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अब पंजाब में भड़के किसान-मजदूर: कांग्रेस सरकार के खिलाफ रोके रेल ट्रैक, लोग रहे परेशान
Sun, 12 Dec 2021 03:15 PM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 12 Dec 2021 03:15 PM IST
सार
किसान अपनी कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें घर बनाने के लिए जमीन देने, रोजगार देने और मजदूरों से किए वायदे पूरे करने की मांग शामिल है।
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सुनाम में खेत मजदूर संगठन ने किया रेल ट्रैक जाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
किसान आंदोलन स्थगित होने के बाद पंजाब लौटे किसानों ने अब कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया है। रविवार को पंजाब में किसानों और मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर रेल ट्रैक जाम किए। सुनाम ऊधम सिंह वाला में ग्रामीण खेत मजदूर जत्थेबंदियों के सांझे मोर्चे के आह्वान पर रविवार को रेल रोको आंदोलन के तहत चार घंटे तक रेल ट्रैक पर धरना दिया गया। रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में खेत मजदूरों व महिलाओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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आंदोलन में शामिल पंजाब खेत मजदूर यूनियन, क्रांतिकारी ग्रामीण मजदूर यूनियन, देहाती सभा, मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब, क्रांतिकारी ग्रामीण मजदूर यूनियन पंजाब और खेत मजदूर सभा के प्रतिनिधियों गोबिन्द सिंह छाजली, हरभगवान सिंह मूनक, संजीव मिंटू, प्रगट सिंह काला झाड और निर्मल सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने मजदूरों के साथ वायदा खिलाफी की है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 23 नवंबर को चंडीगढ़ में सांझे मोर्चो के प्रतिनिधियों को मांगें लागू करने का एलान किया था। लेकिन अब तक एलान खोखले साबित हुए हैं।
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बेघर और जरूरतमंदों को पांच मरले जमीन देने, सहकारी सभाओं में आरक्षण, कर्ज माफ करने, बिजली मीटर बहाल करने, रसोई की खाने पीने वाली वस्तुएं सस्ते भाव पर देने के वायदे पूरे नहीं किए गए हैं। मजदूर नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की उक्त गतिविधि साबित करती है कि दलित, गरीब, मेहनतकश मजदूर को वोट जुमले के तौर पर लिया जा रह है। उन्होंने मांग की कि जरूरतमंद मजदूरों को घरों के लिए 10 मरले जमीन, घर बनाने के लिए 50 हजार रुपये, सभी योग्य कामगारों को मनरेगा के तहत पूरा साल काम, दिहाड़ी 600 रुपये, मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम कसने, बुढ़ापा और विधवा पेंशन 5000 रुपये करवाने, मजदूरों व गरीबों के सरकारी व गैर सरकारी कर्ज को माफ करना, ब्याज मुक्त कर्ज देने, जनतक वितरण प्रणाली को मजबूत करने, रसोई गैस आधे रेट पर देने, बिजली, पानी, शिक्षा व सेहत सहूलियतें बिल्कुल मुफ्त देने की मांग पूरी की जाए।
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