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गोलीकांड की घटना के समय नोडल अफसर के तौर पर काम कर रहे थे पूर्व विधायक-एसआईटी

Tue, 19 Mar 2019 10:55 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Tue, 19 Mar 2019 10:55 PM IST
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गोलीकांड की घटना के समय नोडल अफसर के तौर पर काम कर रहे थे पूर्व विधायक-एसआईटी
गोलीकांड के वक्त नोडल अफसर के तौर पर काम कर रहे थे बराड़: एसआईटी
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पूर्व विधायक मनतार बराड़ की अग्रिम जमानत याचिका पर आज फैसला सुनाएगी अदालत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में नामजद पूर्व विधायक व शिअद जिलाध्यक्ष मनतार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला व सेशन जज हरपाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब दो घंटे बहस हुई। अदालत ने फैसले के लिए 20 मार्च का दिन तय किया है।
बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट और अपनी जांच के आधार पर बीती 5 मार्च को कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ को नामजद किया था। एसआईटी का आरोप है कि मनतार सिंह बराड़ पर गोलीकांड की घटना वाले दिन एक नोडल अफसर के तौर पर काम कर रहे थे और उन्होंने घटना से पहले और बाद में स्थानीय स्तर के अधिकारियों से लेकर डीजीपी स्तर के अधिकारियों के साथ संपर्क में थे और इस दौरान उनकी मुख्यमंत्री व डीजीपी से भी बात हुई थी।
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एसआईटी का दावा है कि मनतार सिंह बराड़ को पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी। अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने कांग्रेस से संबंधित राज्य स्तरीय नेताओं व पंजाब सरकार के कुछ कैबिनेट मंत्रियों के समाचार पत्रों में छपे बयान को पेश किया, जिसमें वह दावा कर रहे है कि इन घटनाओं में अकाली नेताओं को नहीं छोड़ा जाएगा। उधर सरकारी पक्ष ने कहा कि यह मामला काफी संगीन है और उनके पास मनतार सिंह बराड़ के पास काफी पुख्ता सबूत है। ऐसे संगीन मामले के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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कोटकपूरा मामले में भी नामजद हुए पूर्व एसएसपी
एसआईटी ने बहिबलकलां गोलीकांड मामले में गिरफ्तार मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को कोटकपूरा मामले में भी नामजद कर लिया है। न्यायिक हिरासत में जेल में बंद पूर्व एसएसपी को कोटकपूरा केस में अधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ करने के लिए एसआईटी ने मंगलवार को स्थानीय जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत से उनका प्रोडक्शन वारंट जारी करने के लिए याचिका दायर की, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए उनका 25 मार्च का प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया है। गोलीकांड की दोनों घटनाएं एक ही दिन 14 अक्टूबर 2015 को पेश आई थी। बहिबलकल गोलीकांड मामले में 21 अक्टूबर 2015 को थाना बाजाखाना में दर्ज हत्या के केस में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 11 अगस्त 2018 को तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया था। इनमें से पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा को बीती 27 जनवरी को उनके होशियारपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था। एसआईटी का दावा है कि चरनजीत सिंह शर्मा बहिबल गोलीकांड से पहले कोटकपूरा में पेश आई घटना के समय भी वह मौके पर मौजूद थे। उधर एसआईटी ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में थाना सिटी कोटकपूरा से संबंधित दो पुलिस कर्मियों के जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए है। इससे पहले एसआईटी द्वारा फरीदकोट व कोटकपूरा के एसडीएम समेत एक पुलिस कर्मी के बयान भी अदालत में दर्ज करवा चुकी है।
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