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सेहत विभाग ने अभी तक नकली प्लैटलैट्स को नहीं किया नष्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Tue, 21 Jun 2016 10:02 PM IST
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अदालत से मंजूरी लेने के बाद भी सेहत विभाग ने अभी तक नकली प्लैटलैट्स को नष्ट करने के लिए बायो मेडिकल वेस्ट प्लांटों में नहीं भेजा।
नकली प्लैटलैट्स से भरा टैंकर अभी तक सिविल अस्पताल में ही खड़ा है। यह अस्पताल में आने जाने वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि अगर नकली प्लैटलैट्स की बदबू फैल जाती है तो अस्पताल में पहले से दाखिल मरीज तो इसकी चपेट में आएंगे ही, साथ में सिविल अस्पताल में काम करने वाले लोग भी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।
सेहत विभाग के अधिकारी अमित दुग्गल का कहना है कि ट्रक को कुछ समय के लिए स्टार्ट खड़ा कर दिया जाता है। इसके चलते नकली प्लैटलैट्स की बदबू नहीं फैल सकती।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि नकली प्लैटलैट्स को सैंपल के लिए बोरी में भरने वाले सिविल अस्पताल के कई दर्जा चार कर्मी गंभीर बीमार हो गए हैं। इस बारे में सेहत विभाग के अधिकारी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है उन्होंने खुद नकली प्लैटलैट्स को सैंपल के लिए बोरी में थैलियां भरी थी।
काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस की ओर से नकली प्लैटलैट्स मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों और रिलायंस लाइफ साइंस के मैनेजर जाहीर बोरा को पुलिस आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
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हालांकि पुलिस को सात दिन तक पांचों आरोपियों से के रिमांड के दौरान कोई भी बड़ी सफलता नहीं मिली है। आरोपियों का मंगलवार को सातवें दिन का रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने उन्हें फिर से अदालत में पेश किया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी अजय मलूजा ने बताया कि इस मामले में रिलायंस के मैनेजर जाहीर बोरा की ओर से पुलिस का सहयोग न किए जाने पर उसे इस मामले में नामजद किया जाएगा। साथ ही पुलिस उसे मुंबई से जल्द बठिंडा पूछताछ के लिए लाएगी।
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नकली प्लैटलैट्स से भरा टैंकर अभी तक सिविल अस्पताल में ही खड़ा है। यह अस्पताल में आने जाने वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि अगर नकली प्लैटलैट्स की बदबू फैल जाती है तो अस्पताल में पहले से दाखिल मरीज तो इसकी चपेट में आएंगे ही, साथ में सिविल अस्पताल में काम करने वाले लोग भी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।
सेहत विभाग के अधिकारी अमित दुग्गल का कहना है कि ट्रक को कुछ समय के लिए स्टार्ट खड़ा कर दिया जाता है। इसके चलते नकली प्लैटलैट्स की बदबू नहीं फैल सकती।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि नकली प्लैटलैट्स को सैंपल के लिए बोरी में भरने वाले सिविल अस्पताल के कई दर्जा चार कर्मी गंभीर बीमार हो गए हैं। इस बारे में सेहत विभाग के अधिकारी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है उन्होंने खुद नकली प्लैटलैट्स को सैंपल के लिए बोरी में थैलियां भरी थी।
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काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस की ओर से नकली प्लैटलैट्स मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों और रिलायंस लाइफ साइंस के मैनेजर जाहीर बोरा को पुलिस आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
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हालांकि पुलिस को सात दिन तक पांचों आरोपियों से के रिमांड के दौरान कोई भी बड़ी सफलता नहीं मिली है। आरोपियों का मंगलवार को सातवें दिन का रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने उन्हें फिर से अदालत में पेश किया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी अजय मलूजा ने बताया कि इस मामले में रिलायंस के मैनेजर जाहीर बोरा की ओर से पुलिस का सहयोग न किए जाने पर उसे इस मामले में नामजद किया जाएगा। साथ ही पुलिस उसे मुंबई से जल्द बठिंडा पूछताछ के लिए लाएगी।