किसान और आढ़ती दोनों पुलिस पर मढ़ रहे आरोप
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किसान यूनियन के नेता बूटा सिंह बुरजगिल व जिला प्रधान मनजीत सिंह ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से मांग की कि अगर मृतक बलवीर कौर और बलजीत सिंह बल्लू की अंतिम अरदास से पहले पहले बाकी रहते दो आढ़तियों को गिरफ्तार न किया तो उस दिन राज्य व जिला प्रशासन के खिलाफ कडे़ संघर्ष का एलान किया जाएगा।
किसान नेताओं ने सिविल व पुलिस प्रशासन की कड़ी आलोचना करते कहा कि बड़ अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक बलजीत सिंह बल्लू व बलवीर कौर ने जहर निगला। बावजूद इसके सभी अधिकारी मूक दर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। उन्होंने एलान किया कि उनका संघर्ष कई चरणों में चलेगा, पहले आढ़तियों की गिरफ्तारी के लिए व परिवार की आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए संघर्ष लड़ा जाएगा। दूसरे चरण में घटना पर मूकदर्शक बने सिविल व पुलिस अधिकारियों को सजाएं दिलवाने के लिए लड़ा जाएगा।
दूसरी तरफ जिले के समूह आढ़तियों ने दुकानें बंद रख कर एसोसिएशन के अध्यक्ष दर्शन सिंह व धीरज कुमार के नेतृत्व में एक बैठक की। उन्होंने सरकार की कड़ी आलोचना करते कहा कि राज्य सरकार द्वारा कई साल से आढ़तियों को दबाया जा रहा है। इस केस में भी किसान यूनियन के दबाव में पांच आढ़तियों पर नाजायज केस दर्ज कर दिया गया है, जबकि उनके पास हाईकोर्ट से कब्जा वारंट थे।
केस में आढ़ती तेजा सिंह, बलजीत सिंह, बलजीत सिंह कैरों, मनप्रीत सिंह व जसप्रीत सिंह को नामजद कर दिया गया है। मनप्रीत सिंह और जसप्रीत सिंह बेकसूर हैं और न ही वह घटना वाले दिन वहां गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्दोष मनप्रीत सिंह व जसप्रीत सिंह को पकड़ा गया तो तीखे संघर्ष का एलान किया जाएगा।
आढ़तियों ने किसान यूनियन के कुछ नेताओं और मृतक बलजीत सिंह बल्लू के ताया पलविंदर सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने ने ही दोनों को खुदकुशी के लिए उकसाया क्योंकि पलविंदर खुद किसान यूनियन के सदस्य हैं।
जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर ने कहा कि घटना वाले दिन मौजूद अधिकारियों की लिस्ट उच्चाधिकारियों व डीजीपी सुरेश अरोड़ा को भेज दी है, अगली कार्रवाई जांच के बाद उच्चाधिकारी ही करेंगे।