फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   NIA took SP reiterated Crime Scene

एसपी को साथ लेकर एनआईए ने दोहराया क्राइम सीन

Fri, 08 Jan 2016 02:45 PM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर/पठानकोट
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर/पठानकोट Updated Fri, 08 Jan 2016 02:45 PM IST
विज्ञापन
NIA took SP reiterated Crime Scene
एसपी सलविंदर सिंह के साथ एनआईए की टीम ने वीरवार को उस इलाके में फिर से छानबीन की, जहां से एसपी को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। पूरा क्राइम सीन दोहराया गया।
विज्ञापन


मजार के सेवादार बाबा सोमराज के फिर से बयान लिए गए। सोमराज ने कहा कि एसपी और उनके दोनों साथी वीरवार रात साढ़े नौ बजे मजार से निकल गए थे।

गाड़ी लूटने का वक्त 11.30 बजे है, ऐसे में दो घंटे का समय एसपी सलविंदर सिंह, कुक मदन गोपाल और दोस्त सुनार राजेश वर्मा ने कहां बिताया।

पूरा सीन दोहराने के लिए वीरवार को एनआईए की टीम गुरदासपुर से पठानकोट, फिर पठानकोट से कठुआ होते हुए पंजपीर डेरे पर पहुंची। डेरे पर पहुंचने में गाड़ी को कितना वक्त लगा, पूरा नोट किया गया।
विज्ञापन


इसके बाद वापसी का एक्शन दोहराया गया। इसमें एनआईए की टीम डेरे से कोहलियां मोड़ और फिर अकालगढ़ तक पहुंची। इसमें कितना समय लगा, इसको भी मिनट टू मिनट नोट किया गया। जहां पर गाड़ी छोड़ी गई थी, उस स्थान पर पहुंचने में आतंकवादियों को कितना समय लगा, यह भी नोट किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एनआईए की टीम ने एसपी सलविंदर सिंह व उसके कुक को अपनी गाड़ी में ही बैठा रखा था। हर मोड़ पर पहुंचने का वक्त नोेट किया गया।

इस टाइमिंग के साथ-साथ एसपी सलविंदर सिंह, सुनार राजेश वर्मा के मोबाइल की टावर लोकेशन भी मैच की गई। दो घंटे के वक्त का फर्क सामने आ रहा है, जिसको लेकर एनआईए की टीम उलझ गई है।

वीरवार को एनआईए के डीजी शरद कुमार ने भी इस इलाके का दौैरा किया और सारे नाके व वारदात स्थल की जानकारी हासिल की।

एसपी पर उठे सवाल

एक - एसपी सलविंदर सिंह ने कहा कि वह अक्सर तलूर में डेरे में जाते आते रहते थे, उनकी काफी श्रद्धा है। नए साल के कारण वह वहां माथा टेकने के लिए गए थे। सवाल उठता है कि अगर एसपी सही हैं तो डेरा संचालक सोमराज झूठ क्यों बोल रहा है कि एसपी पहली बार डेरे में आए थे।

दो - एसपी के मुताबिक वह रात 11 बजे डेरे से निकले और आतंकवादियों ने उनको किडनैप कर लिया जबकि डेरा संचालक सोमराज का कहना है कि एसपी सलिंदर सिंह 9.30 बजे ही डेरे से चले गए थे।

तीन - एसपी बिना गनमैन के पाक सीमा से 10 किलोमीटर दूरी पर रात को क्यों गए।

चार - एसपी ने अपनी निजी गाड़ी पर नीली बत्ती क्यों लगा रखी थी। कानूनन वह नीली बत्ती नहीं लगा सकते थे। इसी कारण उनकी गाड़ी नाके क्रास करने में कामयाब रही।

पांच - एसपी का कुक मदन गोपाल और सुनार राजेश वर्मा वीरवार सुबह डेरा तलूर गए थे तो शाम को दोबारा वहां क्यों गए। इसका जवाब भी एसपी के पास नहीं है।

छह - एसपी के पास सरकारी गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर है तो वह उसे साथ लेकर क्यों नहीं गए। 31 दिसंबर में ठंड और धुंध में उनको खुद गाड़ी चलाने में रिस्क क्यों महसूस नहीं हुआ।


सात - एसपी, मदन गोपाल और राजेश वर्मा अभी तक आतंकवादियों की संख्या कितनी थी, यह बताने में असफल रहे हैं। एक एसपी की नजर से संख्या का बच जाना भी हैरानी भरा है।

आठ - एसपी सलविंदर सिंह और उनके साथी राजेश वर्मा को जब लगा कि आतंकवादियों ने घेर लिया है तो उन्होंने गाड़ी को भगाया क्यों नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed