फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   गौचर भूमि के लिए अनशन पर बैठे संत गोपाल दास

गौचर भूमि के लिए अनशन पर बैठे संत गोपाल दास

Mon, 11 Mar 2013 05:35 AM IST
Ludhiana
Ludhiana Updated Mon, 11 Mar 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
लुधियाना। पंजाब में गौचर भूमि छुड़ाने के लिए गौरक्षा आंदोलन के अध्यक्ष संत गोपाल दास रविवार से दरेसी ग्राउंड में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। संत की मांग है कि पंजाब सरकार गोचर भूमि भू-माफिया से छुड़ाने का आदेश करे। ताकि सूबे की सड़कों पर भटक रहीं आवारा, लावारिस एक लाख से अधिक गायाें को ठिकाना मिल सके। इस अवसर पर गौरक्षा से जुड़े विभिन्न संगठनों, हिंदू संगठनों के कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

इस अवसर पर गौसेवा बोर्ड के चेयरमैन कीमती भगत ने कहा कि संत गोपाल दास ने देश के कई राज्यों में गौचर भूमि को छुड़ाने के लिए प्रयास किए हैं। हरियाणा में भी उन्होंने 43 दिन तक अनशन करके सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया था। भगत ने कहा कि गौचर जमीन (शामलाट जमीन) पंचायतों ने आगे दे दी। इन पर भू माफिया ने कब्जा जमा लिया। उनके अनुसार पंजाब में ऐसी हजारों एकड़ जमीन मौजूद है। देश के कई राज्यों गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार इत्यादि में सरकारों ने गौचर विकास बोर्ड बनाए हैं। संगठन की मांग है कि उसकी तर्ज पर ही पंजाब में भी गौचर विकास बोर्ड बने। अदालत ने भी 2011 में एक आदेश के तहत देश में गौचर जमीन छुड़ाने के आदेश दिए। लेकिन अभी तक पंजाब में इस पर अमल नहीं हो पाया है। भगत ने कहा कि इस बार यह आंदोलन सरकार से आर्डर लेकर ही खत्म होगा। इस अवसर पर गऊ महासंघ के महामंत्री प्रमोद गुप्ता, मंडी गोबिंदगढ़ से जोगिंदर पाल, विश्व हिन्दू परिषद के रमेश सिंगला, गुरप्रीत गोरा के अलावा राष्ट्रीय ब्राह्मण सभा, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान समेत कई सामाजिक, धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed