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Jammu News: हवाई हमला होते ही बजने लगा सायरन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
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माॅक ड्रिल के दौरान घायल को अस्पताल पहुंचाती टीम।
- फोटो : akhnoor news
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अखनूर। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अखनूर में शनिवार शाम को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें दुश्मन की तरफ से हवाई हमले की स्थिति को दर्शाया गया।
शाम 5 बजे सायरन बजते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद सिविल डिफेंस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, फायर ब्रिगेड, पैरामेडिक्स और अन्य राहत दलों ने त्वरित प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।
यह अभ्यास ऑपरेशन शील्ड के तहत किया गया। इसमें कई एजेंसियों ने समन्वय के साथ भाग लिया। मॉक ड्रिल की शुरुआत एक सायरन से हुई, जो एक इमारत पर बमबारी का संकेत था। एक विस्फोट को दर्शाया गया, जिससे आग लग गई।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों को पास के सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया और उन्हें तब तक वहीं रुकने को कहा गया जब तक सिविल डिफेंस की ओर से ऑल-क्लियर का संकेत नहीं मिला। सायरन की आवाज सुनते ही सिविल डिफेंस के प्रशिक्षित स्वयंसेवक मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिया।
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इसी दौरान एक इंसिडेंट कंट्रोल ऑफिसर अपनी टीम के साथ पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इलाके को तत्काल सील कर दिया गया और आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीम सक्रिय हो गई।
घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए उपजिला अस्पताल अखनूर पहुंचाया गया। जम्मू कश्मीर पुलिस, सिविल डिफेंस, होम गार्ड्स, एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने समर्पण भाव से अपने कर्त्तव्य निभाए और सरकारी राहत एजेंसियों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया।
मॉक ड्रिल के बाद एसडीएम मुख्तार अहमद ने बताया कि यह मॉक ड्रिल ऑपरेशन शील्ड के अंतर्गत आयोजित की गई। इसमें सब डिवीजन प्रशासन, नपा अखनूर, फायर ब्रिगेड, जम्मू-कश्मीर पुलिस, होम गार्ड्स, एनसीसी, एनएसएस और पैरामेडिकल स्टाफ ने हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि यह ड्रिल दुश्मन द्वारा की गई बमबारी के बाद बचाव अभियान को दर्शाती है, जिसमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
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शाम 5 बजे सायरन बजते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद सिविल डिफेंस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, फायर ब्रिगेड, पैरामेडिक्स और अन्य राहत दलों ने त्वरित प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।
यह अभ्यास ऑपरेशन शील्ड के तहत किया गया। इसमें कई एजेंसियों ने समन्वय के साथ भाग लिया। मॉक ड्रिल की शुरुआत एक सायरन से हुई, जो एक इमारत पर बमबारी का संकेत था। एक विस्फोट को दर्शाया गया, जिससे आग लग गई।
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घटनास्थल पर मौजूद लोगों को पास के सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया और उन्हें तब तक वहीं रुकने को कहा गया जब तक सिविल डिफेंस की ओर से ऑल-क्लियर का संकेत नहीं मिला। सायरन की आवाज सुनते ही सिविल डिफेंस के प्रशिक्षित स्वयंसेवक मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिया।
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इसी दौरान एक इंसिडेंट कंट्रोल ऑफिसर अपनी टीम के साथ पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इलाके को तत्काल सील कर दिया गया और आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीम सक्रिय हो गई।
घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए उपजिला अस्पताल अखनूर पहुंचाया गया। जम्मू कश्मीर पुलिस, सिविल डिफेंस, होम गार्ड्स, एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने समर्पण भाव से अपने कर्त्तव्य निभाए और सरकारी राहत एजेंसियों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया।
मॉक ड्रिल के बाद एसडीएम मुख्तार अहमद ने बताया कि यह मॉक ड्रिल ऑपरेशन शील्ड के अंतर्गत आयोजित की गई। इसमें सब डिवीजन प्रशासन, नपा अखनूर, फायर ब्रिगेड, जम्मू-कश्मीर पुलिस, होम गार्ड्स, एनसीसी, एनएसएस और पैरामेडिकल स्टाफ ने हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि यह ड्रिल दुश्मन द्वारा की गई बमबारी के बाद बचाव अभियान को दर्शाती है, जिसमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।