{"_id":"5f2e9c468ebc3e414325697b","slug":"faker-arrested-in-the-name-of-army-recruitment-halwara-ludhiana-ludhiana-news-pkl384010625","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना में भर्ती के नाम पर करोड़ों ठगने वाला गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना में भर्ती के नाम पर करोड़ों ठगने वाला गिरफ्तार
विज्ञापन
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के युवाओं के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले प्रदीप सिंह उर्फ पीरू आखिरकार उत्तर प्रदेश पुलिस ने काबू कर लिया है। आरोपी को जिला अलीगढ़ के थाना इगलास पुलिस ने उस समय काबू किया जब वह सेना में भर्ती करवाने के नाम पर पैसा एकत्र करने जा रहा था। इगलास पुलिस ने चार अगस्त को ठगी की शिकायत मिलने के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीएम अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप सिंह संधू ने इस बारे में बताया कि उनके पास भी आरोपी के खिलाफ 15 शिकायतें आई हैं। आरोपी को जल्द से जल्द टांजिट रिमांड पर लाया जाएगा। सरकार की तरफ से पीड़ितों की पूरी मदद की जाएगी।
प्रदीप सिंह उर्फ पीरू के गिरफ्तार होने की खबर आते ही पंजाब सहित अन्य राज्यों की पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए तैयारी में जुट गई है। वहीं सेना का खुफिया तंत्र भी उसकी गिरफ्तारी के बाद यूपी पुलिस के संपर्क साध चुका है। प्रदीप सिंह उर्फ पीरू अब यूपी के युवाओं को सेना में भर्ती करवाने के नाम पर अपने झांसे में ले चुका था। लुधियाना से फरार होने के बाद वह यूपी पहुंच गया था। जिला मथुरा के गांव कुड़वारा वासी रामकुमार ने इगलास कोतवाली में शिकायत दी थी कि लुधियाना के नूरपुर बेट वासी प्रदीप सिंह उर्फ पीरू ने उसे सेना में भर्ती के नाम पर 7.50 लाख रुपये लिए है, इसके अलावा गांव के दो अन्य युवाओं से पांच लाख रुपये ले चुका है। अब उन्हें भर्ती नहीं करवा रहा है और ना ही पैसा लौट रहा है। पुलिस ने चार अगस्त को उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। वीरवार को प्रदीप सिंह उर्फ पीरू अपनी कार में गांव भीलपुर में पैसा लेने के लिए जा रहा था। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान कार को रोका, सेना की वर्दी पहन बैठे आरोपी ने खुद को सेना का लेफ्टिनेंट कर्नल बताकर धौंस जमानी चाही। उसकी वर्दी पर संदीप सिंह गिल लिखा हुआ था, जबकि उसके पास मिले आधार कॉर्ड पर स्वर्ण सिंह नाम था। उसकी कार से कई जाली नंबर प्लेट मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पटियाला निवासी युवती भी आरोपी के साथ
लुधियाना में ठगी के शिकार कई युवाओं ने बताया था कि पीरू के साथ एक महिला भी होती है, जिसे सेना में अफसर बताता है। महिला के बारे में पता चला है कि वह पटियाला के गांव जीवनपुर ही रहने वाली है और एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका है। सूत्रों के अनुसार वह उस युवती के साथ वह मंगनी भी करा चुका है। अब उसकी कार को लेकर वह आसानी से घूम रहा था। यूपी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के समय उक्त महिला की कार को बरामद किया है।
विज्ञापन
18 साल का वेतन और अन्य सुविधाएं वसूल करेगी सेना
सेवा में 18 साल फर्जी दस्तावेज पर वेतन व अन्य सुविधाएं का आनंद लेने वाले प्रदीप सिंह उर्फ पीरू को सबका हिसाब चुकाना होगा। सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सिविल अदालत में जैसे उस पर आरोप तय होंगे, उसके बाद सेना की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। 18 साल का वेतन, अन्य भत्ते व कैंटीन सुविधाओं का पैसा लौटना होगा। वही सेना इस मामले की जांच भी कर रही है कि आखिरकार वह फर्जी दस्तावेजों पर कैसे भर्ती हो गया। 18 साल पहले किस पुलिस अफसर ने उसकी वैरिफिकेशन की थी, इसकी भी जांच सेना अलग से कर रही है।
अमर उजाला ने किया था सबसे पहले खुलासा
उल्लेखनीय है कि बीती 16 जुलाई 2020 को हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर 150 युवा सेना की वर्दी पहन कर नौकरी लेने पहुंच गए थे। यहां पर खुलासा हुआ कि वह उनके साथ करोड़ों रुपये की ठगी हो चुकी है। 18 जुलाई को अमर उजाला ने खुलासा कि आरोपी का नाम स्वर्ण सिंह है और वह सेना का बर्खास्त है। 20 जुलाई को अमर उजाला तीसरा सबसे सनसनीखेज खुलासा किया कि आरोपी का असली नाम स्वर्ण सिंह नहीं बल्कि प्रदीप सिंह उर्फ पीरू है। आरोपी 18 साल पहले अपने बड़े भाई के दस्तावेज पर सेना में भर्ती में हुआ था। इस खुलासे के बाद सेना और पुलिस में हड़कंप मच गया था।
विज्ञापन
प्रदीप सिंह उर्फ पीरू के गिरफ्तार होने की खबर आते ही पंजाब सहित अन्य राज्यों की पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए तैयारी में जुट गई है। वहीं सेना का खुफिया तंत्र भी उसकी गिरफ्तारी के बाद यूपी पुलिस के संपर्क साध चुका है। प्रदीप सिंह उर्फ पीरू अब यूपी के युवाओं को सेना में भर्ती करवाने के नाम पर अपने झांसे में ले चुका था। लुधियाना से फरार होने के बाद वह यूपी पहुंच गया था। जिला मथुरा के गांव कुड़वारा वासी रामकुमार ने इगलास कोतवाली में शिकायत दी थी कि लुधियाना के नूरपुर बेट वासी प्रदीप सिंह उर्फ पीरू ने उसे सेना में भर्ती के नाम पर 7.50 लाख रुपये लिए है, इसके अलावा गांव के दो अन्य युवाओं से पांच लाख रुपये ले चुका है। अब उन्हें भर्ती नहीं करवा रहा है और ना ही पैसा लौट रहा है। पुलिस ने चार अगस्त को उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। वीरवार को प्रदीप सिंह उर्फ पीरू अपनी कार में गांव भीलपुर में पैसा लेने के लिए जा रहा था। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान कार को रोका, सेना की वर्दी पहन बैठे आरोपी ने खुद को सेना का लेफ्टिनेंट कर्नल बताकर धौंस जमानी चाही। उसकी वर्दी पर संदीप सिंह गिल लिखा हुआ था, जबकि उसके पास मिले आधार कॉर्ड पर स्वर्ण सिंह नाम था। उसकी कार से कई जाली नंबर प्लेट मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पटियाला निवासी युवती भी आरोपी के साथ
लुधियाना में ठगी के शिकार कई युवाओं ने बताया था कि पीरू के साथ एक महिला भी होती है, जिसे सेना में अफसर बताता है। महिला के बारे में पता चला है कि वह पटियाला के गांव जीवनपुर ही रहने वाली है और एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका है। सूत्रों के अनुसार वह उस युवती के साथ वह मंगनी भी करा चुका है। अब उसकी कार को लेकर वह आसानी से घूम रहा था। यूपी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के समय उक्त महिला की कार को बरामद किया है।
विज्ञापन
18 साल का वेतन और अन्य सुविधाएं वसूल करेगी सेना
सेवा में 18 साल फर्जी दस्तावेज पर वेतन व अन्य सुविधाएं का आनंद लेने वाले प्रदीप सिंह उर्फ पीरू को सबका हिसाब चुकाना होगा। सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सिविल अदालत में जैसे उस पर आरोप तय होंगे, उसके बाद सेना की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। 18 साल का वेतन, अन्य भत्ते व कैंटीन सुविधाओं का पैसा लौटना होगा। वही सेना इस मामले की जांच भी कर रही है कि आखिरकार वह फर्जी दस्तावेजों पर कैसे भर्ती हो गया। 18 साल पहले किस पुलिस अफसर ने उसकी वैरिफिकेशन की थी, इसकी भी जांच सेना अलग से कर रही है।
अमर उजाला ने किया था सबसे पहले खुलासा
उल्लेखनीय है कि बीती 16 जुलाई 2020 को हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर 150 युवा सेना की वर्दी पहन कर नौकरी लेने पहुंच गए थे। यहां पर खुलासा हुआ कि वह उनके साथ करोड़ों रुपये की ठगी हो चुकी है। 18 जुलाई को अमर उजाला ने खुलासा कि आरोपी का नाम स्वर्ण सिंह है और वह सेना का बर्खास्त है। 20 जुलाई को अमर उजाला तीसरा सबसे सनसनीखेज खुलासा किया कि आरोपी का असली नाम स्वर्ण सिंह नहीं बल्कि प्रदीप सिंह उर्फ पीरू है। आरोपी 18 साल पहले अपने बड़े भाई के दस्तावेज पर सेना में भर्ती में हुआ था। इस खुलासे के बाद सेना और पुलिस में हड़कंप मच गया था।