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घर पक्का करने के लिए सरकार ने नहीं दी ग्रांट, सो रहे परिवार पर गिरी छत, महिला की मौत, 4 घायल, पति की हालत गंभीर
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पठानकोट में वीरवार की रात गिरी मकान की छत।
- फोटो : PATHANKOT
गांव नरोट मेहरा में वीरवार की देर रात 2 मकानों की छत एक साथ गिर गई। मलबे के नीचे दबने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई और उसकी 3 बेटियां और पति घायल हो गए। पति को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है।
मृतक महिला की पहचान कविता देवी के तौर पर हुई है। मृतका की बेटी शमा ने बताया कि देर रात 12 बजे के करीब वह पानी पीने के लिए उठी तो छत चरमरा रही थी और उसका कुछ हिस्सा गिर चुका था। उसने शोर मचाया और परिवार को जगाया। शोर सुनकर उसकी दोनों बहने झट से कमरे से बाहर निकल आईं पर माता-पिता पर छत का बड़ा हिस्सा गिर गया। मां कविता पर अधिक मलबा गिरने वह दब गई। लकड़ी की सिल्ली गिरने से पिता रवि कुमार भी लहूलुहान हो गया। जब तक पड़ोसियों की मदद से कविता के ऊपर से मलबा उठाया वह दम तोड़ चुकी थी। अस्पताल में पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया। वहीं, सरना के निजी अस्पताल में पिता रवि की हालत गंभीर बनी है। पड़ोसी के मकान की छत गिरने से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
शमा ने बताया कि उनके पिता रवि कुमार ने कच्चे मकान को पक्का करने के लिए सरकारी ग्रांट की फाइल डेढ़ साल पहले सरपंच के माध्यम से संबंधित विभाग को दी थी। उसके पिता दफ्तर के चक्कर लगाते रहे और कोई सुनवाई नहीं हुई। शमा ने सरकार के दावों को खोखला बताते कहा कि उसके पिता मजदूरी करके परिवार को पालते थे। सरकार विकास और गरीबों की मदद के दावे तो करती है पर असलियत इससे कोसों दूर है। विधायक जोगिंद्रपाल ने कहा कि इस बाबत डीसी गुरप्रीत सिंह खेहरा से बात हो गई है। गांव नरोट मेहरा में 4 मकान हैं, जिन्हें तुरंत रिपेयर की जरूरत है। उन्हें विशेष फंड से बनवाया जाएगा।
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फोटो:-1- पठानकोट में मकान की छत गिरी और मृतक महिला की फाइल फोटो।
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मृतक महिला की पहचान कविता देवी के तौर पर हुई है। मृतका की बेटी शमा ने बताया कि देर रात 12 बजे के करीब वह पानी पीने के लिए उठी तो छत चरमरा रही थी और उसका कुछ हिस्सा गिर चुका था। उसने शोर मचाया और परिवार को जगाया। शोर सुनकर उसकी दोनों बहने झट से कमरे से बाहर निकल आईं पर माता-पिता पर छत का बड़ा हिस्सा गिर गया। मां कविता पर अधिक मलबा गिरने वह दब गई। लकड़ी की सिल्ली गिरने से पिता रवि कुमार भी लहूलुहान हो गया। जब तक पड़ोसियों की मदद से कविता के ऊपर से मलबा उठाया वह दम तोड़ चुकी थी। अस्पताल में पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया। वहीं, सरना के निजी अस्पताल में पिता रवि की हालत गंभीर बनी है। पड़ोसी के मकान की छत गिरने से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
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शमा ने बताया कि उनके पिता रवि कुमार ने कच्चे मकान को पक्का करने के लिए सरकारी ग्रांट की फाइल डेढ़ साल पहले सरपंच के माध्यम से संबंधित विभाग को दी थी। उसके पिता दफ्तर के चक्कर लगाते रहे और कोई सुनवाई नहीं हुई। शमा ने सरकार के दावों को खोखला बताते कहा कि उसके पिता मजदूरी करके परिवार को पालते थे। सरकार विकास और गरीबों की मदद के दावे तो करती है पर असलियत इससे कोसों दूर है। विधायक जोगिंद्रपाल ने कहा कि इस बाबत डीसी गुरप्रीत सिंह खेहरा से बात हो गई है। गांव नरोट मेहरा में 4 मकान हैं, जिन्हें तुरंत रिपेयर की जरूरत है। उन्हें विशेष फंड से बनवाया जाएगा।
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फोटो:-1- पठानकोट में मकान की छत गिरी और मृतक महिला की फाइल फोटो।

मृतक महिला की फाइल फोटो।- फोटो : PATHANKOT