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सरकारी मुलाजिम को फंसाया हनी ट्रैप में, पुलिस मुलाजिम ने दो महिलाओं के साथ मिलकर बनाई फिरौती की योजना
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हेडकांस्टेबल चला रहा था ब्लैकमेलिंग गिरोह
दो महिलाओं केस साथ मिलकर सरकारी मुलाजिम को फंसाया हनी ट्रैप में
हेडकांस्टेबल राजा सिंह व दो महिलाएं काबू, फेसबुक पर फैलाया था जाल
पीडित की शिकायत पर विजिलेंस ब्यूरो ने ट्रैप लगाकर रुपये लेते वक्त दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। विजिलेंस ब्यूरो ने फेसबुक के जरिये दो महिलाओं के साथ मिलकर हनी ट्रैप में फंसाकर लोगों को ब्लैकमेल करने का गिरोह चला रहे पंजाब पुलिस के हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। सरकारी कर्मचारी को हनी ट्रैप में फंसाकर वसूली करने में उसकी दो सहयोगी महिलाएं भी विजिलेंस टीम की गिरफ्त में आई हैं। दोनों महिलाएं सूर्या एंक्लेव इलाके की रहने वाली हैं और हेड कांस्टेबल राजा सिंह काला संघिया चौकी में तैनात है।
एसएसपी विजिलेंस दलजिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि उनके पास एक सरकारी मुलाजिम ने शिकायत की थी कि फेसबुक पर उसकी दोस्ती एक महिला के साथ हो गयी। उसने अपना व्हाट्स एप नंबर भी दे दिया। वह लगातार उसके साथ बात करने लगा। एक दिन महिला ने उसको सूर्या एंक्लेव अपने फ्लैट में बुलाया। वह बाकायदा उसे गेट पर लेने भी आई। वह महिला के साथ फ्लैट में गया और वहां एक अन्य महिला बैठी थी, जिसका परिचय उसने बहन के रूप में दिया और कहा कि यह फ्लैट इनका ही है। वह बैठकर चाय पीने लगा और इस बीचवर्दीधारी हेड कांस्टेबल राजा सिंह आ गया और बोलने लगा कि रंगरेलियां मना रहे हो। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसका हाथ पुलिस मुलाजिम राजा सिंह ने पकड़ लिया और खींचने लगा। महिला ने शिकायतकर्ता को डराया और कहा कि वह पुलिस मुलाजिम के साथ लेनदेन कर मामले को रफा दफा कर दे वर्ना बदनामी हो जाएगी क्योंकि सरकारी नौकरी का सवाल है। पुलिस मुलाजिम राजा सिंह इस काम के लिए दो लाख रुपये मांगने लगा।
शिकायतकर्ता मिन्नत करने लगा कि उसके पास इस समय इतना पैसा नहीं है, उसके पास महज 5 हजार रुपये है। राजा सिंह ने उसकी जेब से कागजात निकाल लिये, जिसमें आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज थे। शिकायतकर्ता ने चेक बुक निकाली और राजा सिंह को 50-50 हजार के चार चेक सौंप दिये और कहा कि वह कुछ दिनों बाद 50 हजार रुपये देकर पहला चेक ले जाएगा। 17 जनवरी को हेड कांस्टेबल राजा सिंह ने शिकायतकर्ता को फोन कर पैसे मांगे और न देने की एवज में केस बनाने और जलूस निकालने की धमकी दी। आखिरकार मामला विजिलेंस ब्यूरो के पास आया। इसके बाद विजिलेंस के डीएसपी सतपाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों को बतौर शैडो गवाह बनाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने हेडकांस्टेबल राजा सिंह को 50 हजार की राशि दी तो विजिलेंस ने उसको काबू कर लिया। इसके साथ ही उसकी दोनों सहयोगी महिलाओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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दो महिलाओं केस साथ मिलकर सरकारी मुलाजिम को फंसाया हनी ट्रैप में
हेडकांस्टेबल राजा सिंह व दो महिलाएं काबू, फेसबुक पर फैलाया था जाल
पीडित की शिकायत पर विजिलेंस ब्यूरो ने ट्रैप लगाकर रुपये लेते वक्त दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। विजिलेंस ब्यूरो ने फेसबुक के जरिये दो महिलाओं के साथ मिलकर हनी ट्रैप में फंसाकर लोगों को ब्लैकमेल करने का गिरोह चला रहे पंजाब पुलिस के हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। सरकारी कर्मचारी को हनी ट्रैप में फंसाकर वसूली करने में उसकी दो सहयोगी महिलाएं भी विजिलेंस टीम की गिरफ्त में आई हैं। दोनों महिलाएं सूर्या एंक्लेव इलाके की रहने वाली हैं और हेड कांस्टेबल राजा सिंह काला संघिया चौकी में तैनात है।
एसएसपी विजिलेंस दलजिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि उनके पास एक सरकारी मुलाजिम ने शिकायत की थी कि फेसबुक पर उसकी दोस्ती एक महिला के साथ हो गयी। उसने अपना व्हाट्स एप नंबर भी दे दिया। वह लगातार उसके साथ बात करने लगा। एक दिन महिला ने उसको सूर्या एंक्लेव अपने फ्लैट में बुलाया। वह बाकायदा उसे गेट पर लेने भी आई। वह महिला के साथ फ्लैट में गया और वहां एक अन्य महिला बैठी थी, जिसका परिचय उसने बहन के रूप में दिया और कहा कि यह फ्लैट इनका ही है। वह बैठकर चाय पीने लगा और इस बीचवर्दीधारी हेड कांस्टेबल राजा सिंह आ गया और बोलने लगा कि रंगरेलियां मना रहे हो। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसका हाथ पुलिस मुलाजिम राजा सिंह ने पकड़ लिया और खींचने लगा। महिला ने शिकायतकर्ता को डराया और कहा कि वह पुलिस मुलाजिम के साथ लेनदेन कर मामले को रफा दफा कर दे वर्ना बदनामी हो जाएगी क्योंकि सरकारी नौकरी का सवाल है। पुलिस मुलाजिम राजा सिंह इस काम के लिए दो लाख रुपये मांगने लगा।
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शिकायतकर्ता मिन्नत करने लगा कि उसके पास इस समय इतना पैसा नहीं है, उसके पास महज 5 हजार रुपये है। राजा सिंह ने उसकी जेब से कागजात निकाल लिये, जिसमें आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज थे। शिकायतकर्ता ने चेक बुक निकाली और राजा सिंह को 50-50 हजार के चार चेक सौंप दिये और कहा कि वह कुछ दिनों बाद 50 हजार रुपये देकर पहला चेक ले जाएगा। 17 जनवरी को हेड कांस्टेबल राजा सिंह ने शिकायतकर्ता को फोन कर पैसे मांगे और न देने की एवज में केस बनाने और जलूस निकालने की धमकी दी। आखिरकार मामला विजिलेंस ब्यूरो के पास आया। इसके बाद विजिलेंस के डीएसपी सतपाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों को बतौर शैडो गवाह बनाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने हेडकांस्टेबल राजा सिंह को 50 हजार की राशि दी तो विजिलेंस ने उसको काबू कर लिया। इसके साथ ही उसकी दोनों सहयोगी महिलाओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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