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Punjab: सतलुज किनारे बसे 45 गांवों में धड़ाधड़ बन रही अवैध शराब, चार माह में मिली 19 भट्ठियां
Mon, 19 Dec 2022 10:29 AM IST
निवेदिता वर्मा
मनमोहन सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
मनमोहन सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 19 Dec 2022 10:29 AM IST
सार
भट्ठियों से तैयार लाहन और अवैध शराब के सप्लायर जालंधर-लुधियाना बार्डर पर बसे गांव गन्ना के तस्कर हैं जो आसपास के गांवों और शहरों में उसे बेच रहे हैं।
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सतलुज किनारे बसे गांव से बरामद अवैध शराब।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब में सिर्फ सरकार बदली है हालात नहीं। कभी हंसदा, नच्चदा पंजाब अब नशे के लिये मशहूर है और युवाओं को लगी लत ने हजारों परिवार उजाड़ दिए तो कई के घर बिक गए। तस्करों ने पंजाबियों की युवा पीढ़ी की नस-नस में नशा घोल दिया है। जालंधर देहात में सतलुज दरिया के किनारे बसे 45 गांवों में बड़ी मात्रा में अवैध शराब तैयार होती है। शराब की छोटी फैक्टरियां धड़ल्ले से चल रही हैं। इनमें फिल्लौर, शाहकोट, लोहियां मेहतपुर, बिलगा, नूरहमल थानों के गांव हैं जो सतलुज दरिया से सटे हैं।
भट्ठियों से तैयार लाहन और अवैध शराब के सप्लायर जालंधर-लुधियाना बार्डर पर बसे गांव गन्ना के तस्कर हैं जो आसपास के गांवों और शहरों में उसे बेच रहे हैं। सतलुज दरिया से लगते और आसपास के गांवों में आबकारी विभाग और पुलिस दोनों की टीमें सक्रिय रहती हैं। पिछले 4 महीने में आबकारी विभाग के जालंधर ईस्ट और वेस्ट ए-बी की टीमों ने 706 स्थानों पर रेड की और सतलुज दरिया में पानी के बीच उभरे टापुओं पर ड्रोन से सर्च अभियान चलाया।
बालू में, छप्पड़ में तो कहीं गोबर के बीच गड्ढे में मिले लाहन के ड्रम
इनमें 19 चालू भट्ठियां मिलीं, कहीं बालू में, कहीं छप्पड़ में तो कहीं गोबर के बीच में गड्ढे खोदकर गाड़े गए लाहन के ड्रम बरामद हुए। आबकारी विभाग ने 6 लाख 87 हजार 590 लीटर लाहन और 3636 लीटर शराब बरामद की। आबकारी विभाग और पुलिस ने सप्लाई चेन ब्रेक करने के लिए पिछले 4 महीने में 604 नाके लगाए और सघन चेकिंग की, जिसमें 85 एफआईआर दर्ज कर 82 लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।
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इन गांवों में तैयार होती है अवैध शराब
ज्यादातर अवैध शराब बनाने वाले सतलुज दरिया के किनारे के गांवों के निवासी हैं। इनमें लोहियां के इस्माइलपुर, नसीनपुर, चाचेवाल, मंडाला, छन्ना, चक्क वडाला, मयानी, सिपली, बिलगा के गांव संगोवाल और न्योवाल, शाहकोट के गांव पर्जियां खुर्द, पट्टोकलां, नवां किला, सलेमा, खुर्रमपुर, सदीकपुर, थम्मूवाल, जाफरावाल, फकरूवाल, धंधोवाल, फाजलवाल, हाजीपुर, सारंगवाल, रायवाल, तलवंडी संघेडा, चक्क तारेवाल, फिल्लौर के गांव गन्ना, बिलगा, चक्कू साबू, कंग जगीर, लल्लियां, कादियां, वहीं सतलुज किनारे बसे गांव भोले, भुर्ज, संगोवाल, बुर्ज हसन, तिगाड़ा, जामियां, ढलवां, पिंड वीना, तरसेम दियां छन्ना, बूटे दियां छन्ना और कई गांव शामिल हैं।
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भट्ठियों से तैयार लाहन और अवैध शराब के सप्लायर जालंधर-लुधियाना बार्डर पर बसे गांव गन्ना के तस्कर हैं जो आसपास के गांवों और शहरों में उसे बेच रहे हैं। सतलुज दरिया से लगते और आसपास के गांवों में आबकारी विभाग और पुलिस दोनों की टीमें सक्रिय रहती हैं। पिछले 4 महीने में आबकारी विभाग के जालंधर ईस्ट और वेस्ट ए-बी की टीमों ने 706 स्थानों पर रेड की और सतलुज दरिया में पानी के बीच उभरे टापुओं पर ड्रोन से सर्च अभियान चलाया।
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बालू में, छप्पड़ में तो कहीं गोबर के बीच गड्ढे में मिले लाहन के ड्रम
इनमें 19 चालू भट्ठियां मिलीं, कहीं बालू में, कहीं छप्पड़ में तो कहीं गोबर के बीच में गड्ढे खोदकर गाड़े गए लाहन के ड्रम बरामद हुए। आबकारी विभाग ने 6 लाख 87 हजार 590 लीटर लाहन और 3636 लीटर शराब बरामद की। आबकारी विभाग और पुलिस ने सप्लाई चेन ब्रेक करने के लिए पिछले 4 महीने में 604 नाके लगाए और सघन चेकिंग की, जिसमें 85 एफआईआर दर्ज कर 82 लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।
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इन गांवों में तैयार होती है अवैध शराब
ज्यादातर अवैध शराब बनाने वाले सतलुज दरिया के किनारे के गांवों के निवासी हैं। इनमें लोहियां के इस्माइलपुर, नसीनपुर, चाचेवाल, मंडाला, छन्ना, चक्क वडाला, मयानी, सिपली, बिलगा के गांव संगोवाल और न्योवाल, शाहकोट के गांव पर्जियां खुर्द, पट्टोकलां, नवां किला, सलेमा, खुर्रमपुर, सदीकपुर, थम्मूवाल, जाफरावाल, फकरूवाल, धंधोवाल, फाजलवाल, हाजीपुर, सारंगवाल, रायवाल, तलवंडी संघेडा, चक्क तारेवाल, फिल्लौर के गांव गन्ना, बिलगा, चक्कू साबू, कंग जगीर, लल्लियां, कादियां, वहीं सतलुज किनारे बसे गांव भोले, भुर्ज, संगोवाल, बुर्ज हसन, तिगाड़ा, जामियां, ढलवां, पिंड वीना, तरसेम दियां छन्ना, बूटे दियां छन्ना और कई गांव शामिल हैं।