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रिंकल हत्याकांड : दो घंटे पुलिस के साथ हुई मीटिंग के बाद भी अंतिम संस्कार को नहीं माने परिजन

Mon, 30 Jul 2018 10:37 PM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:37 PM IST
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रिंकल हत्याकांड : दो घंटे पुलिस के साथ हुई मीटिंग के बाद भी अंतिम संस्कार को नहीं माने परिजन
रिंकल हत्याकांड : परिजनों को 24 घंटे का अल्टीमेटम
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अंतिम संस्कार के लिए नहीं माने तो प्रशासन खुद करवा देगा
सोमवार को दो घंटे पुलिस के साथ हुई मीटिंग के बाद भी परिजन नहीं माने
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। भाजपा समर्थक रिंकल खेड़ा की हत्या के 11 दिन बीतने के बावजूद रिंकल के परिजन उसके शव का अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं हुए। सोमवार को थाना डिविजन दो में पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ हुई दो घंटे की मीटिंग भी बेनतीजा रही। वहीं देर शाम पुलिस ने प्रेस के नाम बयान जारी कर कहा कि 11 दिन से रिंकल के शव की बेअदबी हो रही है। अगले 24 घंटे में परिवार अनुमति दे वरना पुलिस प्रशासन खुद रिंकल का अंतिम संस्कार करवा देगा।
रिंकल के परिजन सिर्फ एक ही बात पर अड़े हैं कि पहले कांग्रेसी पार्षद गुरदीप सिंह नीटू को गिरफ्तार किया जाए उसके बाद ही रिंकल के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। रिंकल के भाई मनी खेड़ा ने बताया कि सोमवार सुबह एडीसीपी लांबा की अगुवाई में थाना डिविजन दो के अंदर कुछ पुलिस अधिकारी बैठे थे। वह परिजनों के साथ वहां गए थे। वहां पर उन्होंने एडीसीपी लांबा को बयान लिखे हुए अपने कुछ कागजात दिए और कांग्रेसी पार्षद गुरदीप सिंह नीटू व अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। मनी खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी नीटू और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन पर रिंकल का अंतिम संस्कार करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक पार्षद गुरदीप सिंह नीटू को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक रिंकल का अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को चेतावनी भी दी गई है कि मंगलवार को जगरांव पुल पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक पार्षद नीटू बाहर है, तब तक उन्हें व उनके परिवार को जान का खतरा बना रहेगा।
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एडीसीपी सुरिंदर लांबा ने कहा कि वह किसी को मनाने के लिए नहीं गए थे। परिजनों ने कुछ कागजात देने थे, जिसे रिसीव किया गया है। परिजनों को रिंकल के अंतिम संस्कार के बारे में जरूर बोला गया है, लेकिन न तो किसी पुलिस अधिकारी ने उन्हें मनाने की कोशिश की है और न ही किसी अधिकारी ने उन पर संस्कार करने का दबाव बनाया है।
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