{"_id":"67fc8e0c7a1a85094602f064","slug":"six-month-old-child-died-in-phagwara-doctor-ruckus-by-parents-2025-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत: परिजनों ने लगाए डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने के आरोप, हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
छह माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत: परिजनों ने लगाए डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने के आरोप, हंगामा
Mon, 14 Apr 2025 09:54 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 14 Apr 2025 09:54 AM IST
सार
बच्ची को दस्त लगे थे। बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने ग्लूकोज में दो इंजेक्शन डाल दिए और बच्ची तड़पने लगी और उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
बिलखते परिजन।
- फोटो : संवाद
विस्तार
फगवाड़ा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान 6 महीने की बच्ची की मौत हो जाने के बाद मरीज के परिजनों ने डाक्टर पर आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंची सिटी पुलिस ने परिजनों को शांत करवाया तथा दोनों पक्षों में समझौता करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बच्ची को दस्त लगे थे तथा उसे इलाज के लिए डा. चिमन अरोड़ा के पास ले जाया गया था। मृतक बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने ग्लूकोज में दो इंजेक्शन डाल दिए और बच्ची तड़पने लगी और उसकी मौत हो गई। जिससे परिजन भड़क गए और अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी हालांकि परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल का शीशा डाक्टर द्वारा आक्सीजन गैस सिलेंडर फेंकने से टूटा है। हंगामे के कारण मौके पर पहुंची थाना सिटी पुलिस ने मरीज के परिजनों को शांत करवाया। मृतक के परिजनों ने डाक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
डा. चिमन अरोड़ा ने बताया कि 6 महीने की बच्ची को दस्त लगे थे तथा जब उनके पास इलाज के लिए लाया गया वह सीरियस कंडीशन में थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने मरीज को जालंधर ले जाने के लिए बोला था लेकिन बच्ची के परिजनों ने कहा कि आप इमरजेंसी ट्रीटमेंट दे दो। परिजनों के कहने पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट शुरू कर दिया, जिस दौरान बच्ची की मौत हो गई। एएसआई सुखविंदर सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे वहां पर मरीज के परिजन हंगामा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों पार्टियों में समझौते की बात चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बच्ची को दस्त लगे थे तथा उसे इलाज के लिए डा. चिमन अरोड़ा के पास ले जाया गया था। मृतक बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने ग्लूकोज में दो इंजेक्शन डाल दिए और बच्ची तड़पने लगी और उसकी मौत हो गई। जिससे परिजन भड़क गए और अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी हालांकि परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल का शीशा डाक्टर द्वारा आक्सीजन गैस सिलेंडर फेंकने से टूटा है। हंगामे के कारण मौके पर पहुंची थाना सिटी पुलिस ने मरीज के परिजनों को शांत करवाया। मृतक के परिजनों ने डाक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
डा. चिमन अरोड़ा ने बताया कि 6 महीने की बच्ची को दस्त लगे थे तथा जब उनके पास इलाज के लिए लाया गया वह सीरियस कंडीशन में थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने मरीज को जालंधर ले जाने के लिए बोला था लेकिन बच्ची के परिजनों ने कहा कि आप इमरजेंसी ट्रीटमेंट दे दो। परिजनों के कहने पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट शुरू कर दिया, जिस दौरान बच्ची की मौत हो गई। एएसआई सुखविंदर सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे वहां पर मरीज के परिजन हंगामा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों पार्टियों में समझौते की बात चल रही है।
विज्ञापन