{"_id":"5cbb48f0bdec221464538feb","slug":"201555777776-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडियों में बोली न होने से परेशान किसानों ने लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडियों में बोली न होने से परेशान किसानों ने लगाया जाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गेहूं की बोली न होने से परेशान किसानों ने लगाया जाम
दोपहर तीन बजे से शाम तक मूनक-चंडीगढ़ रोड का यातायात रोके रखा
लहरागागा में आढ़तियों और किसानों ने एसडीएम दफ्तर में लगाया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। एक सप्ताह से गेहूं की फसल की बोली न होने से खफा किसानों ने मूनक में मूनक-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। दोपहर तीन बजे से लगाया गया जाम शाम तक चलता रहा। किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसान हरविंदर सिंह और सुरिंदर सिंह ने कहा कि अनाज मंडी में एक सप्ताह से उनकी गेहूं की फसल की बोली नहीं लगी। शनिवार को बोली लगी और नाममात्र खरीद की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन भी अलग-अलग नमी बताती है, जिससे किसानों को मंडियों में परेशान होना पड़ रहा है और कई दिनों से अपनी फसल बिकने का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी की जब तक उनकी फसल की खरीद नहीं होगी वह धरना जारी रखेंगे। खबर लिखे जाने तक किसानों का धरना जारी था। इस मौके पर किसान नेता मोहर सिंह, गुड्डू हमीरगढ़, मेजर सिंह बल्लरां, काका सिंह औरभूरा सिंह भी मौजूद थे।
दूसरी तरफ, लहरागागा में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जीवन कुमार और संजीव कुमार सिंगला की अगुवाई में आढ़तियों और किसानों ने एसडीएम दफ्तर में धरना लगाकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद का ऐलान तो किया गया था। अभी तक लहरा मंडी अथवा इससे जुड़े खरीद केंद्रों में बोली नहीं लगी। इससे आढ़ती, लेबर और किसान परेशान हो रहे हैं। मार्केट कमेटी के सचिव मनदीप सिंह नेे कहाकि सरकार के मापदंड के मुताबिक गेहूं खरीदा जा रहा है और एक दो दिन में खरीद रफ्तार पकड लेगी। इसके बाद एसडीएम सूबा सिंह के भरोसे के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर मनीष कुमार कौहरियां, अमरनाथ कोकी, इंद्रजीत सिंहबेदी, नराता राम, सुरेश कुमार, राकेश कुमार, राम गोयल, कृष्ण कुमार मौजूद थे।
विज्ञापन
--------------------
फोटो:20एसजीआरपी01:मूनक में गेंहू की बोली न होने से खफा किसानजाम लगाए हुए।
----------------------
जसवीर सिंह भट्टी
विज्ञापन
दोपहर तीन बजे से शाम तक मूनक-चंडीगढ़ रोड का यातायात रोके रखा
लहरागागा में आढ़तियों और किसानों ने एसडीएम दफ्तर में लगाया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। एक सप्ताह से गेहूं की फसल की बोली न होने से खफा किसानों ने मूनक में मूनक-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। दोपहर तीन बजे से लगाया गया जाम शाम तक चलता रहा। किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसान हरविंदर सिंह और सुरिंदर सिंह ने कहा कि अनाज मंडी में एक सप्ताह से उनकी गेहूं की फसल की बोली नहीं लगी। शनिवार को बोली लगी और नाममात्र खरीद की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन भी अलग-अलग नमी बताती है, जिससे किसानों को मंडियों में परेशान होना पड़ रहा है और कई दिनों से अपनी फसल बिकने का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी की जब तक उनकी फसल की खरीद नहीं होगी वह धरना जारी रखेंगे। खबर लिखे जाने तक किसानों का धरना जारी था। इस मौके पर किसान नेता मोहर सिंह, गुड्डू हमीरगढ़, मेजर सिंह बल्लरां, काका सिंह औरभूरा सिंह भी मौजूद थे।
विज्ञापन
दूसरी तरफ, लहरागागा में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जीवन कुमार और संजीव कुमार सिंगला की अगुवाई में आढ़तियों और किसानों ने एसडीएम दफ्तर में धरना लगाकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद का ऐलान तो किया गया था। अभी तक लहरा मंडी अथवा इससे जुड़े खरीद केंद्रों में बोली नहीं लगी। इससे आढ़ती, लेबर और किसान परेशान हो रहे हैं। मार्केट कमेटी के सचिव मनदीप सिंह नेे कहाकि सरकार के मापदंड के मुताबिक गेहूं खरीदा जा रहा है और एक दो दिन में खरीद रफ्तार पकड लेगी। इसके बाद एसडीएम सूबा सिंह के भरोसे के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर मनीष कुमार कौहरियां, अमरनाथ कोकी, इंद्रजीत सिंहबेदी, नराता राम, सुरेश कुमार, राकेश कुमार, राम गोयल, कृष्ण कुमार मौजूद थे।
विज्ञापन
--------------------
फोटो:20एसजीआरपी01:मूनक में गेंहू की बोली न होने से खफा किसानजाम लगाए हुए।
----------------------
जसवीर सिंह भट्टी