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दुकान में ही फंदा लगाकर जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 20 Nov 2015 10:30 PM IST
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मंदी की मार झेल रहे बेयरिंग रिपेयर करने वाले एक दुकानदार ने शिमलापुरी
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स्थित अपनी दुकान में वीरवार की देर रात फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
घटना का पता उस समय चला जब वह घर नहीं लौटा तो उसके परिजन उसे दुकान पर देखने के लिए पहुंचे। दुकान का शटर बाहर से खुला था। उन्होंने शटर उठाया तो अंदर अब्दुल्लापुर बस्ती में रहने वाले दिनेश कुमार (38) का शव लटक रहा था।
जांच अधिकारी मोहम्मद रशीद ने बताया कि दिनेश कुमार मूल रुप से उत्तरप्रदेश के जिला आजमगढ़ का रहने वाला था। वह यहां करीब आठ साल से रह रहा था। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। परिवार के साथ वह अब्दुल्लापुर बस्ती में रहता था। दिनेश की गिल रोड पर बेयरिंग रिपेयर करने की दुकान थी।
वह रोजाना सुबह आठ से नौ बजे के बीच में दुकान पर आता और देर शाम को चला जाता था। पिछले कुछ दिनों से दिनेश के काम में मंदी का दौर था। इससे वह परेशान था। वीरवार की रात को वह घर नहीं गया। उसने देर रात अंदर से दुकान का शटर नीचे करने के बाद आत्महत्या कर ली। देर रात तक घर न पहुंचने पर उसके परिजनों ने फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन दिनेश फोन नहीं उठा रहा था। इस पर परिजन दिनेश की दुकान पर पहुंचे।
शटर का ताला खुला हुआ था। परिजनों ने शटर खोला तो अंदर दिनेश का शव लटक रहा था। पुलिस ने दिनेश की पत्नी गुड्डी और भाई अशोक कुमार के बयानों पर कार्रवाई करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव उन्हें सौंप दिया।
घटना का पता उस समय चला जब वह घर नहीं लौटा तो उसके परिजन उसे दुकान पर देखने के लिए पहुंचे। दुकान का शटर बाहर से खुला था। उन्होंने शटर उठाया तो अंदर अब्दुल्लापुर बस्ती में रहने वाले दिनेश कुमार (38) का शव लटक रहा था।
जांच अधिकारी मोहम्मद रशीद ने बताया कि दिनेश कुमार मूल रुप से उत्तरप्रदेश के जिला आजमगढ़ का रहने वाला था। वह यहां करीब आठ साल से रह रहा था। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। परिवार के साथ वह अब्दुल्लापुर बस्ती में रहता था। दिनेश की गिल रोड पर बेयरिंग रिपेयर करने की दुकान थी।
वह रोजाना सुबह आठ से नौ बजे के बीच में दुकान पर आता और देर शाम को चला जाता था। पिछले कुछ दिनों से दिनेश के काम में मंदी का दौर था। इससे वह परेशान था। वीरवार की रात को वह घर नहीं गया। उसने देर रात अंदर से दुकान का शटर नीचे करने के बाद आत्महत्या कर ली। देर रात तक घर न पहुंचने पर उसके परिजनों ने फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन दिनेश फोन नहीं उठा रहा था। इस पर परिजन दिनेश की दुकान पर पहुंचे।
शटर का ताला खुला हुआ था। परिजनों ने शटर खोला तो अंदर दिनेश का शव लटक रहा था। पुलिस ने दिनेश की पत्नी गुड्डी और भाई अशोक कुमार के बयानों पर कार्रवाई करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव उन्हें सौंप दिया।