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भुल्लर के पिता के गायब होने की जांच गैर जरूरी
Jalandhar
Updated Sat, 20 Apr 2013 05:30 AM IST
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जालंधर। एक तरफ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आतंकी दविंदर पाल भुल्लर की फांसी को उम्रकैद में बदलने के लिए दिल्ली में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिल रहे हैं, वहीं भुल्लर के पिता के गायब होने की घटना की जांच को गैर जरूरी बता रहे हैं। इस मामले में डीजीपी सुमेध सिंह सैनी पर आरोप लगे थे।
राम नवमी उत्सव कमेटी की ओर से शुक्रवार को निकाली गई शोभायात्रा में शामिल होने से पहले बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भुल्लर के पिता के गायब होने का मामला काफी पुराना है। उसमें अब क्या जांच होगी। इस मामले की जांच की मांग गैर जरूरी है। एक अन्य सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनकी सरकार ने वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर भुल्लर को हार्डकोर आतंकवादी करार दिया था।
बादल ने कहा कि भुल्लर मामले में कांग्रेस की अपनी नीति दोगली है। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के सुर अलग हैं। हम तो पंजाब में शांति और भाईचारा कायम रखने के लिए भुल्लर की सजा माफी के लिए प्रयास कर रहे हैं। भुल्लर मामले में सहयोगी पार्टी भाजपा की अलग राय के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका अपना मत है और इस मामले में हमारी उनसे कोई बात नहीं हुई है।
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सैनी के सवाल पर कुछ कहने से इंकार :
डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और भुल्लर मामले में किसे सही मानते हैं, उन्होंने पर भी कुछ कहने से इंकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि भुल्लर के पिता को गायब करवाने का आरोप चंडीगढ़ के तत्कालीन एसएसपी सुमेध सिंह सैनी पर लगा था, वह इन दिनों पंजाब के डीजीपी हैं। भुल्लर से जुड़े इसी मामले की जांच को लेकर वर्ष 2009 में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर भुल्लर को खतरनाक आतंकवादी बताया था।
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राम नवमी उत्सव कमेटी की ओर से शुक्रवार को निकाली गई शोभायात्रा में शामिल होने से पहले बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भुल्लर के पिता के गायब होने का मामला काफी पुराना है। उसमें अब क्या जांच होगी। इस मामले की जांच की मांग गैर जरूरी है। एक अन्य सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनकी सरकार ने वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर भुल्लर को हार्डकोर आतंकवादी करार दिया था।
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बादल ने कहा कि भुल्लर मामले में कांग्रेस की अपनी नीति दोगली है। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के सुर अलग हैं। हम तो पंजाब में शांति और भाईचारा कायम रखने के लिए भुल्लर की सजा माफी के लिए प्रयास कर रहे हैं। भुल्लर मामले में सहयोगी पार्टी भाजपा की अलग राय के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका अपना मत है और इस मामले में हमारी उनसे कोई बात नहीं हुई है।
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सैनी के सवाल पर कुछ कहने से इंकार :
डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और भुल्लर मामले में किसे सही मानते हैं, उन्होंने पर भी कुछ कहने से इंकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि भुल्लर के पिता को गायब करवाने का आरोप चंडीगढ़ के तत्कालीन एसएसपी सुमेध सिंह सैनी पर लगा था, वह इन दिनों पंजाब के डीजीपी हैं। भुल्लर से जुड़े इसी मामले की जांच को लेकर वर्ष 2009 में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर भुल्लर को खतरनाक आतंकवादी बताया था।