{"_id":"603fe9c98ebc3ee96a2d8d35","slug":"uproar-over-sitting-out-of-class-for-school-fees-in-tanda-tanda-news-mbd381669347","type":"story","status":"publish","title_hn":"टांडा में स्कूल फीस के लिए क्लास से बाहर बैठने पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टांडा में स्कूल फीस के लिए क्लास से बाहर बैठने पर हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टांडा। स्कूल की फीस जमा करने में देरी होने पर विद्यार्थियों को क्लास से बाहर बैठाने पर हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर विद्यालय पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया और प्रबंधक के साथ नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को फीस के लिए क्लास के बाहर न बैठने की बात कही।
ग्राम मोहनपुरा से आगे दढ़ियाल मार्ग पर स्थित स्कूल में बड़ी संख्या में टांडा तथा क्षेत्र के बच्चे पढ़ते है। जिसमें से अधिकतर बच्चे मध्यम वर्गीय परिवार से आते है। जिसके कारण अधिकतर छात्र- छात्राओं के परिजन लॉकडाउन से उबर न पाने के कारण फीस जमा नहीं कर सके थे। वहीं, स्कूल में भी लॉकेडाउन से अब तक पढ़ाई नहीं हुई। बुधवार को स्कूल में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब स्कूल प्रबंधन ने फीस न लेने पर छात्र-छात्राओं को क्लास के बाहर खड़ा कर दिया और परीक्षा में शामिल न करने की बात कही। जिसकी सूचना मिलते ही अभिभावक स्कूल पहुंच गए। स्कूल में फादर से परिजनों की काफी देर तक नोकझोंक हुई। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों की छह माह की फीस जमा कर दी है। अन्य अभिभावकों का कहना है कि जब पूरे वर्ष स्कूल में पढ़ाई नहीं हुई और लॉकडाउन के बाद अधिकतर अभिभावक परेशान हैं। वहीं, सभी अभिभावक समय से एकमुश्त पूरी फीस जमा नहीं करने में असमर्थ है, इसलिए उन्हें समय दिया जाए और किश्त के रूप में फीस जमा कर ली जाए। परिजनों ने आरोप लगाया की अभिभावकों के लगातार मांग करने के बावजूद स्कूल में होने वाली परीक्षा में बैठने से वंचित करने की धमकी देकर छात्रों को कमरों से बाहर खड़ा कर दिया गया। उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य फादर सैमुएल का कहना था कि फीस में केवल कंप्यूटर, खेल आदि में रियायत की जा सकती है। बाकी फीस में प्रबंधन किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं कर सकता है, साथ ही आगे से किसी भी विद्यार्थी को फीस के लिए कक्षा के बाहर नहीं बैठाया जाएगा और समय से परीक्षा कराई जाएगी।
विज्ञापन
ग्राम मोहनपुरा से आगे दढ़ियाल मार्ग पर स्थित स्कूल में बड़ी संख्या में टांडा तथा क्षेत्र के बच्चे पढ़ते है। जिसमें से अधिकतर बच्चे मध्यम वर्गीय परिवार से आते है। जिसके कारण अधिकतर छात्र- छात्राओं के परिजन लॉकडाउन से उबर न पाने के कारण फीस जमा नहीं कर सके थे। वहीं, स्कूल में भी लॉकेडाउन से अब तक पढ़ाई नहीं हुई। बुधवार को स्कूल में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब स्कूल प्रबंधन ने फीस न लेने पर छात्र-छात्राओं को क्लास के बाहर खड़ा कर दिया और परीक्षा में शामिल न करने की बात कही। जिसकी सूचना मिलते ही अभिभावक स्कूल पहुंच गए। स्कूल में फादर से परिजनों की काफी देर तक नोकझोंक हुई। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों की छह माह की फीस जमा कर दी है। अन्य अभिभावकों का कहना है कि जब पूरे वर्ष स्कूल में पढ़ाई नहीं हुई और लॉकडाउन के बाद अधिकतर अभिभावक परेशान हैं। वहीं, सभी अभिभावक समय से एकमुश्त पूरी फीस जमा नहीं करने में असमर्थ है, इसलिए उन्हें समय दिया जाए और किश्त के रूप में फीस जमा कर ली जाए। परिजनों ने आरोप लगाया की अभिभावकों के लगातार मांग करने के बावजूद स्कूल में होने वाली परीक्षा में बैठने से वंचित करने की धमकी देकर छात्रों को कमरों से बाहर खड़ा कर दिया गया। उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य फादर सैमुएल का कहना था कि फीस में केवल कंप्यूटर, खेल आदि में रियायत की जा सकती है। बाकी फीस में प्रबंधन किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं कर सकता है, साथ ही आगे से किसी भी विद्यार्थी को फीस के लिए कक्षा के बाहर नहीं बैठाया जाएगा और समय से परीक्षा कराई जाएगी।
विज्ञापन