फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Boycott of revenue courts by lawyers

वकीलों ने रेवेन्यू कोर्ट्स का बायकाट किया

Sat, 19 Oct 2013 11:12 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
अमर उजाला, जालंधर Updated Sat, 19 Oct 2013 11:12 PM IST
विज्ञापन
Boycott of revenue courts by lawyers
संपत्ति के मामलों की सुनवाई का अधिकार न्याय के मंदिर से छीनकर एसडीएम को देने के विरोध में राज्य के वकीलों ने संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। शुक्रवार को राज्य भर के वकीलों के प्रतिनिधि जालंधर में जुटे और संघर्ष की रणनीति की घोषणा की।
विज्ञापन


प्राथमिक चरण में वकीलों ने राज्य भर की रेवेन्यू अदालतों का पूर्णत: बहिष्कार करने तथा प्रत्येक शनिवार को हड़ताल करने का फैसला किया है। आल पंजाब डिस्ट्रिक्ट एंड सब-डिवीजनल बार एसोसिएशंस के कन्वीनर दर्शन सिंह धालीवाल की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में वकीलों ने अपने विचार पेश किए और संघर्ष की रणनीति को अंतिम रूप दिया।
विज्ञापन


पंजाब सरकार के प्रस्तावित रेंट एक्ट के विरोध में जुटे वकीलों ने अपने विचारों में पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और बादल सरकार को जनविरोधी नीतियों के चलते खूब कोसा।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन जालंधर के प्रधान मंदीप सिंह सचदेव ने प्रदेश भर से आए वकीलों के प्रतिनिधियों को कहा कि बादल सरकार एक सोची समझी साजिश के तहत कानूनों का राजीनितकरण करने में जुटी है। बादल सरकार के कार्यकाल के दौरान पहले शराब तस्करी, फिर फूड एक्ट को अदालतों के दायरे से बाहर किया गया और अब संपत्ति मामलों को भी अदालती कार्यवाही से बाहर निकालकर नौकरशाहों के सुपुर्द किया जा रहा है। एक्शन कमेटी के सदस्य एडवोकेट गुरदेव सिंह ने कहा कि हालांकि इस एक्ट से वकीलों का सीधा कोई नुकसान नहीं लेकिन समाज का हिस्सा होने के नाते वकील आम जनता को भी कोई नुकसान नहीं होने देंगे।

बैठक के बाद कन्वीनर दर्शन सिंह धालीवाल ने जानकारी दी कि रेवेन्यू कोर्ट्स का बहिष्कार तथा शनिवार की हड़ताल मांग स्वीकार न होने तक जारी रहेगी। दूसरे चरण में 25 अक्तूबर को राज्यस्तरीय हड़ताल होगी। इस दिन सभी जिलों में रेंट एक्ट के विरोध में बैठक होगी और उसके बाद डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष 2 घंटे का प्रदर्शन करके मांग पत्र सौंपे जाएंगे। तीसरे चरण में एक नवंबर को चंडीगढ़ में विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। धालीवाल ने कहा कि रेंट एक्ट को किसी भी कीमत में लागू नहीं होने दिया जाएगा तथा अपने संघर्ष में जनता तथा सामाजिक संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा।


इस मौके पर जिला सचिव सतनाम सिंह हुंदल, एडवोकेट संदीप कालिया, संदीप वर्मा, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार भल्ला, गुरनाम सिंह पेलीया, पूर्व अध्यक्ष बीएस लक्की, एसके गौतम, अनूप गौतम, रतन दुआ, गौरव सभ्रवाल, रवीश मल्होत्रा, संजीव बांसल, संजीव कंबोज, शेखर प्रभाकर, राजीव कोहली मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed