फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   चार दिन पहले बनाई थी प्लानिंग, एरिया की रैकी करने के बाद दिया था वारदात को अंजाम

चार दिन पहले बनाई थी प्लानिंग, एरिया की रैकी करने के बाद दिया था वारदात को अंजाम

Wed, 02 Jan 2019 10:24 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Wed, 02 Jan 2019 10:24 PM IST
विज्ञापन
चार दिन पहले बनाई थी प्लानिंग, एरिया की रैकी करने के बाद दिया था वारदात को अंजाम
मेडिकल रिप्रेजेंजेटिव की खबर का जोड़
विज्ञापन


चार दिन पहले बनाई थी प्लानिंग, एरिया की रैकी करने के बाद दिया वारदात को अंजाम
दोस्त के दफ्तर में बैठ पी थी शराब, वहीं खाया था खाना
सारा दिन पीड़ित के परिजनों के साथ रहा आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सिटी सेंटर के पास हैबोवाल के दिपेश सेठी को आग लगाने वाले उसके पड़ोसी अरुण ने पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए अच्छे से प्लानिंग कर रखी थी। आरोपी ने पहले अरुण को शराब पिलाई और उसके बाद सिटी सेंटर एरिया में ले गया। जहां आरोपी ने उसे आग के हवाले कर दिया। एडीसीपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि आरोपी अरुण थ्री डी डिजाइनर का काम करता है और इस समय वह फतेहगढ़ साहिब के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग भी कर रहा है। वह फाइनल एग्जाम दे चुका था। दोनों पहले भी एक बार इकट्ठे बैठ शराब पी चुके है। 27 दिसंबर को अरुण ने प्लानिंग बनाई कि वह दिपेश को 31 दिसंबर को नए साल के जश्न के दौरान मारेगा। आरोपी अरुण ने दिपेश से कहा कि वह नए साल के जश्न इकट्ठे मनाएंगे, दिपेश ने उसका न्यौता कबूल कर दिया। अरुण ने दिपेश से कहा कि वह इस बारे में किसी को कुछ न बताए कि वह कहां जा रहे है। दिपेश के पास शराब की बोतल पड़ी थी जो अरुण सुबह ही ले गया था और सारा दिन काम करने के बाद देर शराब पीकर सिटी सेंटर में ले गया और वहां आग लगा दी।

सिटी सेंटर के पास की सारी रेकी, दोस्त के दफ्तर में बैठ पीने के बाद ले गया वहां
एडीसीपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने सग्गू चौक अपने दोस्त के दफ्तर से लेकर सिटी सेंटर तक सारी रेकी की। उसने यह भी चेक किया कि पुलिस की नाकाबंदी कहां कहां होती है और बच कर कैसे निकलना है। आरोपी ने सिटी सेंटर के आस-पास भी अच्छे तरीके से रेकी की थी। 31 दिसंबर की शाम को दिपेश घर से पैदल ही निकला और पत्नी से कहा कि वह उसे फोन न करे और देर रात तक वह आ जाएगा। घर से दो सौ मीटर दूर वह अरुण के साथ स्कूटर पर बैठा और दोनों सग्गू चौक स्थित अरुण के दोस्त के दफ्तर पहुंचे। अरुण ने दोस्त से पहले ही दफ्तर की चाबी ले रखी थी। वहां शराब पीने के बाद दोनों ने पास ही के एक रेस्तरां से खाना मंगवाया और खाना इकट्ठे खाया। उसके बाद अरुण ने दिपेश को नए साल का जश्न देखने के लिए गेड़ी मारने की बात की। जिसके बाद दोनों सिटी सेंटर की ओर निकल पड़े
विज्ञापन


झाड़ियों में छिपाई एक्टिवा और वहां बैठा कर लगा दी आग
पुलिस से बचते हुए अरुण दिपेश को सिटी सेंटर के पास ले गए और वहां पर टायलेट जाने की बात की। उसने एक्टिवा को झाडिय़ों में छिपा दिया ताकि किसी को एक्टिवा न दिखे। उसके बाद आरोपी उसे अंदर ले गया। माडल टाऊन इलाके से एक पैट्रोल पंप से 130 रुपये का पैट्रोल बोतल में भरवा कर आरोपी ने पहले ही रख लिया था। वहां बाते करते हुए दिपेश वहीं लेट गया। आरोपी ने पहले उसके पैर पर पैट्रोल डाल दिया, लेकिन दिपेश को कुछ पता नहीं चला। उसके बाद आरोपी ने दिपेश की बाजू पर पेट्रोल डाला, लेकिन शराब के नशे में होने के कारण दिपेश को फिर कुछ पता नहीं चला। उसके बाद आरोपी ने आग लगा कर सारा पैट्रोल दिपेश पर डाल दिया और उसे सिटी सेंटर के अंदर धक्का देकर फरार हो गया। आरोपी काफी समय तक पास में ही रुका रहा। जब गश्त कर रहे पुलिस मुलाजिमों ने आग देखी तो आरोपी वहां से चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सारा दिन पीड़ित परिवार के साथ रहा आरोपी
अगले दिन जब दिपेश घर नहीं लौटा तो इलाके में शोर मच गया। दिपेश के परिजन थाना हैबोवाल में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने गए तो वहां आरोपी साथ गया था। उसके बाद जब पीड़ित को डीएमसी अस्पताल लाया गया तो आरोपी वहां भी देर शाम तक साथ रहा। जब मजिस्ट्रेट दिपेश के ब्यान लेने आए तो पहले उसने किसी राकेश नाम के व्यक्ति का नाम लिया। उसके बाद उसने बताया कि वह अरुण के साथ गया था। पुलिस ने अरुण के बारे में परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी अरुण पड़ोसी है। जब पुलिस ने सारी जांच की तो सारी कहानी खुल कर सामने आ गई और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed