{"_id":"5b6b26304f1c1b40368b4ab1","slug":"201533748784-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल पूरानी कोटकपूरा घटना में अज्ञात पुलिस पार्टी पर इरादा ए कत्ल का केस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन साल पूरानी कोटकपूरा घटना में अज्ञात पुलिस पार्टी पर इरादा ए कत्ल का केस
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी केंद्र
तीन साल पुराने बरगाड़ी बेअदबी मामले में पुलिस पर इरादा ए हत्या का केस
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर पुलिस की कार्रवाई
सरकार ने किया है सीबीआई जांच कराने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
कोटकपूरा(फरीदकोट)। बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित घटनाओं में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कुछ दिन पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री ने बहिबल कलां व कोटकपूरा में सिख जत्थेबंदियों के धरनों पर पुलिस बल उपयोग करने की घटनाओं में पुलिस अधिकारियों पर केस दर्ज कर सीबीआई जांच कराने का एलान किया था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब पंजाब पुलिस ने तीन साल पुराने 14 अक्टूबर 2015 की इन दोनों घटनाओं के संदर्भ में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मंगलवार देर शाम थाना सिटी में कोटकपूरा की घटना के संदर्भ में अज्ञात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर इरादा ए कत्ल केस दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड की घटना में तो दो सिख युवकों की मौत हो गई थी, जिसके संदर्भ में तो पुलिस ने 21 अक्टूबर 2015 को ही पुलिस के खिलाफ थाना बाजाखाना में हत्या का केस दर्ज कर लिया था और अब कोटकपूरा मामले में भी केस दर्ज करके इन दोनों एफआरआई को जांच के लिए सीबीआई के हवाले कर दिया जाएगा। थाना सिटी पुलिस को दिए बयान में बरनाला के गांव छन्ना गुलाब सिंह वाला निवासी अजीत सिंह (21) ने बताया कि तीन साल पहले 12 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी में हुई पावन ग्रंथ की बेअदबी की घटना के विरोध में कोटकपूरा के मुख्य चौक में सिख जत्थेबंदियों ने रोष जताया था। 13 अक्टूबर 2015 को वह भी धरने शामिल होने कोटकपूरा पहुंचा था और उस दिन रात को वह धरना स्थल पर ही रहा। अगले दिन 14 अक्टूबर को बादल सरकार के कहने पर जिला पुलिस ने धरने पर बैठी संगत को घेर लिया और लाठीचार्ज करने लगे। इस दौरान पानी की बौछारें भी की गई और पुलिस अधिकारियों द्वारा गोलियां भी चलाई गई। अजीत सिंह के मुताबिक एक गोली उसकी जांघ पर लगी थी और घायल होने के बावजूद पुलिस ने उसका इलाज नहीं करवाया। बाद में उसके साथियों ने उसे सिविल अस्पताल कोटकपूरा में दाखिल कराया। डीएसपी मनविंदरबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने अजीत सिंह के बयान पर अज्ञात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर केस दर्ज कर लिया है और अगली कार्रवाई के बारे में आला अधिकारी ही जानकारी दे सकते है।
फोटो 08एफआरडीपी01
कोटकपूरा के थाना सिटी में अपना दास्ता की जानकारी देता अजीत सिंह।
विज्ञापन
तीन साल पुराने बरगाड़ी बेअदबी मामले में पुलिस पर इरादा ए हत्या का केस
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर पुलिस की कार्रवाई
सरकार ने किया है सीबीआई जांच कराने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
कोटकपूरा(फरीदकोट)। बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित घटनाओं में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कुछ दिन पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री ने बहिबल कलां व कोटकपूरा में सिख जत्थेबंदियों के धरनों पर पुलिस बल उपयोग करने की घटनाओं में पुलिस अधिकारियों पर केस दर्ज कर सीबीआई जांच कराने का एलान किया था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब पंजाब पुलिस ने तीन साल पुराने 14 अक्टूबर 2015 की इन दोनों घटनाओं के संदर्भ में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मंगलवार देर शाम थाना सिटी में कोटकपूरा की घटना के संदर्भ में अज्ञात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर इरादा ए कत्ल केस दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड की घटना में तो दो सिख युवकों की मौत हो गई थी, जिसके संदर्भ में तो पुलिस ने 21 अक्टूबर 2015 को ही पुलिस के खिलाफ थाना बाजाखाना में हत्या का केस दर्ज कर लिया था और अब कोटकपूरा मामले में भी केस दर्ज करके इन दोनों एफआरआई को जांच के लिए सीबीआई के हवाले कर दिया जाएगा। थाना सिटी पुलिस को दिए बयान में बरनाला के गांव छन्ना गुलाब सिंह वाला निवासी अजीत सिंह (21) ने बताया कि तीन साल पहले 12 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी में हुई पावन ग्रंथ की बेअदबी की घटना के विरोध में कोटकपूरा के मुख्य चौक में सिख जत्थेबंदियों ने रोष जताया था। 13 अक्टूबर 2015 को वह भी धरने शामिल होने कोटकपूरा पहुंचा था और उस दिन रात को वह धरना स्थल पर ही रहा। अगले दिन 14 अक्टूबर को बादल सरकार के कहने पर जिला पुलिस ने धरने पर बैठी संगत को घेर लिया और लाठीचार्ज करने लगे। इस दौरान पानी की बौछारें भी की गई और पुलिस अधिकारियों द्वारा गोलियां भी चलाई गई। अजीत सिंह के मुताबिक एक गोली उसकी जांघ पर लगी थी और घायल होने के बावजूद पुलिस ने उसका इलाज नहीं करवाया। बाद में उसके साथियों ने उसे सिविल अस्पताल कोटकपूरा में दाखिल कराया। डीएसपी मनविंदरबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने अजीत सिंह के बयान पर अज्ञात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर केस दर्ज कर लिया है और अगली कार्रवाई के बारे में आला अधिकारी ही जानकारी दे सकते है।
विज्ञापन
फोटो 08एफआरडीपी01
कोटकपूरा के थाना सिटी में अपना दास्ता की जानकारी देता अजीत सिंह।