पंजाब में बड़ा एक्शन: NIA ने 58 जगहों पर मारे छापे, पुलिस ने भी 143 ठिकानों पर दी दबिश, दो को हिरासत में लिया
जांच एजेंसी ने पंजाब सरकार को पत्र भेजकर गैंगस्टरों व आतंकियों की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है। इनमें 12 गैंगस्टरों की संपत्ति फिरोजपुर में है। तरनतारन में 11 और अमृतसर में 10 गैंगस्टरों ने संपत्ति बनाई है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को पंजाब में आतंकी, गैंगस्टर व तस्कर गठजोड़ को तोड़ने के लिए 58 ठिकानों पर छापे मारे। बठिंडा और मुक्तसर में दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। वहीं, पंजाब पुलिस ने भी 143 ठिकानों पर जांच की। एनआईए की कार्रवाई विदेश से फंडिंग, टारगेट किलिंग और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में की गई है।
जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसी और पुलिस टीमों मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई के दौरान आतंकियों, गैंगस्टरों व तस्करों के मददगारों से पूछताछ की गई। उन्हें विदेश से मिलने वाली फंडिंग की जानकारी मांगी गई। सारी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई गई। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी रहेगी।
एनआईए की कोशिश यह थी कि सुबह-सुबह संबंधित ठिकानों पर पहुंचा जाए, ताकि आरोपियों को भी दबोचा जा सके। ऑपरेशन में जो वाहन इस्तेमाल किए गए वह सारे दिल्ली, हरियाणा और यूपी नंबर के थे। साथ ही पुलिस की टीमें भी रहीं। ऑपरेशन के दौरान संबंधित लोगों को मोबाइल फोन आदि का प्रयोग नहीं करने दिया गया। इससे पहले अप्रैल में भी एनआईए ने पंजाब के 57 गैंगस्टरों और आतंकियों की संपत्ति जब्त करने के लिए कार्रवाई शुरू की थी।
जांच एजेंसी ने पंजाब सरकार को पत्र भेजकर गैंगस्टरों व आतंकियों की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है। इनमें 12 गैंगस्टरों की संपत्ति फिरोजपुर में है। तरनतारन में 11 और अमृतसर में 10 गैंगस्टरों ने संपत्ति बनाई है। इसके अलावा कपूरथला, मोगा, मोहाली, फाजिल्का, मुक्तसर, गुरदासपुर और होशियारपुर में भी अपराधियों व आतंकियों ने संपत्ति बनाई है।
इन जिलों में हुई कार्रवाई
एजेंसी की टीमों ने बठिंडा, पटियाला, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन, मोहाली, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब और मुक्तसर जिलों में कार्रवाई की। जालंधर में गैंगस्टर पुनीत व लल्ली के घर पर छापा मारा गया। पुनीत व उसके दोस्त लल्ली का नाम संदीप नंगल अंबियां हत्याकांड में भी आया था।
अमृतसर जिले में पांच जगहों पर दबिश देकर जांच की और कई लोगों से पूछताछ की। टीम पहले व्हाइट हाउस स्थित एक फाइनांस कंपनी के मालिक के घर पहुंची। फतेहगढ़ साहिब और नवांशहर जिले की तहसील बलाचौर में भी दो जगह छापेमारी की। फिरोजपुर के गांव सतिया वाला, मुदकी व तलवंडी भाई में कई घरों में कार्रवाई की गई।
बठिंडा में जेजम खोखर नामक युवक को हिरासत में लिया गया है। मुक्तसर में एनआईए ने दो जगह रेड की। यहां कोटकपूरा रोड मुक्तसर में धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रमन भंगचढ़ी के घर पर छापा मारा। मुक्तसर के गांव सिखवाला से एक युवक को टीम पूछताछ के लिए हिरासत में साथ लेकर गई है। यह युवक सैनिक का भाई है और खुद पेंटर है। बरनाला, रोपड़ और मोहाली में भी टीम ने कार्रवाई की।
इन तीन मामलों से जुड़े हैं कार्रवाई के तार
यह कार्रवाई साल 2022 में दर्ज की गई तीन एफआईआर के संबंध में है। तीनों केस एनआईए ने दिल्ली में दर्ज किए थे। एजेंसी ने इस साल 25 जनवरी को दीपक रंगा को गिरफ्तार किया, जो मई 2022 में मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले का मुख्य शूटर था। उसे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने 20 सितंबर, 2022 को भी एक मामला दर्ज किया था, जब यह सामने आया था कि विदेश में स्थित आतंकवादी संगठन और आतंकी ग्रुप टारगेट किलिंग और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए नेताओं व संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। एक व्यापक अंतरराज्यीय नेटवर्क के माध्यम से सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक, आईईडी आदि की तस्करी में लगा हुआ था।
इन गैंगस्टरों और आतंकियों में गोल्डी बराड़, लखबीर सिंह लंडा, लॉरेंस बिश्नोई, सचिन बिश्नोई, गौरव पटियाला और भूप्पी राना और काला जठेरी जैसे गैंगस्टरों के नाम शामिल थे। जांच सामने आया था कि उक्त गैंग सोशल मीडिया के जरिए अपना प्रभाव दिखाते हैं। इनमें से कुछ गैंग जेलों से चल रहे हैं। यह युवाओं को आपराधिक गतिविधियों में शामिल करवाते हैं। वह इस काम के लिए फंड भी जुटाते हैं।
मनदीप का नाम टेरर फंडिंग में सामने आया
गांव फिरोजपुर बांगर में चल रही एनआईए की दबिश खत्म हो गई। वे वहां से काले बैग में कोई दस्तावेज लेकर गए हैं। इन बैग में क्या है इस बारे में अभी पुष्टि नहीं हुई है। एनआईए के अधिकारी अभी कुछ भी नहीं कह रहे हैं। वहीं मनदीप सिंह के माता-पिता ने कहा कि वह अनपढ़ है और उन्हें इस बारे में कुछ ज्यादा पता नहीं है। उनका बेटा दुबई में रहता है। वही उसकी पत्नी और उसका बेटा 6 मई को ही दुबई के लिए गए हैं।
सूत्रों से पता चला है कि अमृतपाल से पूछताछ के बाद मनदीप का नाम टेरर फंडिंग में आया है। इसी के आधार पर एनआईए ने उसके घर में दबिश देकर कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं लेकिन अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं।
फेज-3बी2, होमलैंड और बहलोलपुर में भी दी दबिश
पता चला है कि एनआईए ने मोहाली स्थित फेज-3बी2, होमलैंड और गांव बहलोलपुर में भी दबिश दी है। एनआईए ने होमलैंड सोसाइटी में रात करीब 2:30 बजे दबिश दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि टीम 2:30 बजे सोसाइटी में पहुंची थी। वह जिस आदमी का नाम पूछ रहे थे वह सोसाइटी में नहीं रहता था। इसके बाद टीम करीब 5 घंटे तक टीम सोसाइटी के गेट पर ही उसके आने की उम्मीद में बैठी रही लेकिन उस आदमी के बारे में कुछ पता नहीं चलने पर सुबह करीब 7:30 बजे लौट गई।