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Punjab: युवती पर अत्याचार करने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज
Mon, 24 Jul 2023 02:02 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 24 Jul 2023 02:02 AM IST
सार
जज के घर से 22 तोले सोना और 20 हजार रुपये की नकदी चोरी के मामले में युवती को अवैध हिरासत में रखकर थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगा था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र में युवती के साथ अत्याचार करने के मामले में पुलिस विभाग के 2 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिनमें एक एएसआई अश्विनी कुमार और दूसरा मंगल सिंह है।
दोनों के खिलाफ धारा 330 और 348 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जज के घर से 22 तोले सोना और 20 हजार रुपये की नकदी चोरी के मामले में थाना सिटी के एसएचओ गुरमीत सिंह, एएसआई अश्विनी शर्मा और एएसआई मंगल सिंह पर युवती को अवैध हिरासत में रखकर थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगा था।
युवती को बुरी तरह से किया गया था प्रताड़ित
युवती को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था। हालांकि उस समय पुलिस ने इससे पूरी तरह से इंकार कर जांच करने की बात कही थी। आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज होने की पुष्टि थाना सिटी की प्रभारी करिश्मा ने की है। हालांकि एफआईआर में एसएचओ गुरमीत सिंह का नाम शामिल नहीं है। पीड़िता ममता (23) की मेडिकल लीगल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि उसे कई चोटें पहुंची थीं। युवती का आरोप था कि उसे करंट तक लगाया गया था।
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मामले की जांच करने को कहा गया था
घटना का संज्ञान लेते हुए डीजीपी गौरव यादव ने एसएसपी दयामा हरीश कुमार ओम प्रकाश को उक्त पुलिस अधिकारियों को लाइन हाजिर करने के अलावा मामले की जांच करने को कहा गया था। बाद में इस मामले में उक्त तीनों पुलिस अधिकारियों के अलावा जज के गनमैन सरवन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। एसपी रैंक की अधिकारी जसवंत कौर को मामले की जांच सौंपी गई थी, जो अभी भी जारी है। इस घटना के विरोध में अलग अलग संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
क्या है मामला
गांव आलेचक्क निवासी ममता (23) पुत्री तरसेम मसीह ने बताया था कि वह जज के घर साफ-सफाई का काम करती है। जज के घर में चोरी के संदेह में उसे थाना सिटी पुलिस ने घर से शनिवार सुबह 11 बजे उठा लिया। पुलिस ने उसके घर की भी गहनता से तलाशी ली, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
उसका आरोप था कि इसके बाद थाना सिटी एसएचओ गुरमीत सिंह और तीन अन्य एएसआई उसे उठाकर पुलिस क्वार्टरों में ले गए। वहां पर उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। उसे दो दिन तक सरकारी क्वार्टरों में रखकर अत्याचार किया गया। बाद में उसके गांव के सरपंच कुलवंत सिंह को बुलाकर उसे घर भेज दिया गया।
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दोनों के खिलाफ धारा 330 और 348 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जज के घर से 22 तोले सोना और 20 हजार रुपये की नकदी चोरी के मामले में थाना सिटी के एसएचओ गुरमीत सिंह, एएसआई अश्विनी शर्मा और एएसआई मंगल सिंह पर युवती को अवैध हिरासत में रखकर थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगा था।
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युवती को बुरी तरह से किया गया था प्रताड़ित
युवती को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था। हालांकि उस समय पुलिस ने इससे पूरी तरह से इंकार कर जांच करने की बात कही थी। आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज होने की पुष्टि थाना सिटी की प्रभारी करिश्मा ने की है। हालांकि एफआईआर में एसएचओ गुरमीत सिंह का नाम शामिल नहीं है। पीड़िता ममता (23) की मेडिकल लीगल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि उसे कई चोटें पहुंची थीं। युवती का आरोप था कि उसे करंट तक लगाया गया था।
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मामले की जांच करने को कहा गया था
घटना का संज्ञान लेते हुए डीजीपी गौरव यादव ने एसएसपी दयामा हरीश कुमार ओम प्रकाश को उक्त पुलिस अधिकारियों को लाइन हाजिर करने के अलावा मामले की जांच करने को कहा गया था। बाद में इस मामले में उक्त तीनों पुलिस अधिकारियों के अलावा जज के गनमैन सरवन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। एसपी रैंक की अधिकारी जसवंत कौर को मामले की जांच सौंपी गई थी, जो अभी भी जारी है। इस घटना के विरोध में अलग अलग संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
क्या है मामला
गांव आलेचक्क निवासी ममता (23) पुत्री तरसेम मसीह ने बताया था कि वह जज के घर साफ-सफाई का काम करती है। जज के घर में चोरी के संदेह में उसे थाना सिटी पुलिस ने घर से शनिवार सुबह 11 बजे उठा लिया। पुलिस ने उसके घर की भी गहनता से तलाशी ली, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
उसका आरोप था कि इसके बाद थाना सिटी एसएचओ गुरमीत सिंह और तीन अन्य एएसआई उसे उठाकर पुलिस क्वार्टरों में ले गए। वहां पर उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। उसे दो दिन तक सरकारी क्वार्टरों में रखकर अत्याचार किया गया। बाद में उसके गांव के सरपंच कुलवंत सिंह को बुलाकर उसे घर भेज दिया गया।