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Ludhiana: नवजोत सिद्धू की मुश्किलें बढ़ीं, हाउसिंग प्रोजेक्ट के सीएलयू मामले में अदालत ने बतौर गवाह किया तलब

Sat, 27 Aug 2022 10:15 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 27 Aug 2022 10:15 PM IST
सार

नवजोत सिंह सिद्धू 1988 में हुए रोडरेज केस मामले में सजा काट रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें मामले में एक वर्ष की सजा सुनाई है। वह पटियाला की केंद्रीय जेल में बंद हैं। 

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Ludhiana court summoned Navjot Sidhu as witness in CLU case of housing project
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पटियाला जेल में बंद पूर्व कांग्रेसी मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। लुधियाना में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ हाउस प्रोजेक्ट के सीएलयू मामले में गबन के आरोप के एक मामले में बतौर गवाह नवजोत सिंह सिद्धू को कोर्ट में पेश होने के लिए तलब किया है। हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू ने आने से मना कर दिया है। उनके वकील की तरफ से  कहा गया है कि उन्हें इस केस में नहीं बुलाया जा सकता है। फिलहाल सिद्धू की तरफ से अदालत में अर्जी लगाकर गवाह के तौर पर उन्हें न शामिल करने का आवेदन किया गया है।  

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यह है मामला

चार साल पहले आरटीआई एक्टिविस्ट कुलदीप खैरा ने गिल रोड के एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के निर्माण पर सवाल खडे़ करते हुए शिकायत दी थी। शिकायत के बाद तत्कालीन स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस मामले की जांच डीएसपी बलविंदर सेखों को दी थी। सेखों ने रिपोर्ट तैयार की जिसे मंत्री सिद्धू के पास सबमिट कर दिया गया था। इस दौरान ही आशु व डीएसपी के बीच फोन पर बहस हुई थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था और सेखों को नगर निगम के पद से हटाकर कमांडो में तैनात कर दिया गया था। 

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बाद में बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने ग्रैंड मैनर होम्स सीएलयू मामले की जांच से संबंधित उत्पीड़न और आपराधिक धमकी का आरोप लगाते हुए जनवरी 2020 में पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ अदालत का रुख किया था। सेखों ने अदालत में पुलिस को सरकारी कर्मचारी को काम के दौरान धमकाने, बाधा डालने और जान से मारने की धमकियां देने का केस दायर किया था। इसकी सुनवाई चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट सुमित मक्कड़ की अदालत में चल रही है। हाउसिंग प्रोजेक्ट में सीएलयू मामले के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री आशु पर डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों को धमकाने का आरोप है।

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फाइल के बारे में पता नहीं

अब कोर्ट की सुनवाई के दौरान बताया गया है कि सेखों की तरफ से सबमिट की गई फाइल गुम हो चुकी है। इसी को लेकर उसे धमकाया गया था। इसे प्रमाणित करने के लिए ही उस समय कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को गवाह के तौर पर बुलाया गया था, ताकि इसे प्रमाणित किया जा सके। इस मामले को लेकर ही नवजोत सिंह सिद्धू के वकील की तरफ से इसके खिलाफ अदालत में अर्जी लगाई गई थी।



इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को गवाह के तौर पर बुलाया गया है। फिलहाल सिद्धू की तरफ से अदालत में अर्जी लगाकर गवाह के तौर पर उन्हें न शामिल करने का आवेदन किया गया है। दूसरी ओर सिद्धू द्वारा लगाई गई अर्जी में यह कहा गया है कि उन्हें नहीं पता है कि कोई फाइल थी और वह गुम हो गई है। पहले इसकी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी।

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