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भर्ती के नाम पर पांच लाख ऐंठने वाला एएसआई टो अवे के भी सात लाख कर गया हड़प
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:26 PM IST
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एएसआई टो अवे के भी सात लाख कर गया हड़प
पांच दिन पहले की भर्ती के नाम पर पांच लाख ऐंठने पर दर्ज हुआ है केस
टोईंग से इकट्ठा की गई दस लाख की रकम कर गया खर्च
एक साल में लौटाए पौने चार लाख, बाकी पौने सात लाख देने से किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पंजाब पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती के नाम पर पांच लाख रुपये ऐंठने वाला एएसआई मलकीत सिंह द्वारा ठगी का दूसरा मामला सामने आया है। यह ठगी एएसआई ने किसी व्यक्ति के साथ नहीं बल्कि अपने ही विभाग के टो अवे से आई पेमेंट से की। आरोपी के पास टोईंग की दस लाख रुपये की रकम इकट्ठा हुई थी। आरोपी ने सारे पैसे खर्च कर दिए। जब विभाग को पता चला तो आरोपी ने धीरे धीरे पैसे देने की बात कही। आरोपी ने पौैने चार लाख रुपये देकर बाकी के पौने सात लाख रुपये देने से इंकार कर दिया। कांट्रैक्टर ने इसकी जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी। जिन्होंने आरोपी एएसआई के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।
दरअसल, एक साल पहले2016 में नो-पार्किंग जोन में गाड़ी लगाने वालों के खिलाफ लुधियाना में दोबारा टो-अवे सिस्टम शुरू हुआ था। उस समय टो-अवे के पैसे जमा कराने के लिए कोई बैंक अकाउंट नहीं खुला था। टो-अवे का सिस्टम ट्रैफिक विभाग में एएसआई मलकीत सिंह देख रहा था। बैंक अकाउंट न होने के कारण टो-अवे की रकम मलकीत सिंह ही अपने पास रख रहा था। जो करीब 10 लाख तक पहुंच गई थी। जब उससे पैसे मांगे गए तो पहले तो उसने टालमटोल किया। मगर जब ट्रैफिक अधिकारियों के ध्यान में मामला आया तो एएसआई ने पैसे वापस करने का वादा किया। उसने एक बार 1.75 लाख कैश दिए और बाकी रकम 8.25 लाख का चेक दे दिया। जो उसने कुछ समय में देने को कहा। बार-बार कहने के बाद कुछ महीने बाद उसने 1.50 लाख और दिए। लेकिन, बाकी 6.75 लाख की रकम वापस नहीं की, जो हड़प ली। टो-अवे के कॉन्ट्रैक्टर ने कई बार उसे पैसों के लिए कॉल की, मगर उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
पुलिस में भर्ती के नाम से कर चुका है ठगी
एएसआई मलकीत सिंह के खिलाफ पांच दिन पहले थाना पीएयू में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। शिमलापुरी के रहने वाले शिकायतकर्ता रवि शंकर का आरोप था कि एएसआई मलकीत सिंह ने उसके भांजे को पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती कराने की एवज में 5 लाख रुपये लिए थे। लेकिन उसने न तो भांजे की भर्ती कराई और न ही पैसे वापस दिए। पैसे मांगने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकियां देने लगा था।
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मामला दर्ज करने को कहा है: पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। एडीसीपी ट्रैफिक से उक्त एएसआई की रिपोर्ट मांगी है। कॉन्ट्रैक्टर की शिकायत पर एएसआई पर मामला दर्ज करने को कहा गया है।
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पांच दिन पहले की भर्ती के नाम पर पांच लाख ऐंठने पर दर्ज हुआ है केस
टोईंग से इकट्ठा की गई दस लाख की रकम कर गया खर्च
एक साल में लौटाए पौने चार लाख, बाकी पौने सात लाख देने से किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पंजाब पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती के नाम पर पांच लाख रुपये ऐंठने वाला एएसआई मलकीत सिंह द्वारा ठगी का दूसरा मामला सामने आया है। यह ठगी एएसआई ने किसी व्यक्ति के साथ नहीं बल्कि अपने ही विभाग के टो अवे से आई पेमेंट से की। आरोपी के पास टोईंग की दस लाख रुपये की रकम इकट्ठा हुई थी। आरोपी ने सारे पैसे खर्च कर दिए। जब विभाग को पता चला तो आरोपी ने धीरे धीरे पैसे देने की बात कही। आरोपी ने पौैने चार लाख रुपये देकर बाकी के पौने सात लाख रुपये देने से इंकार कर दिया। कांट्रैक्टर ने इसकी जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी। जिन्होंने आरोपी एएसआई के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।
दरअसल, एक साल पहले2016 में नो-पार्किंग जोन में गाड़ी लगाने वालों के खिलाफ लुधियाना में दोबारा टो-अवे सिस्टम शुरू हुआ था। उस समय टो-अवे के पैसे जमा कराने के लिए कोई बैंक अकाउंट नहीं खुला था। टो-अवे का सिस्टम ट्रैफिक विभाग में एएसआई मलकीत सिंह देख रहा था। बैंक अकाउंट न होने के कारण टो-अवे की रकम मलकीत सिंह ही अपने पास रख रहा था। जो करीब 10 लाख तक पहुंच गई थी। जब उससे पैसे मांगे गए तो पहले तो उसने टालमटोल किया। मगर जब ट्रैफिक अधिकारियों के ध्यान में मामला आया तो एएसआई ने पैसे वापस करने का वादा किया। उसने एक बार 1.75 लाख कैश दिए और बाकी रकम 8.25 लाख का चेक दे दिया। जो उसने कुछ समय में देने को कहा। बार-बार कहने के बाद कुछ महीने बाद उसने 1.50 लाख और दिए। लेकिन, बाकी 6.75 लाख की रकम वापस नहीं की, जो हड़प ली। टो-अवे के कॉन्ट्रैक्टर ने कई बार उसे पैसों के लिए कॉल की, मगर उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
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पुलिस में भर्ती के नाम से कर चुका है ठगी
एएसआई मलकीत सिंह के खिलाफ पांच दिन पहले थाना पीएयू में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। शिमलापुरी के रहने वाले शिकायतकर्ता रवि शंकर का आरोप था कि एएसआई मलकीत सिंह ने उसके भांजे को पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती कराने की एवज में 5 लाख रुपये लिए थे। लेकिन उसने न तो भांजे की भर्ती कराई और न ही पैसे वापस दिए। पैसे मांगने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकियां देने लगा था।
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मामला दर्ज करने को कहा है: पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। एडीसीपी ट्रैफिक से उक्त एएसआई की रिपोर्ट मांगी है। कॉन्ट्रैक्टर की शिकायत पर एएसआई पर मामला दर्ज करने को कहा गया है।