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बैंक अधिकारियों की लापरवाही से दर-दर की ठोकरें खा रहा किसान

Mon, 25 Feb 2019 10:23 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 25 Feb 2019 10:23 PM IST
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बैंक अधिकारियों की लापरवाही से दर-दर की ठोकरें खा रहा किसान
बैंक अफसरों की लापरवाही से किसान ने खो दिए बेटे
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सरकार की ओर से जारी किया गया कर्ज माफी का चेक नहीं किया जमा
किसान कर्ज की चिंता में जोड़ता रहा पैसे, बीमार दो बेटों ने तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। सहकारी बैंक के अधिकारियों की लापरवाही के कारण कर्ज माफी का प्रमाण पत्र हासिल करने वाले किसानों को भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसा इसलिए कि सरकार की ओर से जारी किया गया कर्ज माफी का चेक बैंक अधिकारियों ने उसके खाते में जमा नहीं किया। वह पिछले वर्षों के दौरान एक-एक पैसा कर्ज पूरा करने के लिए जोड़ता रह गया और उसके बीमार दो बेटों सुखबीर (21) और रसपिंदर सिंह (26) की मौत हो गई। मामला अबोहर उपमंडल के गांव रुहेडियांवाली का है।

किसान जसपाल सिंह पुत्र अजमेर सिंह ने बताया कि उसके पास 1 किल्ला पांच कनाल और 15 मरले जमीन है। जिस पर उसने दि फाजिल्का केंद्रीय सहकारी बैंक से 26 हजार रुपये कर्ज लिया था। जो ब्याज सहित करीब 42 हजार 819 रुपये बन गया। पंजाब सरकार की कर्ज माफी योजना में उसका नाम शामिल करते हुए उससे शपथ पत्र लिया गया कि अगर सरकार की ओर से इस राशि से अधिक राशि का चेक उसके नाम से आ जाता है तो अधिक आई राशि उसे सरकार को वापस करनी होगी। जसपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने उसके नाम से 50 हजार 254 रुपये का चेक जारी कर दिया। लेकिन कर्ज से अधिक रकम होने के कारण बैंक अधिकारियों ने चेक खाते में जमा नहीं किया। जसपाल सिंह ने बताया कि बैंक मैनेजर ने उसे सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सभा अबोहर कार्यालय भेज दिया, जहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसडीएम पूनम सिंह को मामले से अवगत करवाते हुए समस्या का हल करने की मांग की। उसने बताया कि बैंक अधिकारी जानबूझ कर कर्ज माफी का चेक उसके खाते में जमा नहीं कर रहे, जबकि कर्ज से अधिक आई राशि वापिस करने के लिए वह पहले ही शपथ पत्र दे चुका है और अग्रिम चेक देने को भी तैयार है। जसपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सहकारिता विभाग और बैंक अधिकारियों में आपसी तालमेल न होने के कारण वह भटकता रहा और पैसों के अभाव में ही बीमारी के कारण उसके दो बेटों की मौत हो गई। इस बारे में सहकारिता विभाग के इंस्पेक्टर साहिल कुमार ने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जबकि एसडीएम ने कहा कि वे शीघ्र ही मामले की जांच करवाकर किसान जसपाल सिंह को कर्ज माफी का चेकखाते में जमा कराया जाएगा।
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