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328 पवित्र स्वरूपों के गुम होने का मामला: जत्थेदार बोले- सरकार के साथ जांच में सहयोग करे एसजीपीसी
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को जांच में सहयोग करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में राजनीतिक दखल बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के जगत ज्योत गुरु हैं और सभी सिखों का पवित्र श्रद्धा का केंद्र।
गड़गज्ज ने बताया कि ईशर सिंह जांच कमीशन ने रिपोर्ट में 16 आरोपियों के नाम उजागर किए हैं जिनके खिलाफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने विभागीय कार्रवाई की है। मामला कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग का था जिन्होंने पवित्र स्वरूपों का बनता चढ़ावा ट्रस्ट फंड में जमा नहीं किया और बिल काटने से भी बचते रहे।
जत्थेदार ने कहा कि पंथ के हितों के दृष्टिगत एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह को केवल इस मामले में सरकार के साथ सहयोग करने का अधिकार है। जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी एसजीपीसी के सब-ऑफिस में उनकी मौजूदगी में ही देखी जा सकती है। ईशर सिंह कमीशन की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी या संगठन इस मामले से लाभ न उठाए, नहीं तो वह पंथ के प्रति जवाबदेह होगा।
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संगरावा ने की आदेशों की सराहना
दमदमी टकसाल संगरावा के मुखी बाबा राम सिंह ने जत्थेदार के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह पंथक नैतिकता, एकता और पवित्रता की रक्षा में मददगार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पवित्र स्वरूपों की सुरक्षा और सही ढंग से प्रबंधन सभी की साझा जिम्मेदारी है। इस आदेश से सिख पंथ में एकता बनी रहेगी और मामला निष्पक्ष रूप से जांच के लिए खुला रहेगा, जिससे सच्चाई सामने आएगी और राजनीतिक हस्तक्षेप रोका जा सकेगा।
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अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को जांच में सहयोग करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में राजनीतिक दखल बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के जगत ज्योत गुरु हैं और सभी सिखों का पवित्र श्रद्धा का केंद्र।
गड़गज्ज ने बताया कि ईशर सिंह जांच कमीशन ने रिपोर्ट में 16 आरोपियों के नाम उजागर किए हैं जिनके खिलाफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने विभागीय कार्रवाई की है। मामला कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग का था जिन्होंने पवित्र स्वरूपों का बनता चढ़ावा ट्रस्ट फंड में जमा नहीं किया और बिल काटने से भी बचते रहे।
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जत्थेदार ने कहा कि पंथ के हितों के दृष्टिगत एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह को केवल इस मामले में सरकार के साथ सहयोग करने का अधिकार है। जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी एसजीपीसी के सब-ऑफिस में उनकी मौजूदगी में ही देखी जा सकती है। ईशर सिंह कमीशन की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी या संगठन इस मामले से लाभ न उठाए, नहीं तो वह पंथ के प्रति जवाबदेह होगा।
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संगरावा ने की आदेशों की सराहना
दमदमी टकसाल संगरावा के मुखी बाबा राम सिंह ने जत्थेदार के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह पंथक नैतिकता, एकता और पवित्रता की रक्षा में मददगार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पवित्र स्वरूपों की सुरक्षा और सही ढंग से प्रबंधन सभी की साझा जिम्मेदारी है। इस आदेश से सिख पंथ में एकता बनी रहेगी और मामला निष्पक्ष रूप से जांच के लिए खुला रहेगा, जिससे सच्चाई सामने आएगी और राजनीतिक हस्तक्षेप रोका जा सकेगा।