फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   350 विद्यार्थियों को डिग्रियां की वितरित

350 विद्यार्थियों को डिग्रियां की वितरित

Sun, 27 May 2018 10:00 PM IST
Updated Sun, 27 May 2018 10:00 PM IST
विज्ञापन
350 विद्यार्थियों को डिग्रियां की वितरित
350 विद्यार्थियों को बांटीं डिग्रियां
विज्ञापन

सतीश चंद्र धवन सरकारी कॉलेज में दीक्षांत समारोह का आयोजन
36 विद्यार्थियों को दिया रोल ऑफ ऑनर
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सतीश चंद्र धवन सरकारी कॉलेज में दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे। पीजी के 60 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 350 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की गई। विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले 36 विद्यार्थियों को रोल ऑफ ऑनर प्रदान किए गए। महाविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि कुलदीप वैद्य (विधायक) का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. धर्म सिंह संधू नेण समारोह में मुख्य अतिथि का परिचय करवाया और कहा कि महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि आज वह अपने विद्यार्थी का स्वागत मुख्य अतिथि के रूप में कर रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्यपाल वोहरा 1955-57 बैच के एमए अंग्रेजी के विद्यार्थी रहे हैं। महाविद्यालय के सतलुज मैगजीन के छात्र-संपादक होने के साथ साथ उन्होंने विश्वविद्यालय में टॉप भी किया था। इसके बाद एक वर्ष इसी कॉलेज में अध्यापन किया। इसके बाद 1959 में भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए पंजाब कैडर से चयनित हुए। इसके बाद राज्य और केंद्र के विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी। पोस्ट ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान गृह सचिव के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
विज्ञापन

प्राचार्य ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद जहां एक तरफ लोग जीवन में नई चुनौतियां लेने से घबराते हैं वहीं इसके विपरीत वोहरा 1994 में आईएएल से सेवानिवृत्त होने के बाद 1997 में प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किए गए। उन्होंने डब्ल्यूएचओ जेनेवा के इंटरनेशनल सिविल सर्वेंट की जिम्मेदारी निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य अतिथि ने अपने सभी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और अपने संबोधन में कहा कि आज कॉलेज में दाखिल होते ही उनकी यादें ताजा हो गईं। ऑडिटोरियम में दाखिल होते ही उन्हें वो पल याद आ गया जब इसी ऑडिटोरियम में वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने आते थे और आज फिर से उनके क्लासमेट भी मिले। उन्होंने अपने शिक्षकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी बदौलत ही वे आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। भले ही उस समय शिक्षकों, पैसों और संसाधनों का अभाव था परंतु शिक्षा की गुणवत्ता में कहीं से भी समझौता नहीं नजर आता था। उस समय भी यहां के विद्यार्थी पढ़ाई, खेला आदि क्षेत्रों में अव्वल ही आते थे। उन्होंने कहा कि आज भारत बहुत तेजी से विश्व स्तर पर अपनी आर्थिक विकास को लेकर आगे बढ़ रहा है, जिसमें युवाओं का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि हम सबको अपने बारे में सोचते रहना चाहिए। चाहे कितनी भी मुश्किलों का सामना क्यों न करना पड़े, हमें कभी अपने नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। यही मूल्य हमें मजबूती प्रदान करती है और विकट परिस्थिति में भी आगे बढ़ने की ओर प्रेरित करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed