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Jalandhar News: गोल्ड जीत कर लौटे भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों को गांववासियों ने सिर आंखों पर बिठाया
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ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचा सारा गांव, परिवार की आंखों में दिखे खुशी के आंसू
संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर पंजाब व पंजाबियों का सिर शान से ऊंचा करने वाले हॉकी खिलाड़ी जब जालंधर अपने गांव मिट्ठापुर पहुंचे तो गांव वासियों ने इन खिलाड़ियों को सिर आंखों पर बिठा लिया। ढोल नगाड़ों की थाप पर गांव का हर वासी झूम रहा था। इन खिलाड़ियों के परिवारिक सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे। गांव में उत्सव सा माहौल बन गया था व हर कोई इन खिलाड़ियों से हाथ मिलाने के लिए बेकरार दिखाई दिया। हालांकि भारतीय हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब से हैं, लेकिन इनमें से भी 5 खिलाड़ी मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, वरुण, सुखजीत, हार्दिक सिंह जालंधर से संबंध रखते हैं। गांव मिठ्ठापुर से ओलिंपियन मनप्रीत सिंह, वरुण कुमार व मनदीप सिंह ने गांव पहुंचने पर गांववासियों का उनके स्वागत के लिए धन्यवाद किया। ओलिंपियन वरुण कुमार ने कहा कि आज भारतीय हॉकी टीम एक अच्छे मुकाम पर है। यह टूर्नामेंट काफी यादगार रहा है। अब हम आगे होने वाली ओलिंपिक खेलों की तैयारी करने जाने वाले हैं। हमें उम्मीद है कि हम ओलिंपिक में इससे भी अच्छा प्रदर्शन करके दिखाएंगे।
गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित
अपने बेटे के गांव पहुंचने पर वरुण कुमार के पिता ब्रह्मानंद ने बेटे को जब गले लगाया तो उनकी आंखों से आंसू छलक गए। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह वरुण के पिता हैं। इस दौरान वरुण की मां शकुंतला, बड़े भाई तरुण कुमार जो कि आर्मी की डोगरा रेजिमेंट में नायक हैं, वह भी वरुण को मिलने पहुंचे। वरूण की मां शकुंतला बड़े ही गर्वपूर्ण आंखों से अपने बेटे को निहार रही थी। जालंधर के इन तीन खिलाड़ियों की सफलता पर गांव मिट्ठापुर के गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम भी करवाया गया, जहां पर इन खिलाड़ियों ने शामिल होकर गुरू महाराज का आर्शिवाद प्राप्त किया।
उल्लेखनीय है कि 9 साल की लंबे अंतकाल के बाद भारत ने अब 2023 में गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले 2014 में एशियन गेम्स में फाइनल जीत कर गोल्ड हासिल किया था। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इससे पहले 1966, 1998 व 2014 में गोल्ड जीता था। इस साल गोल्ड जीतने के साथ एशियन गेम्स पुरुष हॉकी में भारत का यह चौथा गोल्ड है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर पंजाब व पंजाबियों का सिर शान से ऊंचा करने वाले हॉकी खिलाड़ी जब जालंधर अपने गांव मिट्ठापुर पहुंचे तो गांव वासियों ने इन खिलाड़ियों को सिर आंखों पर बिठा लिया। ढोल नगाड़ों की थाप पर गांव का हर वासी झूम रहा था। इन खिलाड़ियों के परिवारिक सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे। गांव में उत्सव सा माहौल बन गया था व हर कोई इन खिलाड़ियों से हाथ मिलाने के लिए बेकरार दिखाई दिया। हालांकि भारतीय हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब से हैं, लेकिन इनमें से भी 5 खिलाड़ी मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, वरुण, सुखजीत, हार्दिक सिंह जालंधर से संबंध रखते हैं। गांव मिठ्ठापुर से ओलिंपियन मनप्रीत सिंह, वरुण कुमार व मनदीप सिंह ने गांव पहुंचने पर गांववासियों का उनके स्वागत के लिए धन्यवाद किया। ओलिंपियन वरुण कुमार ने कहा कि आज भारतीय हॉकी टीम एक अच्छे मुकाम पर है। यह टूर्नामेंट काफी यादगार रहा है। अब हम आगे होने वाली ओलिंपिक खेलों की तैयारी करने जाने वाले हैं। हमें उम्मीद है कि हम ओलिंपिक में इससे भी अच्छा प्रदर्शन करके दिखाएंगे।
गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित
अपने बेटे के गांव पहुंचने पर वरुण कुमार के पिता ब्रह्मानंद ने बेटे को जब गले लगाया तो उनकी आंखों से आंसू छलक गए। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह वरुण के पिता हैं। इस दौरान वरुण की मां शकुंतला, बड़े भाई तरुण कुमार जो कि आर्मी की डोगरा रेजिमेंट में नायक हैं, वह भी वरुण को मिलने पहुंचे। वरूण की मां शकुंतला बड़े ही गर्वपूर्ण आंखों से अपने बेटे को निहार रही थी। जालंधर के इन तीन खिलाड़ियों की सफलता पर गांव मिट्ठापुर के गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम भी करवाया गया, जहां पर इन खिलाड़ियों ने शामिल होकर गुरू महाराज का आर्शिवाद प्राप्त किया।
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उल्लेखनीय है कि 9 साल की लंबे अंतकाल के बाद भारत ने अब 2023 में गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले 2014 में एशियन गेम्स में फाइनल जीत कर गोल्ड हासिल किया था। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इससे पहले 1966, 1998 व 2014 में गोल्ड जीता था। इस साल गोल्ड जीतने के साथ एशियन गेम्स पुरुष हॉकी में भारत का यह चौथा गोल्ड है।
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