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घर में घुसकर डॉक्टर की मां और बीवी का गला रेता
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Fri, 29 Jan 2016 09:33 PM IST
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बाड़ेवाल रोड स्थित शेरे पंजाब कालोनी में शुक्रवार दोपहर अज्ञात हत्यारों ने तेजधार हथियार से दीप अस्पताल के हार्ट सर्जन डॉ. राकेश अग्रवाल की पत्नी सरिता अग्रवाल और उनकी माता पुष्पावती अग्रवाल की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी घर में सामान बिखेर कर फरार हो गए। दिन दहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल, डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव, एसीपी वेस्ट रुपिंदर कौर सरा और अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान सामने आया कि हत्यारों ने सरिता (55) और पुष्पावती (78) के मुंह और सिर पर तेजधार हथियार से कई वार किए। पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मृतकों के रिश्तेदार विनोद कुमार ने बताया कि डॉ. अग्रवाल का बड़ा बेटा अपनी पत्नी के साथ विदेश में रहता है, जबकि छोटा बेटा अखिलेश निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। डॉ. अग्रवाल सुबह अपने अस्पताल चले गए, जबकि अखिलेश ऑफिस चला गया। सरिता और पुष्पावती घर में ही थी। एक बजे के आस-पास गोशाला से आने वाले व्यक्ति को उन्होंने रोटी दी और उसके बाद बाहर रेहड़ी वाले से सब्जी लेकर अंदर चली गईं।
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ढाई बजे काम करने वाली पूजा घर आई तो दरवाजा खुला हुआ था। पूजा ने अंदर जाकर देखा तो लॉबी में खून से लथपथ सास-बहू पड़ी थीं। पूजा तुरंत बाहर की तरफ चिल्लाती हुई भागी और रिश्तेदारों को बुलाया। सूचना मिलने के बाद सब लोग मौके पर पहुंचे। जब तक लोग कुछ कर पाते, दोनों महिलाओं ने दम तोड़ दिया।
घर के सामने बने हैं मजदूरों के कमरे
शेरे पंजाब कालोनी में जिस जगह डॉ. राकेश का घर है, वहां खाली प्लाट ज्यादा हैं। डॉ. अग्रवाल के घर के बिल्कुल सामने मजदूरों के मकान है और साथ में खाली प्लाट है। उनके घर के साथ एक घर बना हुआ है। वह परिवार भी अपने घर में था। पड़ोसियों ने कहा कि करीब एक बजे सरिता बाहर आई थी। डेढ़ घंटे बाद उन्हें पूजा के चिल्लाने से वारदात का पता चला। मजदूरों ने पुलिस को बताया है कि मुंह ढके हुए कुछ लोग भाग रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि हत्यारे घर तक किस वाहन से पहुंचे थे और वह किस तरफ भागे।
कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं
डॉ. अग्रवाल करीब दो साल पहले ही परिवार सहित यहां शिफ्ट हुए थे। इससे पहले वह ऋषि नगर में रहते थे। उनके घर के बाहर और आसपास कहीं भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। एक कैमरा लगा, लेकिन वह भी काम नहीं कर रहा था।
घर पर लगा रिश्तेदारों का तांता
डॉ. राकेश अग्रवाल की पत्नी और मां की हत्या जैसे-जैसे रिश्तेदारों को मिलती गई, वे मौके पर पहुंचते रहे। कुछ ही देर में घर के बाहर रिश्तेदारों का तांता लग गया था। रोते बिलखते डॉ. अग्रवाल को रिश्तेदार संभाल रहे थे। विदेश में रहने वाले उनके बेटे को भी सूचित कर दिया है।
हत्यारों को थी घर के बारे में पूरी जानकारी : डीसीपी
डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह लग रहा है कि हत्यारों के पास डॉ. अग्रवाल के घर के बारे में पूरी जानकारी थी कि कब कौन जाता है और कौन आता है। घर का सामान बिखरा पड़ा था। अलमारियों के ताले टूटे हुए थे और एक पर्स गायब था उससे लगता है कि हत्याओं के पीछे लूट भी एक कारण हो सकता है। जिस तरह का क्राइम स्टाइल था और दोनों के गले रेते हुए थे, उससे लगता है कि यह काम प्रोफेशनल अपराधियों का है। इसके अलावा पुलिस पुरानी रंजिश भी एक कारण मानकर जांच में लगी हुई है। कई टीमें गठित कर अलग-अलग थ्योरियों पर जांच की जा रही है।
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सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल, डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव, एसीपी वेस्ट रुपिंदर कौर सरा और अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान सामने आया कि हत्यारों ने सरिता (55) और पुष्पावती (78) के मुंह और सिर पर तेजधार हथियार से कई वार किए। पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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मृतकों के रिश्तेदार विनोद कुमार ने बताया कि डॉ. अग्रवाल का बड़ा बेटा अपनी पत्नी के साथ विदेश में रहता है, जबकि छोटा बेटा अखिलेश निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। डॉ. अग्रवाल सुबह अपने अस्पताल चले गए, जबकि अखिलेश ऑफिस चला गया। सरिता और पुष्पावती घर में ही थी। एक बजे के आस-पास गोशाला से आने वाले व्यक्ति को उन्होंने रोटी दी और उसके बाद बाहर रेहड़ी वाले से सब्जी लेकर अंदर चली गईं।
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ढाई बजे काम करने वाली पूजा घर आई तो दरवाजा खुला हुआ था। पूजा ने अंदर जाकर देखा तो लॉबी में खून से लथपथ सास-बहू पड़ी थीं। पूजा तुरंत बाहर की तरफ चिल्लाती हुई भागी और रिश्तेदारों को बुलाया। सूचना मिलने के बाद सब लोग मौके पर पहुंचे। जब तक लोग कुछ कर पाते, दोनों महिलाओं ने दम तोड़ दिया।
घर के सामने बने हैं मजदूरों के कमरे
शेरे पंजाब कालोनी में जिस जगह डॉ. राकेश का घर है, वहां खाली प्लाट ज्यादा हैं। डॉ. अग्रवाल के घर के बिल्कुल सामने मजदूरों के मकान है और साथ में खाली प्लाट है। उनके घर के साथ एक घर बना हुआ है। वह परिवार भी अपने घर में था। पड़ोसियों ने कहा कि करीब एक बजे सरिता बाहर आई थी। डेढ़ घंटे बाद उन्हें पूजा के चिल्लाने से वारदात का पता चला। मजदूरों ने पुलिस को बताया है कि मुंह ढके हुए कुछ लोग भाग रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि हत्यारे घर तक किस वाहन से पहुंचे थे और वह किस तरफ भागे।
कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं
डॉ. अग्रवाल करीब दो साल पहले ही परिवार सहित यहां शिफ्ट हुए थे। इससे पहले वह ऋषि नगर में रहते थे। उनके घर के बाहर और आसपास कहीं भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। एक कैमरा लगा, लेकिन वह भी काम नहीं कर रहा था।
घर पर लगा रिश्तेदारों का तांता
डॉ. राकेश अग्रवाल की पत्नी और मां की हत्या जैसे-जैसे रिश्तेदारों को मिलती गई, वे मौके पर पहुंचते रहे। कुछ ही देर में घर के बाहर रिश्तेदारों का तांता लग गया था। रोते बिलखते डॉ. अग्रवाल को रिश्तेदार संभाल रहे थे। विदेश में रहने वाले उनके बेटे को भी सूचित कर दिया है।
हत्यारों को थी घर के बारे में पूरी जानकारी : डीसीपी
डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह लग रहा है कि हत्यारों के पास डॉ. अग्रवाल के घर के बारे में पूरी जानकारी थी कि कब कौन जाता है और कौन आता है। घर का सामान बिखरा पड़ा था। अलमारियों के ताले टूटे हुए थे और एक पर्स गायब था उससे लगता है कि हत्याओं के पीछे लूट भी एक कारण हो सकता है। जिस तरह का क्राइम स्टाइल था और दोनों के गले रेते हुए थे, उससे लगता है कि यह काम प्रोफेशनल अपराधियों का है। इसके अलावा पुलिस पुरानी रंजिश भी एक कारण मानकर जांच में लगी हुई है। कई टीमें गठित कर अलग-अलग थ्योरियों पर जांच की जा रही है।