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मारपीट कर पचास मीटर से ज्यादा घसीटने के बाद की थी बुजुर्ग की हत्या
Updated Fri, 25 May 2018 10:04 PM IST
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जमींदार की हत्या के आरोपी गिरफ्तार
गांव छोड़कर भागने की फिराक में थे दोनों आरोपी
रिमांड पर आए आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। गांव जस्सोवाल के बुजुर्ग जिम्मीदार जोरा सिंह की हत्या के मामले में जगरांव पुलिस ने गांव जस्सोवाल के ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गांव वडैच के पास नाकाबंदी के दौरान उस समय गिरफ्तार किया जब दोनों गांव छोड़ फरार होने की फिराक में थे। पुलिस ने आरोपी ओंकार सिंह उर्फ राजू और उसके दोस्त गुरदीप सिंह उर्फ दीपा को पुलिस ने दोनों को जगरांव अदालत में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।
एसएचओ सुधार हरजिंदर सिंह नें बताया कि शुरुआती पूछताछ दौरान आरोपियो नें कबूल किया है कि 11 मई की शाम को वह दोनो भी अहाते के बाहर शराब पी रहे थे, जहां पर जोरा सिंह बैठा शराब पी रहा था। शराब के नशे में ही उनकी बुजुर्ग जोरा सिहं के साथ कहासुनी हो गई। इस पर जोरा सिंह गाली गलौच करने लगा। आरोपियो के मुताबिक उन्होंने पहले बुजुर्ग जोरा सिंह को करीब 50 मीटर तक घसीटा और सुनसान जगह पर ले गए। 50 मीटर के आसपास की दूरी पर घसीटने को लेकर ही बुजुर्ग की चारों पसलियां टूट गई। उन्होंने उसका मुंह बंद करके पीटना जारी रखा। इसके बाद जोरा सिंह को अधमरा करके वहा छोड़ फरार हो गए। उसकी बाद में अस्पताल ले जाते समय मौत हुई। एसएचओ हरजिंदर सिंह ने बताया कि अब आरोपियो को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस ने अहाते के कारिंदों से भी की पूछताछ
सुधार पुलिस ने गांव हिस्सोवाल के शराब अहाते पर काम करने वाले कारिंदों से भी पूछताछ की। चाहे कारिंदे पुलिस को सीधे तौर पर कोई लिखित बयान देने के लिए तैयार नही हुए, लेकिन उन्होंने पुलिस को साफ कर दिया था कि 11 मई की रात को उक्त दोनो ने बुर्जग जोरा सिंह को मारपीट करने के बाद मौत के घाट उतारा था। जोरा सिंह के कत्ल का खुलासा शायद नही हो पाता यदि उसका गोद लिया भतीजा बलदेव सिंह विदेश से नहीं लौटता। पुलिस के मुताबिक बलदेव के आने से पहले पुलिस ने बलदेव की पत्नी सर्बजीत कौर के ब्यानो पर धारा 174 की कार्रवाई करके केस बंद कर दिया था और पोस्टमार्टम रिर्पोट का इंतजार था पंरतु बलदेव के गांव लौटते ही ।गांव जस्सोवाल के दोनो आरोपी डर गए। दोनों में से एक कातिल गुरदीप सिंह उर्फ दीपा ने खुद ही डर के मारे बलदेव सिंह से मिलकर उससे माफी मांगी और कहा कि उनसे शराब के नशे में यह गलती हो गई है। दीपा ने बलदेव सिंह के माफी मांगते हुए सारा कसूर ओंकार सिंह का बताया था। इसके बाद जमींदार की हत्या का भेद खुला।
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गांव छोड़कर भागने की फिराक में थे दोनों आरोपी
रिमांड पर आए आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। गांव जस्सोवाल के बुजुर्ग जिम्मीदार जोरा सिंह की हत्या के मामले में जगरांव पुलिस ने गांव जस्सोवाल के ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गांव वडैच के पास नाकाबंदी के दौरान उस समय गिरफ्तार किया जब दोनों गांव छोड़ फरार होने की फिराक में थे। पुलिस ने आरोपी ओंकार सिंह उर्फ राजू और उसके दोस्त गुरदीप सिंह उर्फ दीपा को पुलिस ने दोनों को जगरांव अदालत में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।
एसएचओ सुधार हरजिंदर सिंह नें बताया कि शुरुआती पूछताछ दौरान आरोपियो नें कबूल किया है कि 11 मई की शाम को वह दोनो भी अहाते के बाहर शराब पी रहे थे, जहां पर जोरा सिंह बैठा शराब पी रहा था। शराब के नशे में ही उनकी बुजुर्ग जोरा सिहं के साथ कहासुनी हो गई। इस पर जोरा सिंह गाली गलौच करने लगा। आरोपियो के मुताबिक उन्होंने पहले बुजुर्ग जोरा सिंह को करीब 50 मीटर तक घसीटा और सुनसान जगह पर ले गए। 50 मीटर के आसपास की दूरी पर घसीटने को लेकर ही बुजुर्ग की चारों पसलियां टूट गई। उन्होंने उसका मुंह बंद करके पीटना जारी रखा। इसके बाद जोरा सिंह को अधमरा करके वहा छोड़ फरार हो गए। उसकी बाद में अस्पताल ले जाते समय मौत हुई। एसएचओ हरजिंदर सिंह ने बताया कि अब आरोपियो को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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पुलिस ने अहाते के कारिंदों से भी की पूछताछ
सुधार पुलिस ने गांव हिस्सोवाल के शराब अहाते पर काम करने वाले कारिंदों से भी पूछताछ की। चाहे कारिंदे पुलिस को सीधे तौर पर कोई लिखित बयान देने के लिए तैयार नही हुए, लेकिन उन्होंने पुलिस को साफ कर दिया था कि 11 मई की रात को उक्त दोनो ने बुर्जग जोरा सिंह को मारपीट करने के बाद मौत के घाट उतारा था। जोरा सिंह के कत्ल का खुलासा शायद नही हो पाता यदि उसका गोद लिया भतीजा बलदेव सिंह विदेश से नहीं लौटता। पुलिस के मुताबिक बलदेव के आने से पहले पुलिस ने बलदेव की पत्नी सर्बजीत कौर के ब्यानो पर धारा 174 की कार्रवाई करके केस बंद कर दिया था और पोस्टमार्टम रिर्पोट का इंतजार था पंरतु बलदेव के गांव लौटते ही ।गांव जस्सोवाल के दोनो आरोपी डर गए। दोनों में से एक कातिल गुरदीप सिंह उर्फ दीपा ने खुद ही डर के मारे बलदेव सिंह से मिलकर उससे माफी मांगी और कहा कि उनसे शराब के नशे में यह गलती हो गई है। दीपा ने बलदेव सिंह के माफी मांगते हुए सारा कसूर ओंकार सिंह का बताया था। इसके बाद जमींदार की हत्या का भेद खुला।
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