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रास्ते को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और एसजीपीसी हुई आमने सामने
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:36 PM IST
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लोकल प्रबंधक कमेटी और एसजीपीसी के बीचे चली लाठियां, बरसे ईंट-पत्थर
रास्ते को लेकर हुई भिड़ंत, छह लोग घायल, लोगों ने भागकर बचाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
शिमलापुरी इलाके में मंगलवार को दोपहर को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब गुरुद्वारा माता गुजरी साहिब की जमीन को लेकर लोकल प्रबंधन कमेटी और एसजीपीसी के कुछ लोग आपस में उलझ गए। दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि वहां देखते ही देखते ईंट पत्थर चलने शुरू हो गए। इस दौरान लगभग छह लोग घायल हो गए। लोगों ने वहां से इधर उधर भागकर जान बचाई। लोकल प्रबंधन कमेटी वालों का कहना था कि एसजीपीसी वाले गलत दीवार बनाकर रास्ता बंद कर रहे हैं। वहीं एसजीपीसी वालों का कहना है कि जगह उनकी है। जबकि गुरुद्वारा साहिब का गेट दूसरी तरफ है। सूचना के बाद थाना शिमलापुरी की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ईंट पत्थर लगने से घायल लोगों को इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बनी हुई है।
शिमलापुरी इलाके में गुरुद्वारा साहिब की 17 एकड़ जमीन पड़ी हुई है। जहां काफी समय से एक गुरुद्वारा है। अदालत से जगह की देख रेख की इजाजत मिलने के बाद मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य वहां पहुंचे और दीवार बनवाने लगे। तभी गुरुद्वारा साहिब के गेट के आगे से दीवार करने लगे तो लोकल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद उनमें विवाद हो गया और ईंट पत्थर चलने लगे। मामले में घायल मंजीत कौर ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी वाले रास्ते को बंद करना चाहते हैं। जबकि वह लोग रास्ता बंद करने के खिलाफ है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। जिस दौरान एसजीपीसी की ओर से आए लोगों ने उन लाठियों और ईंट-पत्थरों हमला कर दिया और उन्हें जख्मी कर दिया। इस हमले में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने मांग की कि स्थानीय गुरुद्वारे को जाने वाला रास्ता खोला जाए।
एसजीपीसी की तरफ से आए हरपाल सिंह ने बताया कि यह 17 एकड़ जमीन एसजीपीसी की है, जिसका प्रबंध लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी देख रही है। जिसे लेकर हाईकोर्ट की ओर से प्रबंध अपने हाथ में लेने के आदेश दिए हैं। वह गुरुद्वारा साहिब की जगह पर चार दिवारी करवा रहे थे। जब गेट के पास दीवार करानी चाही तो स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लोगों ने शोर मचा दिया। जबकि इनका मुख्य गेट दूसरी तरफ से है, जिन्होंने गलत तरीके से यहां गेट निकाला है। जब उन्होंने दीवार करनी चाही तो लोगों ने हाथापाई शुरू कर दी। थाना शिमलापुरी के नवनियुक्त एसएचओ ट्रेनी आईपीएस अधिकारी रवि कुमार ने बताया कि 17 एकड़ जमीन एसजीपीसी की है। वह अपनी जगह कवर कर रहे थे। रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। जांच चल रही है। दोनों पक्षों ने एक दिन का समय लिया है। वह बुधवार तक अपने मसले का हल निकाल लेंगे।
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लोकल प्रबंधक कमेटी और एसजीपीसी के बीचे चली लाठियां, बरसे ईंट-पत्थर
रास्ते को लेकर हुई भिड़ंत, छह लोग घायल, लोगों ने भागकर बचाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
शिमलापुरी इलाके में मंगलवार को दोपहर को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब गुरुद्वारा माता गुजरी साहिब की जमीन को लेकर लोकल प्रबंधन कमेटी और एसजीपीसी के कुछ लोग आपस में उलझ गए। दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि वहां देखते ही देखते ईंट पत्थर चलने शुरू हो गए। इस दौरान लगभग छह लोग घायल हो गए। लोगों ने वहां से इधर उधर भागकर जान बचाई। लोकल प्रबंधन कमेटी वालों का कहना था कि एसजीपीसी वाले गलत दीवार बनाकर रास्ता बंद कर रहे हैं। वहीं एसजीपीसी वालों का कहना है कि जगह उनकी है। जबकि गुरुद्वारा साहिब का गेट दूसरी तरफ है। सूचना के बाद थाना शिमलापुरी की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ईंट पत्थर लगने से घायल लोगों को इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बनी हुई है।
शिमलापुरी इलाके में गुरुद्वारा साहिब की 17 एकड़ जमीन पड़ी हुई है। जहां काफी समय से एक गुरुद्वारा है। अदालत से जगह की देख रेख की इजाजत मिलने के बाद मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य वहां पहुंचे और दीवार बनवाने लगे। तभी गुरुद्वारा साहिब के गेट के आगे से दीवार करने लगे तो लोकल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद उनमें विवाद हो गया और ईंट पत्थर चलने लगे। मामले में घायल मंजीत कौर ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी वाले रास्ते को बंद करना चाहते हैं। जबकि वह लोग रास्ता बंद करने के खिलाफ है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। जिस दौरान एसजीपीसी की ओर से आए लोगों ने उन लाठियों और ईंट-पत्थरों हमला कर दिया और उन्हें जख्मी कर दिया। इस हमले में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने मांग की कि स्थानीय गुरुद्वारे को जाने वाला रास्ता खोला जाए।
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एसजीपीसी की तरफ से आए हरपाल सिंह ने बताया कि यह 17 एकड़ जमीन एसजीपीसी की है, जिसका प्रबंध लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी देख रही है। जिसे लेकर हाईकोर्ट की ओर से प्रबंध अपने हाथ में लेने के आदेश दिए हैं। वह गुरुद्वारा साहिब की जगह पर चार दिवारी करवा रहे थे। जब गेट के पास दीवार करानी चाही तो स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लोगों ने शोर मचा दिया। जबकि इनका मुख्य गेट दूसरी तरफ से है, जिन्होंने गलत तरीके से यहां गेट निकाला है। जब उन्होंने दीवार करनी चाही तो लोगों ने हाथापाई शुरू कर दी। थाना शिमलापुरी के नवनियुक्त एसएचओ ट्रेनी आईपीएस अधिकारी रवि कुमार ने बताया कि 17 एकड़ जमीन एसजीपीसी की है। वह अपनी जगह कवर कर रहे थे। रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। जांच चल रही है। दोनों पक्षों ने एक दिन का समय लिया है। वह बुधवार तक अपने मसले का हल निकाल लेंगे।
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