{"_id":"5b326c344f1c1bf86e8ba083","slug":"181530031156-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला ने साथी महिला के बेटे से करवाया था अढ़ाई साल का बच्चा किडनैप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिला ने साथी महिला के बेटे से करवाया था अढ़ाई साल का बच्चा किडनैप
Updated Tue, 26 Jun 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलि देने के लिए किया था बच्चे का अपहरण
महिला ने साथी महिला के बेटे से करवाया अढ़ाई साल का बच्चा किडनैप
एक हफ्ता पहले डेहलों के इलाके से अगवा हुआ था बच्चा
खरड़ में बच्चे की बली देना चाहते थे, सीआईए पुलिस ने पकड़ा, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एक हफ्ता पहले डेहलों के गांव साइयां कलां से लापता अढ़ाई साल के शिवम को जिला खन्ना की पुलिस ने बरामद कर लिया है। जिन लोगों के कब्जे से बच्चे को बरामद किया गया, उन्होंने हैरानी जनक खुलासा किया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने तांत्रिक के कहने पर बली देने के लिए बच्चे को अगवा किया था। आरोपियों की पहचान ग्यासपुरा के चंदन तिवाड़ी उर्फ अमन, तरनतारन के गांव बैरोवाल की रहने वाली परमिंदर कौर उर्फ सोनिया के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक शिवम, डेहलों के रहने वाले मानिक चौधरी का बेटा है। मानिक लेबर का काम करता है। उसका कहना है कि 18 जून को उसका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान वह अचानक लापता हो गया। उन्होंने हर जगह उसकी तलाश की मगर कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने थाना डेहलों की पुलिस को बच्चे के लापता होने संबंधी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक हफ्ते से थाना डेहलों की पुलिस और बच्चे के परिवार वाले उसे ढूंढ रहे थे। इस दौरान सोमवार शाम को जिला खन्ना के थाना सीआईए खरड़ को पता चला कि एक व्यक्ति और महिला, एक बच्चे को लेकर घूम रहे हैं। जोकि संदिग्ध लग रहे हैं। पुलिस ने खानपुर चौक के पास आरोपियों को बच्चे समेत पकड़ लिया। जब आरोपियों से पूछताछ हुई तो पुलिस भी हैरान हो गई। आरोपियों ने बताया कि बच्चा उनका नहीं है, उन्होंने लुधियाना के डेहलों इलाके से बच्चे को अगवा किया है।
बली देने के लिए किया था बच्चे को अगवा
पकड़ी गई आरोपी परमिंदर कौर उर्फ सोनिया ने बताया उसकी शादी नहीं हो रही थी। इसलिए वह एक तांत्रिक के संपर्क में आई, जिसने कहा कि बच्चे की बली देने के बाद ही उसकी शादी हो पाएगी। इसके बाद उसने बच्चे को अगवा करने की प्लानिंग बनाई। फिर उसने अपने साथ काम करने वाली एक महिला से इसकी बात की और कुछ पैसों का लालच दिया। तब उस महिला ने कहा कि उसका बेटा चंदन डेहलों में नौकरी करता है। वह कहीं न कहीं से उसे बच्चा अगवा कर दे देगा।
विज्ञापन
चंदन ने पड़ोसी का बेटा किया अगवा
चंदर गांव डेहलों में रहता है और मानिक उसका पड़ोसी है। परमिंदर कौर उर्फ सोनिया के कहने के बाद चंदन ने अपने पड़ोसी मानिक के ढाई साल के बेटे को अगवा कर लिया। पहले कुछ दिन तक चंदन बच्चे को लेकर ग्यासपुरा के आसपास रहने लगा। सोमवार को सोनिया ने बच्चे को खरड़ लाने के लिए कहा था, इसलिए चंदन बच्चे को लेकर खरड़ चला गया। जहां उन्होंने बच्चे की बली देनी थी। लेकिन, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
थाना डेहलो के जांच अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि 18 जून को अढ़ाई साल का शिवम गांव साइया कलां से लापता हुआ था। इस संबंध में गुमशुदगी दर्ज थी। अब बच्चा सही सलामत मिल गया है। जोकि घरवालों के हवाले कर दिया गया है।
खरड़ के सीआईए इंचार्ज तरलोचन सिंह ने बताया कि उन्हे सूचना मिली थी कि एक महिला और व्यक्ति, बच्चे को लेकर घुम रहे है। जोकि संदिग्ध लग रहे है। इस पर उन्होने दोनों को पकड़ लिया। जब पूछताछ हुई तो आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने डेहलों से बच्चे को अगवा किया था और उसकी बली देनी थी।
विज्ञापन
महिला ने साथी महिला के बेटे से करवाया अढ़ाई साल का बच्चा किडनैप
एक हफ्ता पहले डेहलों के इलाके से अगवा हुआ था बच्चा
खरड़ में बच्चे की बली देना चाहते थे, सीआईए पुलिस ने पकड़ा, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एक हफ्ता पहले डेहलों के गांव साइयां कलां से लापता अढ़ाई साल के शिवम को जिला खन्ना की पुलिस ने बरामद कर लिया है। जिन लोगों के कब्जे से बच्चे को बरामद किया गया, उन्होंने हैरानी जनक खुलासा किया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने तांत्रिक के कहने पर बली देने के लिए बच्चे को अगवा किया था। आरोपियों की पहचान ग्यासपुरा के चंदन तिवाड़ी उर्फ अमन, तरनतारन के गांव बैरोवाल की रहने वाली परमिंदर कौर उर्फ सोनिया के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक शिवम, डेहलों के रहने वाले मानिक चौधरी का बेटा है। मानिक लेबर का काम करता है। उसका कहना है कि 18 जून को उसका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान वह अचानक लापता हो गया। उन्होंने हर जगह उसकी तलाश की मगर कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने थाना डेहलों की पुलिस को बच्चे के लापता होने संबंधी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक हफ्ते से थाना डेहलों की पुलिस और बच्चे के परिवार वाले उसे ढूंढ रहे थे। इस दौरान सोमवार शाम को जिला खन्ना के थाना सीआईए खरड़ को पता चला कि एक व्यक्ति और महिला, एक बच्चे को लेकर घूम रहे हैं। जोकि संदिग्ध लग रहे हैं। पुलिस ने खानपुर चौक के पास आरोपियों को बच्चे समेत पकड़ लिया। जब आरोपियों से पूछताछ हुई तो पुलिस भी हैरान हो गई। आरोपियों ने बताया कि बच्चा उनका नहीं है, उन्होंने लुधियाना के डेहलों इलाके से बच्चे को अगवा किया है।
विज्ञापन
बली देने के लिए किया था बच्चे को अगवा
पकड़ी गई आरोपी परमिंदर कौर उर्फ सोनिया ने बताया उसकी शादी नहीं हो रही थी। इसलिए वह एक तांत्रिक के संपर्क में आई, जिसने कहा कि बच्चे की बली देने के बाद ही उसकी शादी हो पाएगी। इसके बाद उसने बच्चे को अगवा करने की प्लानिंग बनाई। फिर उसने अपने साथ काम करने वाली एक महिला से इसकी बात की और कुछ पैसों का लालच दिया। तब उस महिला ने कहा कि उसका बेटा चंदन डेहलों में नौकरी करता है। वह कहीं न कहीं से उसे बच्चा अगवा कर दे देगा।
विज्ञापन
चंदन ने पड़ोसी का बेटा किया अगवा
चंदर गांव डेहलों में रहता है और मानिक उसका पड़ोसी है। परमिंदर कौर उर्फ सोनिया के कहने के बाद चंदन ने अपने पड़ोसी मानिक के ढाई साल के बेटे को अगवा कर लिया। पहले कुछ दिन तक चंदन बच्चे को लेकर ग्यासपुरा के आसपास रहने लगा। सोमवार को सोनिया ने बच्चे को खरड़ लाने के लिए कहा था, इसलिए चंदन बच्चे को लेकर खरड़ चला गया। जहां उन्होंने बच्चे की बली देनी थी। लेकिन, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
थाना डेहलो के जांच अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि 18 जून को अढ़ाई साल का शिवम गांव साइया कलां से लापता हुआ था। इस संबंध में गुमशुदगी दर्ज थी। अब बच्चा सही सलामत मिल गया है। जोकि घरवालों के हवाले कर दिया गया है।
खरड़ के सीआईए इंचार्ज तरलोचन सिंह ने बताया कि उन्हे सूचना मिली थी कि एक महिला और व्यक्ति, बच्चे को लेकर घुम रहे है। जोकि संदिग्ध लग रहे है। इस पर उन्होने दोनों को पकड़ लिया। जब पूछताछ हुई तो आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने डेहलों से बच्चे को अगवा किया था और उसकी बली देनी थी।