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टांडा में डेंगू का प्रकोप बढ़ा, दो की मौत
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टांडा (रामपुर)।नगर में लगातार डेंगू तथा अन्य संक्रामक रोग तेजी से फ़ैल रहे हैं। बीते दो दिनों में जहाँ एक ओर नगर में दो लोगों की मौत हो गई। वही डेंगू तथा मलेरिया और टायफायड जैसे रोगों से पीड़ित रोज बड़ी तादाद में सामने आने लगे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है।
ज्ञात हो की बीते एक माह से नगर में बड़े पैमाने पर डेंगू, मलेरिया तथा टायफायड जैसे मरीज नगर के सरकारी तथा निजी चिकित्सालय में इलाज करा रहे हैं। डेंगू के डर से अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्थिति यह हो गई है कि डर के मारे लोग अब दो से तीन बार डेंगू की जांच करवा रहे हैं। नगर में पहला मामला रविवार को नगर के मोहल्ला रांड निवासी नजाकत की पत्नी मुशयदा को एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। जांच में पता चला की वो डेंगू से संक्रमित है। जिसका इलाज नगर के निजी डॉक्टर से चल रहा था। दो दिन पूर्व तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें मुरादाबाद स्थित टीएमयू चिकित्सालय ले गए जहाँ रविवार को उन्होंने अंतिम साँस ली। दूसरा मामला नगर के मोहल्ला नीम निवासी सगीर की पुत्री आयशा को भी एक सप्ताह पूर्व डेंगू की पुष्टि हुई थी और उसका उपचार भी नगर के निजी चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था लेकिन रविवार को बालिका की हालत बिगड़ने लगी। इस पर परिजन बालिका को लेकर टीएमयू पहुंचे जहाँ उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। दो दिन के भीतर डेंगू से दो मौत होने पर नगर में कोहराम मच गया है जहाँ परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल है। उधर डेंगू पीड़ितों की संख्या में हो रही लगातार वृद्धि से आमजन में भय है। क्षेत्र के ग्राम सैंटाखेड़ा निवासी रेशमा पत्नी नासिर भी डेंगू से पीड़ित होने के कारण मुरादाबाद के निजी चिकित्सालय में भर्ती है। जहाँ उसकी स्थिति भी अति गंभीर बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि महिला को मुरादबाद के अधिकांश अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया है और मरीज की स्थिति दिल्ली लेकर जाने लायक भी नहीं है।
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ज्ञात हो की बीते एक माह से नगर में बड़े पैमाने पर डेंगू, मलेरिया तथा टायफायड जैसे मरीज नगर के सरकारी तथा निजी चिकित्सालय में इलाज करा रहे हैं। डेंगू के डर से अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्थिति यह हो गई है कि डर के मारे लोग अब दो से तीन बार डेंगू की जांच करवा रहे हैं। नगर में पहला मामला रविवार को नगर के मोहल्ला रांड निवासी नजाकत की पत्नी मुशयदा को एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। जांच में पता चला की वो डेंगू से संक्रमित है। जिसका इलाज नगर के निजी डॉक्टर से चल रहा था। दो दिन पूर्व तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें मुरादाबाद स्थित टीएमयू चिकित्सालय ले गए जहाँ रविवार को उन्होंने अंतिम साँस ली। दूसरा मामला नगर के मोहल्ला नीम निवासी सगीर की पुत्री आयशा को भी एक सप्ताह पूर्व डेंगू की पुष्टि हुई थी और उसका उपचार भी नगर के निजी चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था लेकिन रविवार को बालिका की हालत बिगड़ने लगी। इस पर परिजन बालिका को लेकर टीएमयू पहुंचे जहाँ उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। दो दिन के भीतर डेंगू से दो मौत होने पर नगर में कोहराम मच गया है जहाँ परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल है। उधर डेंगू पीड़ितों की संख्या में हो रही लगातार वृद्धि से आमजन में भय है। क्षेत्र के ग्राम सैंटाखेड़ा निवासी रेशमा पत्नी नासिर भी डेंगू से पीड़ित होने के कारण मुरादाबाद के निजी चिकित्सालय में भर्ती है। जहाँ उसकी स्थिति भी अति गंभीर बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि महिला को मुरादबाद के अधिकांश अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया है और मरीज की स्थिति दिल्ली लेकर जाने लायक भी नहीं है।
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