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डरा धमका कर बच्चों को भीख मांगने पर करते थे मजबूर
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लुधियाना। दो महीने पहले कचहरी के पास जिला बाल सुरक्षा यूनिट की टास्क फोर्स की टीम ने भीख मांग रहे बच्चों को काबू किया। जिसके बाद टीम उन्हें अपने साथ ले गई। बच्चों ने टीम को बताया कि वह भीख नहीं मांगना चाहते, लेकिन उन्हें डरा धमकां कर अंबेदकर नगर निवासी कल्लू प्रधान और रिंकू भीख मांगने के लिए मजबूर करते हैं। जिला बाल सुरक्षा अफसर की शिकायत पर थाना डिविजन पांच की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक बाल भिक्षा को खत्म करने के लिए मुख्य दफ्तर और चाइल्ड राइट कमीशन की तरफ से काम किया जा रहा है। छह फरवरी को टीम की तरफ से तीन बच्चों को भीख मांगते समय रेस्क्यू किया गया था। इनमें से दो बच्चों ने टीम को दिए बयान में बताया कि वह भीख नहीं मांगना चाहते थे, लेकिन कल्लू दादा और रिंकू उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर करते थे और उन्हें डरा धमकां कर कई तरह के लालच देकर भीख मांगने के लिए भेजा जाता था।
शाम को जितने भी पैसे इकट्ठे होते कल्लू दादा को दे दिए जाते और उन्हें कुछ पैसे खर्च के लिए दिए जाते थे। इसके बाद बाल सुधार टीम ने अधिकारियों को बताया। उन्होंने जांच की तो सारे आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस को इसकी शिकायत की गई। पुलिस ने अपने तौर पर जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक बाल भिक्षा को खत्म करने के लिए मुख्य दफ्तर और चाइल्ड राइट कमीशन की तरफ से काम किया जा रहा है। छह फरवरी को टीम की तरफ से तीन बच्चों को भीख मांगते समय रेस्क्यू किया गया था। इनमें से दो बच्चों ने टीम को दिए बयान में बताया कि वह भीख नहीं मांगना चाहते थे, लेकिन कल्लू दादा और रिंकू उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर करते थे और उन्हें डरा धमकां कर कई तरह के लालच देकर भीख मांगने के लिए भेजा जाता था।
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शाम को जितने भी पैसे इकट्ठे होते कल्लू दादा को दे दिए जाते और उन्हें कुछ पैसे खर्च के लिए दिए जाते थे। इसके बाद बाल सुधार टीम ने अधिकारियों को बताया। उन्होंने जांच की तो सारे आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस को इसकी शिकायत की गई। पुलिस ने अपने तौर पर जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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