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सरकार के आदेशों की उड़ रही है धज्जिया
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पीएयू के पेट्रोल पंप पर लिए जा रहे पांच रुपये अधिक
युवक ने किया विरोध तो स्टाफ ने की बदसलूकी
युवक ने मौके से वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को फोन कर दी जानकारी
फूड सप्लाई विभाग की टीम ने की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने दो दिन पहले पेश किए गए वार्षिक बजट में पेट्रोल और डीजल के रेट कम कर जहां आम लोगों का राहत देने की कोशिश की है, वहीं महानगर की पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में बने पेट्रोल पंप पर कर्मचारी पुराने रेट पर तेल बेच रहे हैं। आम लोगों को पुराने रेट पर तेल दिया जा रहा है। वहीं एक युवक ने जब इसका विरोध किया तो स्टाफ ने उसके साथ बदसलूकी की और धमकियां दी कि वह इसी रेट पर तेल बेचेंगे जो करना है वह करो। इसके बाद युवक ने जानकारी वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को दी। जिन्होंने लोकल प्रशासन को शिकायत के लिए कहा। इसके बाद युवक ने फूड सप्लाई विभाग को जानकारी दी। फूड सप्लाई विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
हंबड़ा रोड में रहने वाले राहुल मल्होत्रा ने बताया कि वह यूनिवर्सिटी से गुजर रहा था तो बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया। उसने अंदर पंप से तेल डलवा लिया। पंप के करिंदों ने 76.40 प्रति लीटर के हिसाब से पैसे लिए। जब उन्होंने बाहर दूसरे पंप पर रेट चेक किया तो 71.34 पैसे प्रति लीटर था। जब वापस आकर उसने इसकी जानकारी पंप कर्मचारियों को दी कि वह पैसे पांच रुपये ज्यादा ले रहे हैं, जबकि सरकार ने रेट कम कर दिया है तो कर्मचारियों ने बदसलूकी करनी शुुरू कर दी। राहुल ने कहा कि जब उसने उनके अधिकारी से बात की तो उसने कहा कि यह सरकारी पंप है, वह आम पब्लिक को तेल नहीं दे सकते। इस पर युवक ने कहा कि यहां आम लोगों को भी तेल दिया जा रहा है। राहुल ने कहा कि जब किसी ने उसकी कोई बात नहीं सुनी तो उसने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल का नंबर पता करा उन्हें वहीं से शिकायत की। जिसके बाद फूड सप्लाई विभाग की टीम पहुंची।
कंट्रोलर ने लिखित में जांच की बात कही
डिस्ट्रिक्ट फूड सप्लाई ऑफिसर (डीएफएसओ) राकेश भास्कर ने बताया कि सूचना के बाद उनकी टीम वहां गई थी। एक बात तो यह कि वह आम पब्लिक को तेल नहीं बेच सकते। पीएयू में बने पेट्रोल पंप से कैंपस के लोगों को ही तेल दिया जा रहा है, लेकिन वह आम लोगों को बेच रहे हैं। आम लोगों और कैंपस के लोगों से तेल के पांच रुपये ज्यादा लिए जा रहे हैं। राकेश ने बताया कि पंप के कंट्रोलर ने उन्हें लिखित में दिया है कि यह उनके किसी कर्मचारी की गलती है वह दो दिन में जांच कर उन्हें रिपोर्ट दे देंगे और कसूरवार कर्मचारी पर कार्रवाई करेंगे। बाकी वह अपने तौर पर भी जांच कर रहे हैं।
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युवक ने किया विरोध तो स्टाफ ने की बदसलूकी
युवक ने मौके से वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को फोन कर दी जानकारी
फूड सप्लाई विभाग की टीम ने की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने दो दिन पहले पेश किए गए वार्षिक बजट में पेट्रोल और डीजल के रेट कम कर जहां आम लोगों का राहत देने की कोशिश की है, वहीं महानगर की पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में बने पेट्रोल पंप पर कर्मचारी पुराने रेट पर तेल बेच रहे हैं। आम लोगों को पुराने रेट पर तेल दिया जा रहा है। वहीं एक युवक ने जब इसका विरोध किया तो स्टाफ ने उसके साथ बदसलूकी की और धमकियां दी कि वह इसी रेट पर तेल बेचेंगे जो करना है वह करो। इसके बाद युवक ने जानकारी वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को दी। जिन्होंने लोकल प्रशासन को शिकायत के लिए कहा। इसके बाद युवक ने फूड सप्लाई विभाग को जानकारी दी। फूड सप्लाई विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
हंबड़ा रोड में रहने वाले राहुल मल्होत्रा ने बताया कि वह यूनिवर्सिटी से गुजर रहा था तो बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया। उसने अंदर पंप से तेल डलवा लिया। पंप के करिंदों ने 76.40 प्रति लीटर के हिसाब से पैसे लिए। जब उन्होंने बाहर दूसरे पंप पर रेट चेक किया तो 71.34 पैसे प्रति लीटर था। जब वापस आकर उसने इसकी जानकारी पंप कर्मचारियों को दी कि वह पैसे पांच रुपये ज्यादा ले रहे हैं, जबकि सरकार ने रेट कम कर दिया है तो कर्मचारियों ने बदसलूकी करनी शुुरू कर दी। राहुल ने कहा कि जब उसने उनके अधिकारी से बात की तो उसने कहा कि यह सरकारी पंप है, वह आम पब्लिक को तेल नहीं दे सकते। इस पर युवक ने कहा कि यहां आम लोगों को भी तेल दिया जा रहा है। राहुल ने कहा कि जब किसी ने उसकी कोई बात नहीं सुनी तो उसने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल का नंबर पता करा उन्हें वहीं से शिकायत की। जिसके बाद फूड सप्लाई विभाग की टीम पहुंची।
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कंट्रोलर ने लिखित में जांच की बात कही
डिस्ट्रिक्ट फूड सप्लाई ऑफिसर (डीएफएसओ) राकेश भास्कर ने बताया कि सूचना के बाद उनकी टीम वहां गई थी। एक बात तो यह कि वह आम पब्लिक को तेल नहीं बेच सकते। पीएयू में बने पेट्रोल पंप से कैंपस के लोगों को ही तेल दिया जा रहा है, लेकिन वह आम लोगों को बेच रहे हैं। आम लोगों और कैंपस के लोगों से तेल के पांच रुपये ज्यादा लिए जा रहे हैं। राकेश ने बताया कि पंप के कंट्रोलर ने उन्हें लिखित में दिया है कि यह उनके किसी कर्मचारी की गलती है वह दो दिन में जांच कर उन्हें रिपोर्ट दे देंगे और कसूरवार कर्मचारी पर कार्रवाई करेंगे। बाकी वह अपने तौर पर भी जांच कर रहे हैं।
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