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डाकघर धालीवाल बेट में लगभग 10 लाख का घपला
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डाकघर धालीवाल बेट में 10 लाख का घपला
लोगों की पासबुक में रकम दर्ज, कंप्यूटर दिखा रहा खाली
कपूरथला। कपूरथला डाकघर डिवीजन के अंतर्गत गांव धालीवाल बेट डाकघर शाखा में करीब 10 लाख रुपये के घपले का मामला सामने आया है। खाताधारकों की पासबुक में तो पोस्ट ऑफिस सील के साथ रकम दर्ज है। जबकि कंप्यूटर का खाता निल दिखा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद लोग अपनी एफडी की पासबुक चेक करवाने के लिए डाकघर आने लगे हैं। आशंका जताई जा रही है कि करीब दस लाख रुपये की रकम का घपला हुआ है। उधर, डाकघर विभाग ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जिससे घपले की रकम बढ़ने की संभावना है। कुछ खातों में तो रकम कंप्यूटर से मेल नहीं खा रही है।
गांव धालीवाल बेट की रहने वाली परमिंदर कौर ने बताया कि उसने अपनी, बेटी और पति के नाम पर पोस्ट ऑफिस में आरडी की तीन कापियां खुलवाई थीं। जिसकी समयावधि जनवरी 2019 को पूरी हो गई। जब वह जमा रकम का चेक बनवाने के लिए दस्तावेज मुकम्मल करके गांव धालीवाल बेट के पोस्ट ऑफिस में जाकर तैनात कर्मचारी को दस्तावेज दिए तो उसने चेक नहीं बनाया। उसे टालमटोल करके भेज दिया। जब वह दोबारा चेक बनवाने के लिए गई तो उसे पता चला कि उसके खाते में रकम नहीं है। इस पर जब उसने कर्मचारी से बात की तो उसने माना कि उससे गलती हुई है। उसने गांव के सरपंच युद्धवीर के बेटे परमवीर के खाते से भी पैसे निकाले हैं। इस तरह चार खातों से करीब डेढ़ लाख रुपये का घपला हुआ है। लेकिन इसके बाद खाताधारक पोस्ट ऑफिस आकर पासबुक चेक करवाने लगे तो करीब 100 लोगों के खातों से रकम में छेड़छाड़ की बात सामने आई। जिससे करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा का घपला होने की संभावना जताई जा रही है। इस बाबत डाकघर डिवीजन कपूरथला के सहायक सुपरिंटेंडेंट धीरज कुमार ने घपले की बात स्वीकारते हुए जांच जारी होने की बात कही। डीसी डीपीएस खरबंदा ने कहा कि पीड़ित उनके पास आएं। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद गहनता से जांच पड़ताल करवाई जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले तीन साल में यह कपूरथला डिवीजन में तीसरा घपला है। इससे पहले अमृत बाजार पोस्ट ऑफिस कपूरथला में लाखों और डीजी नकोदर ब्रांच में करोड़ों रुपये का घपला उजागर हुआ था। जिसकी अभी तक जांच चल रही है।
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लोगों की पासबुक में रकम दर्ज, कंप्यूटर दिखा रहा खाली
कपूरथला। कपूरथला डाकघर डिवीजन के अंतर्गत गांव धालीवाल बेट डाकघर शाखा में करीब 10 लाख रुपये के घपले का मामला सामने आया है। खाताधारकों की पासबुक में तो पोस्ट ऑफिस सील के साथ रकम दर्ज है। जबकि कंप्यूटर का खाता निल दिखा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद लोग अपनी एफडी की पासबुक चेक करवाने के लिए डाकघर आने लगे हैं। आशंका जताई जा रही है कि करीब दस लाख रुपये की रकम का घपला हुआ है। उधर, डाकघर विभाग ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जिससे घपले की रकम बढ़ने की संभावना है। कुछ खातों में तो रकम कंप्यूटर से मेल नहीं खा रही है।
गांव धालीवाल बेट की रहने वाली परमिंदर कौर ने बताया कि उसने अपनी, बेटी और पति के नाम पर पोस्ट ऑफिस में आरडी की तीन कापियां खुलवाई थीं। जिसकी समयावधि जनवरी 2019 को पूरी हो गई। जब वह जमा रकम का चेक बनवाने के लिए दस्तावेज मुकम्मल करके गांव धालीवाल बेट के पोस्ट ऑफिस में जाकर तैनात कर्मचारी को दस्तावेज दिए तो उसने चेक नहीं बनाया। उसे टालमटोल करके भेज दिया। जब वह दोबारा चेक बनवाने के लिए गई तो उसे पता चला कि उसके खाते में रकम नहीं है। इस पर जब उसने कर्मचारी से बात की तो उसने माना कि उससे गलती हुई है। उसने गांव के सरपंच युद्धवीर के बेटे परमवीर के खाते से भी पैसे निकाले हैं। इस तरह चार खातों से करीब डेढ़ लाख रुपये का घपला हुआ है। लेकिन इसके बाद खाताधारक पोस्ट ऑफिस आकर पासबुक चेक करवाने लगे तो करीब 100 लोगों के खातों से रकम में छेड़छाड़ की बात सामने आई। जिससे करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा का घपला होने की संभावना जताई जा रही है। इस बाबत डाकघर डिवीजन कपूरथला के सहायक सुपरिंटेंडेंट धीरज कुमार ने घपले की बात स्वीकारते हुए जांच जारी होने की बात कही। डीसी डीपीएस खरबंदा ने कहा कि पीड़ित उनके पास आएं। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद गहनता से जांच पड़ताल करवाई जाएगी।
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गौरतलब है कि पिछले तीन साल में यह कपूरथला डिवीजन में तीसरा घपला है। इससे पहले अमृत बाजार पोस्ट ऑफिस कपूरथला में लाखों और डीजी नकोदर ब्रांच में करोड़ों रुपये का घपला उजागर हुआ था। जिसकी अभी तक जांच चल रही है।
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