस्ट लिया जाएगा। कोहाड़ ने कहा कि अब फैंसी नंबलों की बोली नहीं हुआ करेगी। विभाग की ओर से सभी फैंसी नंबरों की कीमत निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि 0001 नंबर लेने के लिए पांच लाख, 0002 से 0009 तक और 0786 के लिए ढाई लाख, 0010 से 0100 तक एक लाख रुपये और बाकी फैंसी नंबरों की के लिए पचास हजार रुपये कीमत निर्धारित की गई है।

यह ऑन लाइन अप्लाई हुआ करेंगे। इस मौके पर महेश इंद्र सिंह गरेवाल, संता सिंह उम्मैदपुरी, मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया, डिप्टी कमिश्नर रजत अग्रवाल और डीटीओ अनिल गर्ग मौजूद थे।

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